{"_id":"5c40cbadbdec22736b5e9102","slug":"151547750317-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पत्नी की हो गई मौत, तब आगे बढ़ी फंड की फाइल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पत्नी की हो गई मौत, तब आगे बढ़ी फंड की फाइल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। सरकारी विभागों में फाइलों को लटकाने वाले लिपिक इतने संवेदनहीन हो गए हैं कि किसी की जिंदगी की परवाह भी नहीं करते हैं। एक इंटर कॉलेज के सहायक लिपिक ने बीमार पत्नी का इलाज कराने के लिए भविष्य निधि से पैसा निकलवाने को आवेदन किया, लेकिन दो महीने तक फाइल लटकाकर रखी गई। जब उनकी पत्नी की मृत्यु हो गई, तो उसके बाद फाइल आगे भेजी गई। पीड़ित ने इस मामले में जिलाधिकारी से शिकायत कर आरोपी लिपिक के खिलाफ कार्रवाई कराने की मांग की है।
शहर के इंदिरा चौक के निकट रहने वाले नौशाद अली एसडी इंटर कॉलेज में सहायक लिपिक हैं। नौशाद ने जिलाधिकारी को शिकायतपत्र भेजकर बताया कि उनकी पत्नी खुशनुमा परवीन काफी समय से बीमार चल ही थीं। बीमारी का उपचार कराने को भविष्य निधि से पैसा निकालने के लिए 10 नवंबर 2018 को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में प्रार्थनापत्र दिया था। आरोप है कि जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के लिपिक ने उनकी फाइल को अग्रसरित नहीं किया। पैसे के अभाव में वह अपनी पत्नी का ठीक से उपचार नहीं करा पाए और गत 11 जनवरी को ही पत्नी की मृत्यु हो गई। नौशाद अली का आरोप है कि पत्नी की मौत होने के बाद कार्यालय के लिपिक ने उनकी फाइल को संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय भेजा, लेकिन अब फाइल स्वीकृत होने और पैसा मिलने का उन्हें कोई लाभ नहीं है। नौशाद अली ने मांग की है कि मामले में आरोपी लिपिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी के साथ ऐसा न होने पाए।
---- वर्जन ----
जिला विद्यालय निरीक्षक डाक्टर अरुण कुमार दूबे का कहना है कि प्रकरण जानकारी में नहीं है। कार्यालय में स्टाफ को लिखित आदेश दे रखा है कि भविष्य निधि संबंधी कोई भी फाइल एक सप्ताह से ज्यादा समय तक लंबित नहीं रहना चाहिए। कब आवेदन किया गया था और कितने दिन फाइल लंबित रही, इसकी जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर के इंदिरा चौक के निकट रहने वाले नौशाद अली एसडी इंटर कॉलेज में सहायक लिपिक हैं। नौशाद ने जिलाधिकारी को शिकायतपत्र भेजकर बताया कि उनकी पत्नी खुशनुमा परवीन काफी समय से बीमार चल ही थीं। बीमारी का उपचार कराने को भविष्य निधि से पैसा निकालने के लिए 10 नवंबर 2018 को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में प्रार्थनापत्र दिया था। आरोप है कि जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के लिपिक ने उनकी फाइल को अग्रसरित नहीं किया। पैसे के अभाव में वह अपनी पत्नी का ठीक से उपचार नहीं करा पाए और गत 11 जनवरी को ही पत्नी की मृत्यु हो गई। नौशाद अली का आरोप है कि पत्नी की मौत होने के बाद कार्यालय के लिपिक ने उनकी फाइल को संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय भेजा, लेकिन अब फाइल स्वीकृत होने और पैसा मिलने का उन्हें कोई लाभ नहीं है। नौशाद अली ने मांग की है कि मामले में आरोपी लिपिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी के साथ ऐसा न होने पाए।
विज्ञापन
---- वर्जन ----
जिला विद्यालय निरीक्षक डाक्टर अरुण कुमार दूबे का कहना है कि प्रकरण जानकारी में नहीं है। कार्यालय में स्टाफ को लिखित आदेश दे रखा है कि भविष्य निधि संबंधी कोई भी फाइल एक सप्ताह से ज्यादा समय तक लंबित नहीं रहना चाहिए। कब आवेदन किया गया था और कितने दिन फाइल लंबित रही, इसकी जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन