फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   सेहत का रखे ख्याल, थायरॉइड बन सकता है काल

सेहत का रखे ख्याल, थायरॉइड बन सकता है काल

Fri, 24 May 2019 11:43 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 24 May 2019 11:43 PM IST
विज्ञापन
सेहत का रखे ख्याल, थायरॉइड बन सकता है काल
सहारनपुर। आज विश्व थायरॉइड दिवस है। यह बीमारी बदलते परिवेश में बिगड़े खानपान की वजह से होती है। सर्वाधिक महिलाएं इस बीमारी की चपेट में आती हैं। सेहत का ख्याल रखने में जरा सी लापरवाही इसका कारण बनती है। लिहाजा थायरॉइड से बचने के लिए जरूरी है कि खानपान का ध्यान रखें। मोटापा न बढ़ने दें, ताकि यह बीमारी जानलेवा साबित न हो सकें।
विज्ञापन

थायरॉइड एक धनुष के आकार की ग्रंथि है जो आपकी गर्दन में मौजूद होता है। थायरॉइड विकार बहुत आम है, जिसकी संभावना जीवन में 30 फीसदी तक होती है। इससे बचने का सबसे बढ़िया तरीका, स्वस्थ थायरॉइड को बनाए रखना है। थायरॉइड बीमारी की शिकार सबसे ज्यादा महिलाएं हो रही हैं। सहारनपुर जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डाक्टर आरके टंडन बताते हैं कि जिला अस्पताल में प्रतिदिन 10 से 12 मरीज थायरॉइड के पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि थायरॉइड से बचाव के लिए खानपान संतुलित होना जरूरी है। वहीं, डाक्टर संजीव मिगलानी का कहना है कि कुछ आवश्यक टिप्स के जरिये इस बीमारी से बचा जा सकता है, उसके लिए जागरूकता होनी जरूरी है। जैसे ही इस बीमारी के लक्षण दिखाई दें, तो सावधानी बरतनी चाहिए और खानपान में बदलाव लाया जाए।
विज्ञापन

संतुलित आहार
थायरॉइड को स्वस्थ बनाए रखने के लिए संतुलित आहार सबसे जरूरी है। आंतों में सूजन थायरॉइड की समस्याओं का कारण बन सकती है। इस तरह किसी भी समस्या को रोकने के लिए संतुलित आहार लेना जरूरी है। प्रतिदिन चार से पांच तरह की सब्जी और तीन से चार तरह के फल का सेवन जरूर करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रोसेस्ड फूड से बनाएं दूरी
प्रोसेस्ड फूड को संतुलित आहार में शामिल नहीं किया जा सकता । जिन खाद्य पदार्थों में चीनी, रंग, कृत्रिम स्वाद और स्वीर्ट्स शामिल हैं उन्हें आहार में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। इसके साथ ही वसा मुक्त, चीनी मुक्त और कम वसा वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करने से बचना चाहिए। अक्सर आयोडीन की कमी से थायरॉइड की समस्या उत्पन्न होती है। उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं में ये समस्या आम है।
मोटापा से बचें
थायरॉइड समस्याओं का मुख्य कारण मोटापा हो सकता है। इसलिए एक स्वस्थ थायरॉइड के लिए मोटापे से दूर रहे। अध्ययनों के अनुसार 40 बीएमआई वाले या उससे अधिक लोगों के पास थोड़ा कम थायरॉइड फंक्शन होता है।

थायरॉइड बीमारी के प्रकार
- हाइपो थायरॉइड, हाइपर थायरॉइड, गोयटर और थायरॉइड कैंसर
हाइपो थायरॉइड के लक्षण
शरीर में थकान होना, बालों का झड़ना, पूरे शरीर में सूजन आना, काम करने की क्षमता कम हो जाना, गले में घुटन महसूस करना, बहुत ज्यादा नींद आना, वजन बढ़ना, महिलाओं का मासिक धर्म में गड़बड़ होना, शुष्क त्वचा, चिड़चिड़ापन, ठंड सहन न होना, कम पसीना आना और कब्ज होना। इस बीमारी के होने पर शलजम, चकुंदर, बंदगोभी, बक्रोली, जों, सोया और कॉफी से परहेज करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed