{"_id":"5b8c2d6242c79246730f640b","slug":"151535913314-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"धार्मिक कट्टरता और जातिवाद बढ़ने से दिशाहीन हुए युवा: सिंह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धार्मिक कट्टरता और जातिवाद बढ़ने से दिशाहीन हुए युवा: सिंह
Updated Mon, 03 Sep 2018 12:05 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबेहटा (सहारनपुर)। अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष व खादी ग्रामोद्योग आयोग के पूर्व चेयरमैन डा. जसबीर सिंह ने कहा कि धार्मिक कट्टरता व जातिवाद के बढ़ने से युवा दिशाहीन होकर गलत मार्ग पर चल रहे हैं, जो देश हित में नहीं है।
रविवार को कस्बे में चौधरी जगदीश पंवार के प्रतिष्ठान पर हुए एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आज जातियों के नाम से सेना बनने लगी जिस कारण समाज में बिखराव के हालात बने। कहा कि सेना हमेशा सरकार की चलती है, जातिवाद देश व समाज के लिए घातक है। क्रांतिदूत महंत जगन्नाथ दास का जिक्र करते हुए कहा कि 1940 में महंत जी करीब एक हजार युवाओं का जत्था लेकर हैदराबाद गए। गांव दर गांव जन जाग्रति अभियान चलाकर युवाओं को तैयार किया। उन्होंने बताया कि महंत जी जातिवाद के घोर विरोधी थे, धर्म परिवर्तन के आतंक के विरुद्ध उन्होंने संघर्ष किया तथा मृत्यु भोज के विरुद्ध भी उन्होंने ही सबसे पहले आवाज बुलंद की। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि अपनी सोच को सकारात्मक बनाकर राष्ट्र निर्माण में अपना सहयोग दें।
इससे पहले डा. जसबीर ने बाईपास पर स्थिति महंत जगन्नाथदास की प्रतिमा पर पुष्पार्चन किया। इस दौरान चौधरी जगदीश पंवार, सुशील पंवार, राजकुमार खेड़ी, मनोज आर्य, लोकेश गुर्जर, प्रदीप भांकला, राजपाल प्रधान, प्रवीण राठौर, मुकेश कुमार, रमेश पंवार उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
रविवार को कस्बे में चौधरी जगदीश पंवार के प्रतिष्ठान पर हुए एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आज जातियों के नाम से सेना बनने लगी जिस कारण समाज में बिखराव के हालात बने। कहा कि सेना हमेशा सरकार की चलती है, जातिवाद देश व समाज के लिए घातक है। क्रांतिदूत महंत जगन्नाथ दास का जिक्र करते हुए कहा कि 1940 में महंत जी करीब एक हजार युवाओं का जत्था लेकर हैदराबाद गए। गांव दर गांव जन जाग्रति अभियान चलाकर युवाओं को तैयार किया। उन्होंने बताया कि महंत जी जातिवाद के घोर विरोधी थे, धर्म परिवर्तन के आतंक के विरुद्ध उन्होंने संघर्ष किया तथा मृत्यु भोज के विरुद्ध भी उन्होंने ही सबसे पहले आवाज बुलंद की। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि अपनी सोच को सकारात्मक बनाकर राष्ट्र निर्माण में अपना सहयोग दें।
विज्ञापन
इससे पहले डा. जसबीर ने बाईपास पर स्थिति महंत जगन्नाथदास की प्रतिमा पर पुष्पार्चन किया। इस दौरान चौधरी जगदीश पंवार, सुशील पंवार, राजकुमार खेड़ी, मनोज आर्य, लोकेश गुर्जर, प्रदीप भांकला, राजपाल प्रधान, प्रवीण राठौर, मुकेश कुमार, रमेश पंवार उपस्थित रहे।
विज्ञापन