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करीब पांच सौ करोड़ दबाए बैठी हैं जिले की शुगर मिलें
Updated Mon, 09 Jul 2018 12:20 AM IST
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सहारनपुर। जिले की छह शुगर मिलों पर करीब पांच सौ करोड़ रुपये किसानों के अभी भी बकाया हैं। किसान भुगतान की बाट जोह रहे हैं। अधिकारियों के भी चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हालात जस के तस बने हुए है।
जिले की छह शुगर मिलों पर करीब 500 करोड़ रुपये बकाया हैं। गांव हलगोवा के प्रधान आरिफ हसन, फंदपुरी के अतुल फंदपुरी, राजेश टोली सहित अन्य किसानों को कहना है कि बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसानों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। उन्होंने बताया कि इस समय गन्ना, धान आदि फसलों में लागत लगाने का वक्त है। लेकिन बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसानों को परेेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नियमानुसार मिल में गन्ना सप्लाई करने के 14 दिनों के अंदर गन्ना मूल्य का भुगतान किए जाने का प्रावधान है। इसके बाद भुगतान करने पर शुगर मिल को 15 प्रतिशत की दर से ब्याज देने का नियम है। इसके बावजूद शुगर मिलें न सिर्फ गन्ना मूल्य का समय से भुगतान नहीं करतीं, बल्कि बकाया पर ब्याज देने में हीलाहवाली करती हैं। जिला गन्ना अधिकारी डॉ. आरडी द्विवेदी ने बताया कि शुगर मिलें चीनी बेचकर गन्ना मूल्य का भुगतान कर रही हैं। उम्मीद है कि जल्द ही किसानों का पूरा बकाया भुगतान करा दिया जाएगा।
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जिले की छह शुगर मिलों पर करीब 500 करोड़ रुपये बकाया हैं। गांव हलगोवा के प्रधान आरिफ हसन, फंदपुरी के अतुल फंदपुरी, राजेश टोली सहित अन्य किसानों को कहना है कि बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसानों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। उन्होंने बताया कि इस समय गन्ना, धान आदि फसलों में लागत लगाने का वक्त है। लेकिन बकाया गन्ना मूल्य भुगतान नहीं होने से किसानों को परेेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नियमानुसार मिल में गन्ना सप्लाई करने के 14 दिनों के अंदर गन्ना मूल्य का भुगतान किए जाने का प्रावधान है। इसके बाद भुगतान करने पर शुगर मिल को 15 प्रतिशत की दर से ब्याज देने का नियम है। इसके बावजूद शुगर मिलें न सिर्फ गन्ना मूल्य का समय से भुगतान नहीं करतीं, बल्कि बकाया पर ब्याज देने में हीलाहवाली करती हैं। जिला गन्ना अधिकारी डॉ. आरडी द्विवेदी ने बताया कि शुगर मिलें चीनी बेचकर गन्ना मूल्य का भुगतान कर रही हैं। उम्मीद है कि जल्द ही किसानों का पूरा बकाया भुगतान करा दिया जाएगा।
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