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जिले के कई गांवों में तैयार हो रही है कच्ची शराब
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सहारनपुर। जहरीली शराब पीने से लगभग डेढ़ दर्जन हुई मौतों ने पुलिस एवं प्रशासन की अवैध शराब बिक्री पर रोकथाम के दावों की पोल खोल कर रख दी है। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी दावा कर रहे हैं कि हरिद्वार के ग्राम बालूपुर से शराब पीकर आए और सहारनपुर में आकर उनकी मौत हो गई, जबकि सहारनपुर में भी शराब तैयार किए जाने एवं बिक्री किए जाने का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है।
जिले में शुक्रवार को हुई मौतों को लेकर प्रशासन एवं पुलिस का दावा है कि सहारनपुर में जहरीली शराब नहीं बिक रही, लोग हरिद्वार के थाना झबरेड़ा के ग्राम बालूपुर से ही जहरीली शराब पीकर आए थे। जिनकी सहारनपुर में आकर मौत हो गई, लेकिन उमाही के लोगों का कहना है कि गांव में ही शराब की बिक्री की जा रही थी।
सिर्फ ग्राम उमाही ही नहीं जिले के देहात क्षेत्र में न सिर्फ शराब की अवैध बिक्री की जा रही है, बल्कि यहां शराब तैयार भी की जा रही है। शहर के कुतुबशेर में कई बार महिलाओं को भी शराब की बिक्री करते हुए पकड़ा गया है। गागलहेड़ी थाना क्षेत्र के कुछ गांवों में बड़े पैमाने पर कच्ची शराब निकाली और बेची जा रही है। कई ग्राम प्रधानों ने पुलिस से शराब बिक्री बंद कराने की मांग कर चुके हैं। मगर आज तक पुलिस या आबकारी विभाग ने कोई कार्यवाही नहीं की है। बड़गांव के ग्राम झबीरन, भगवानपुर, दल्हेड़ी, शिमलाना, खुदाबक्सपुर माजरा, सिसौनी शब्बीरपुर, अंबेहटा चांद में कच्ची शराब तैयार किए जाने की शिकायतें लगातार पुलिस से की जा रहीं हैं। झबीरन में कुछ स्थानों पर तो अनाज के बदले परचून की दुकानों पर कच्ची शराब मिल रही है। छापामारी में गांव के जंगल में दबा हजारों लीटर लाहन नष्ट भी किया गया था। यही नहीं इस गांव के शराब बनाने के आरोपियों की महिलाओं ने पुलिस प्रशासन पर पथराव तक कर दिया था। वर्ष 2010 में बड़गांव के गांव भटपुरा में भी दो लोगों की कच्ची शराब पीने से मौत हुई थी।
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गागलहेड़ी थाना क्षेत्र के खजूरी अकबरपुर, नन्हेड़ा, बेद बेगमपुर, नागल अहीर, फिराहेड़ी, गडोला, बेहड़ी गुज्जर, कोलकी कला, ढाला माजरा, घड़कोली, चुन्हेटी शेख, खरखड़ी, शरबतपुर में में लोगों को कई बार पकड़ा जा चुका है। शरबतपुर मे एक व्यक्ति को एक महीना पहले ईख के खेत में कच्ची शराब की भट्टी सहित पकड़ा था। अंबेहटा के ग्राम ढायकी, शेरपुर, कैंडल, चापरचीडी भी शराब की बिक्री की शिकायतें पुलिस को मिलती रहतीं हैं। देहात कोतवाली के गांव मढ़ के आसपास से वर्षों से आस-पास के गांव में शराब सप्लाई की जा रही है। नकुड़ के गांव नठोड़ी, फतेपुर जट, सहसपुर जट, टाबर, रानीपुर, सिरसका, किशनपुरा, गंगोह के गांव गुड़छप्पर, शकरपुर, राजपुर लतीफपुर, दैदनोर, वजीरपुर, बड़गांव और सांगाठेडा में कच्ची शराब बनाने की शिकायतें पुलिस को मिलती रहीं हैं। अनेक बार पुलिस यहां छापेमारी कर शराब की भट्टियां ध्वस्त करा चुकी है। रामपुर मनिहारन के ग्राम जानखेड़ा, कुराली, घाटेडा, भांकला, चकवाली, सिखेड़ा, लखनौती, गंगोह कोतवाली क्षेत्र के गांव बानू खेड़ी, राजपुर डबकोला समेत कई गांव यमुना नदी से सटे होने के कारण इन गांवों में हरियाणा से भारी मात्रा में शराब तस्करी की जाती है। नानौता क्षेत्र के ग्राम ढाकादेई, अनंतमऊ, भावसीरायपुर, सोना अर्जुनपुर, ओलरा, फतेहपुर, भोजपुर आदि में कसीदगी एवं कच्ची शराब बेची जाती हैं। कोतवाली बेट क्षेत्र के गांव मेघनमजरा, नगला खुर्द, फतेहपुर कलां, आलमपुर खुर्द, मिर्जापुर थाना के गांव जाटोवाला, शेरपुर पेलो, रोशनपुर पेलो, शफीपुर, रायपुर, भुड्डी, भागू वाला, रहणा शाहपुर बांस आदि गांवो में कच्ची शराब की कसीदगी की शिकायतें कई बार लोगों ने पुलिस एवं प्रशासन से की है।
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जिले में शुक्रवार को हुई मौतों को लेकर प्रशासन एवं पुलिस का दावा है कि सहारनपुर में जहरीली शराब नहीं बिक रही, लोग हरिद्वार के थाना झबरेड़ा के ग्राम बालूपुर से ही जहरीली शराब पीकर आए थे। जिनकी सहारनपुर में आकर मौत हो गई, लेकिन उमाही के लोगों का कहना है कि गांव में ही शराब की बिक्री की जा रही थी।
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सिर्फ ग्राम उमाही ही नहीं जिले के देहात क्षेत्र में न सिर्फ शराब की अवैध बिक्री की जा रही है, बल्कि यहां शराब तैयार भी की जा रही है। शहर के कुतुबशेर में कई बार महिलाओं को भी शराब की बिक्री करते हुए पकड़ा गया है। गागलहेड़ी थाना क्षेत्र के कुछ गांवों में बड़े पैमाने पर कच्ची शराब निकाली और बेची जा रही है। कई ग्राम प्रधानों ने पुलिस से शराब बिक्री बंद कराने की मांग कर चुके हैं। मगर आज तक पुलिस या आबकारी विभाग ने कोई कार्यवाही नहीं की है। बड़गांव के ग्राम झबीरन, भगवानपुर, दल्हेड़ी, शिमलाना, खुदाबक्सपुर माजरा, सिसौनी शब्बीरपुर, अंबेहटा चांद में कच्ची शराब तैयार किए जाने की शिकायतें लगातार पुलिस से की जा रहीं हैं। झबीरन में कुछ स्थानों पर तो अनाज के बदले परचून की दुकानों पर कच्ची शराब मिल रही है। छापामारी में गांव के जंगल में दबा हजारों लीटर लाहन नष्ट भी किया गया था। यही नहीं इस गांव के शराब बनाने के आरोपियों की महिलाओं ने पुलिस प्रशासन पर पथराव तक कर दिया था। वर्ष 2010 में बड़गांव के गांव भटपुरा में भी दो लोगों की कच्ची शराब पीने से मौत हुई थी।
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गागलहेड़ी थाना क्षेत्र के खजूरी अकबरपुर, नन्हेड़ा, बेद बेगमपुर, नागल अहीर, फिराहेड़ी, गडोला, बेहड़ी गुज्जर, कोलकी कला, ढाला माजरा, घड़कोली, चुन्हेटी शेख, खरखड़ी, शरबतपुर में में लोगों को कई बार पकड़ा जा चुका है। शरबतपुर मे एक व्यक्ति को एक महीना पहले ईख के खेत में कच्ची शराब की भट्टी सहित पकड़ा था। अंबेहटा के ग्राम ढायकी, शेरपुर, कैंडल, चापरचीडी भी शराब की बिक्री की शिकायतें पुलिस को मिलती रहतीं हैं। देहात कोतवाली के गांव मढ़ के आसपास से वर्षों से आस-पास के गांव में शराब सप्लाई की जा रही है। नकुड़ के गांव नठोड़ी, फतेपुर जट, सहसपुर जट, टाबर, रानीपुर, सिरसका, किशनपुरा, गंगोह के गांव गुड़छप्पर, शकरपुर, राजपुर लतीफपुर, दैदनोर, वजीरपुर, बड़गांव और सांगाठेडा में कच्ची शराब बनाने की शिकायतें पुलिस को मिलती रहीं हैं। अनेक बार पुलिस यहां छापेमारी कर शराब की भट्टियां ध्वस्त करा चुकी है। रामपुर मनिहारन के ग्राम जानखेड़ा, कुराली, घाटेडा, भांकला, चकवाली, सिखेड़ा, लखनौती, गंगोह कोतवाली क्षेत्र के गांव बानू खेड़ी, राजपुर डबकोला समेत कई गांव यमुना नदी से सटे होने के कारण इन गांवों में हरियाणा से भारी मात्रा में शराब तस्करी की जाती है। नानौता क्षेत्र के ग्राम ढाकादेई, अनंतमऊ, भावसीरायपुर, सोना अर्जुनपुर, ओलरा, फतेहपुर, भोजपुर आदि में कसीदगी एवं कच्ची शराब बेची जाती हैं। कोतवाली बेट क्षेत्र के गांव मेघनमजरा, नगला खुर्द, फतेहपुर कलां, आलमपुर खुर्द, मिर्जापुर थाना के गांव जाटोवाला, शेरपुर पेलो, रोशनपुर पेलो, शफीपुर, रायपुर, भुड्डी, भागू वाला, रहणा शाहपुर बांस आदि गांवो में कच्ची शराब की कसीदगी की शिकायतें कई बार लोगों ने पुलिस एवं प्रशासन से की है।