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17 करोड़ के नकली नोट: डेढ़ साल से करेंसी चेस्ट में तैनात था हाउस कीपर, सीसीटीवी में गड्डी से नोट निकालता दिखा

Thu, 03 Sep 2026 01:50 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर Published by: Sharukh Khan Updated Thu, 03 Sep 2026 01:50 PM IST
सार

पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की करेंसी चेस्ट में नकली नोटों की संख्या करीब 29 लाख रुपये और बढ़ गई है। अब कुल नकली नोटों की संख्या 17 करोड़ 29 लाख रुपये तक पहुंच गई है।

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Fake notes worth ₹17 crore Housekeeper had been posted at the currency chest for a year and a half
fake currency notes - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की करेंसी चेस्ट में 17 करोड़ के जाली नोट मामले में आरोपी हाउस कीपर के परिजनों ने दावा किया है कि पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है, जिससे पूछताछ की जा रही है। हालांकि पुलिस की तरफ से इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा रही।
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बता दें कि करेंसी चेस्ट के मामले में दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। एक प्राथमिकी में जाली नोट का जिक्र है और दूसरी में 4.30 लाख रुपये गायब होने की जानकारी दी गई है। जांच में आया था कि बालेली गांव निवासी आरोपी पार्ट टाइम हाउस कीपर विशाल की एक सीसीटीवी फुटेज मिली थी, जिसमें वह गड्डी से नोट निकालता हुआ दिखाई दे रहा है। 
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परिजनों के अनुसार, मंगलवार देर रात पुलिस घर पहुंची और विशाल को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। विशाल के पिता बीरम सिंह ने बताया कि बार-बार पूछने के बाद भी पुलिस टीम ने ज्यादा जानकारी नहीं दी।
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परिजनों के अनुसार, विशाल पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट में पार्ट टाइम हाउस कीपर के पद पर तैनात था। बीरम सिंह ने बताया कि उनका परिवार खेती-बाड़ी करता है। बड़ा बेटा और उनकी पत्नी पीएनबी की सहारनपुर शाखा में तैनात हैं। 
 

उनसे छोटा बेटा ग्रामीण बैंक में कार्यरत है, जबकि एक अन्य बेटा निजी नौकरी करता है। विशाल सबसे छोटा है और पीएनबी में सफाई कर्मचारी के पद पर करीब चार वर्ष से नौकरी कर रहा था। करीब डेढ़ वर्ष से उसकी तैनाती करेंसी चेस्ट में थी।

सहारनपुर : पीएनबी करेंसी चेस्ट में और मिले 29 लाख के नकली नोट
पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की करेंसी चेस्ट में नकली नोटों की संख्या करीब 29 लाख रुपये और बढ़ गई है। अब कुल नकली नोटों की संख्या 17 करोड़ 29 लाख रुपये तक पहुंच गई है। उधर, बुधवार को लखनऊ से आरबीआई के कई अन्य अधिकारी भी पहुंचे और फॉरेंसिक टीम के साथ दिनभर छानबीन की।

 

वहीं जिन पर प्राथमिकी दर्ज हुई थी उनके स्थान पर नया स्टाफ तैनात किया गया है। मामले में आरोपी पार्टटाइम हाउसकीपर विशाल को पुलिस ने हिरासत में लिया है। उससे पूछताछ चल रही है। हालांकि पुलिस इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं कर रही है। वहीं मामले की जांच के लिए बृहस्पतिवार को एनआईए की टीम भी आ सकती है।

घंटाघर स्थित पीएनबी की करेंसी चेस्ट में नकली नोट मिलने के मामले में आरबीआई, पीएनबी, एसआईटी और फॉरेंसिक टीम अपने-अपने स्तर पर जांच कर रही हैं। नोटों की गिनती की जा रही है। सबसे पहले सात करोड़ 40 लाख रुपये जाली पाए गए थे। इसके बाद संख्या बढ़कर 17 करोड़ तक पहुंच गई। अब करीब 29 लाख के नकली नोट और मिले हैं। जांच कर रही टीम के सदस्य भी हैरान की इतनी बड़ी संख्या में जाली नोटों की खेप चेस्ट के अंदर कैसी पहुंची?

लखनऊ से आरबीआई के कई और अधिकारी और पांच सदस्यीय फॉरेंसिक टीम सुबह करीब 11 बजे सोफिया मार्केट स्थित करेंसी चेस्ट ब्रांच पहुंचे। उपस्थिति दर्ज कराने के साथ ही टीम ने मौके पर मौजूद अन्य जांच टीमों को जानकारी दी। नोटों की गिनती देर शाम तक भी जारी थी। 

बैंक की तरफ से जो जानकारी दी गई है कि उसके अनुसार नकली नोटों की कुल संख्या 17 करोड़ 29 लाख रुपये तक पहुंच गई है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। फरार आरोपियों के घर भी खंगाले गए हैं। व्योम बिंदल, एसपी सिटी

मेरठ भी पहुंचे अधिकारी
सहारनपुर में करेंसी चेस्ट में मिले जाली नोट के जांच का दायरा बढ़ गया है। बुधवार को मेरठ बाईपास स्थित वेदव्यासपुरी के पीएनबी हेड ऑफिस का मुख्य द्वार बंद कर शाम तक जांच की गई। पीएनबी के जीएम अजय कुमार टिबरेवाल के पीए सचिन बिश्नोई का कहना था कि सभी जानकारी सहारनपुर से ही दी जा सकती है। 
 

टीम इन बिंदुओं पर कर रही जांच
फॉरेंसिक टीम चेस्ट में मौजूद फिंगर प्रिंट, सीसीटीवी के साथ अन्य सबूतों को खंगाल रही है। बताया जा रहा कि करेंसी चेस्ट के स्ट्रांग रूम में प्रवेश के लिए काफी औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं। प्रवेश से पहले फिंगर प्रिंट स्कैन किया जाता है। फिंगर प्रिंट के सत्यापन के बाद ही अगली प्रक्रिया शुरू होती है। स्ट्रांग रूम की दो चाबियां होती हैं, जो अलग-अलग लोगों के पास होती हैं। स्ट्रांग रूम को खोलने के लिए दोनों चाबियों का इस्तेमाल करना पड़ता है।

दोनों चाबियों के लगने और दोनों व्यक्तियों के फिंगर प्रिंट स्कैन होने के बाद ही स्ट्रांग रूम में प्रवेश हो पाता है। फॉरेंसिक टीम यह पता लगा रही है कि स्ट्रांग रूम में नकली नोट रखने के लिए सिस्टम से छेड़छाड़ तो नहीं की गई? यह भी देखा कि नकली नोटों में किस तरह का कागज, स्याही और प्रिंटर का इस्तेमाल किया गया है। जांच का जिम्मा हेड ऑफिस और आरबीआई की टीम ने संभाला हुआ है।

यह था मामला
करेंसी चेस्ट में 17 करोड़ के जाली नोट मिलने के मामले में नोडल अधिकारी अरुण कुमार चौबे की तरफ से अलग-अलग दो मामलों में सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोपियों में वरिष्ठ प्रबंधक मंडल कार्यालय रवि कुमार कांसे, करेंसी चेस्ट प्रबंधक शर्मा, करेंसी चेस्ट खरा बाजार जगाधरी के प्रबंधक अमित कुमार और पार्ट टाइम हाउस कीपर विशाल शामिल है।
 
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