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Saharanpur News: जलकुंभी से कृष्णा नदी का बहाव बाधित, खेतों में हुआ जलभराव
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नानौता के भोजपुर में कृष्णा नदी में जमी जलकुंभी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
नानौता। क्षेत्र के गांव भोजपुर में कृष्णा नदी इन दिनों जलकुंभी के भारी जमाव से जूझ रही है। नदी में दूर तक फैली जलकुंभी ने पानी के प्राकृतिक बहाव को प्रभावित कर दिया है। बारिश के दौरान नदी में पानी बढ़ने पर इसके आसपास के खेतों में जलभराव हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी की सफाई समय पर नहीं होने से जलकुंभी लगातार फैलती जा रही है। गांव निवासी राजकुमार सिंह ने इस समस्या को अमर उजाला के मेरी आवाज सुनो कॉलम में भेजा था। शनिवार को इसे प्रकाशित करने के साथ ही टीम भेजकर पड़ताल कराई गई।
गांव के पास से गुजर रही कृष्णा नदी में जलकुंभी का जमाव हो गया है। इसका फैलाव पुल के पास करीब 300 मीटर तक फैला हुआ है। दूर से पानी दिखाई भी नहीं देता है। नदी किसी हरे भरे मैदान सी लगती है। इससे नदी का बहाव रुक गया है और बारिश होने पर उसका पानी आसपास के खेतों में भर जाता है। इससे फसल खराब हो रही है। नदी का बहाव प्रभावित होने का असर केवल खेतों तक सीमित नहीं है। नजदीक की आबादी में भी पानी जमा होने से लोगों को दिक्कत आती है। बारिश रुकने के हफ्तों बाद यह पानी सूखता है। लंबे समय तक पानी रुका रहने से मच्छरों के पनपने और मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। किसानों को फसलों में पानी भरने से नुकसान की चिंता है।
ये हैं जिम्मेदार
वैसे तो नदी की सफाई की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग की है। पिछले दिनों ग्रामीणों ने एसडीएम रामपुर मनिहारान और बीडीओ को पत्र देकर नदी की सफाई कराने की मांग की थी। इस पर बीडीओ कमल सिंह ने बताया कि उनके द्वारा एडीओ पंचायत को निर्देशित किया गया है कि वह प्रस्ताव बनाकर गांव के पास वाले हिस्से में नदी की सफाई कराने का काम करें। उन्होंने बताया कि जल्द ही सफाई करा दी जाएगी।
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- बोले ग्रामीण
- रामपाल सिंह रोड ने बताया कि कई बार नदी में पानी पीने के दौरान पशु जलकुंभी में फंस जाते हैं। उन्हें निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है।
- भाकियू ब्लॉक अध्यक्ष सुचित चौधरी ने बताया कि जगह-जगह पानी रुका रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने और मौसमी बीमारियों के फैलने की आशंका है।
- विनोद कुमार कोरी ने बताया कि गर्मी के मौसम में जलकुंभी के कारण नहाने जाने वाले बच्चों के साथ हादसे का डर बना रहता है।
- ओमकार सिंह का कहना है कि विभाग की लापरवाही का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। अधिकारी शिकायत के बाद भी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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नानौता। क्षेत्र के गांव भोजपुर में कृष्णा नदी इन दिनों जलकुंभी के भारी जमाव से जूझ रही है। नदी में दूर तक फैली जलकुंभी ने पानी के प्राकृतिक बहाव को प्रभावित कर दिया है। बारिश के दौरान नदी में पानी बढ़ने पर इसके आसपास के खेतों में जलभराव हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी की सफाई समय पर नहीं होने से जलकुंभी लगातार फैलती जा रही है। गांव निवासी राजकुमार सिंह ने इस समस्या को अमर उजाला के मेरी आवाज सुनो कॉलम में भेजा था। शनिवार को इसे प्रकाशित करने के साथ ही टीम भेजकर पड़ताल कराई गई।
गांव के पास से गुजर रही कृष्णा नदी में जलकुंभी का जमाव हो गया है। इसका फैलाव पुल के पास करीब 300 मीटर तक फैला हुआ है। दूर से पानी दिखाई भी नहीं देता है। नदी किसी हरे भरे मैदान सी लगती है। इससे नदी का बहाव रुक गया है और बारिश होने पर उसका पानी आसपास के खेतों में भर जाता है। इससे फसल खराब हो रही है। नदी का बहाव प्रभावित होने का असर केवल खेतों तक सीमित नहीं है। नजदीक की आबादी में भी पानी जमा होने से लोगों को दिक्कत आती है। बारिश रुकने के हफ्तों बाद यह पानी सूखता है। लंबे समय तक पानी रुका रहने से मच्छरों के पनपने और मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। किसानों को फसलों में पानी भरने से नुकसान की चिंता है।
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ये हैं जिम्मेदार
वैसे तो नदी की सफाई की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग की है। पिछले दिनों ग्रामीणों ने एसडीएम रामपुर मनिहारान और बीडीओ को पत्र देकर नदी की सफाई कराने की मांग की थी। इस पर बीडीओ कमल सिंह ने बताया कि उनके द्वारा एडीओ पंचायत को निर्देशित किया गया है कि वह प्रस्ताव बनाकर गांव के पास वाले हिस्से में नदी की सफाई कराने का काम करें। उन्होंने बताया कि जल्द ही सफाई करा दी जाएगी।
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- बोले ग्रामीण
- रामपाल सिंह रोड ने बताया कि कई बार नदी में पानी पीने के दौरान पशु जलकुंभी में फंस जाते हैं। उन्हें निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है।
- भाकियू ब्लॉक अध्यक्ष सुचित चौधरी ने बताया कि जगह-जगह पानी रुका रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने और मौसमी बीमारियों के फैलने की आशंका है।
- विनोद कुमार कोरी ने बताया कि गर्मी के मौसम में जलकुंभी के कारण नहाने जाने वाले बच्चों के साथ हादसे का डर बना रहता है।
- ओमकार सिंह का कहना है कि विभाग की लापरवाही का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। अधिकारी शिकायत के बाद भी ध्यान नहीं दे रहे हैं।