{"_id":"5bf1b0fabdec22098d6af3e9","slug":"141542566138-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राम मंदिर को लेकर स्वामी रामदेव के बयान पर भड़के उलमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राम मंदिर को लेकर स्वामी रामदेव के बयान पर भड़के उलमा
Updated Mon, 19 Nov 2018 12:05 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राम मंदिर को लेकर स्वामी रामदेव के बयान पर भड़के उलमा
देवबंद (सहारनपुर)। राम मंदिर निर्माण के लिए संसद में कानून बनाए जाने वाले योग गुरु स्वामी रामदेव के बयान को लेकर देवबंदी उलमा ने सख्त नाराजगी का इजहार किया है। उलमा का कहना है कि जो लोग सुप्रीम कोर्ट और उसके कानून को नहीं मानते ऐसे लोगों के खिलाफ कानून बनना चाहिए।
मदरसा जामिया शेखुल हिंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी का कहना है कि साधु संतों को गंदी सियासत और गंदी सोच से दूर रहना चाहिए और ऐसी बयानबाजी करने से बचना चाहिए। मुल्क का माहौल खराब करने को तरह तरह की साजिशें रची जा रही हैं। अयोध्या में मिल्कियत का मसला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। जिस पर सुनवाई भी हो रही है, लेकिन लगातार इस तरह के बयान आ रहे हैं, जिससे मुल्क का माहौल कभी भी खराब हो सकता है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के अंदर मुकम्मल कानून है, किसी और कानून की जरूरत ही नहीं है। अगर कोई कानून बनाना ही है तो जो लोग सुप्रीम कोर्ट के कानून को नहीं मानते ऐसे लोगों के खिलाफ कानून बने। मुफ्ती असद ने यह भी कहा कि आज जिस तरह का माहौल बनाया जा रहा है, उससे लग रहा है कि माहौल बनाने वालों की नजरों में सुप्रीम कोर्ट की कोई अहमियत नहीं है। कोर्ट को इसका संज्ञान लेना चाहिए।
विज्ञापन
देवबंद (सहारनपुर)। राम मंदिर निर्माण के लिए संसद में कानून बनाए जाने वाले योग गुरु स्वामी रामदेव के बयान को लेकर देवबंदी उलमा ने सख्त नाराजगी का इजहार किया है। उलमा का कहना है कि जो लोग सुप्रीम कोर्ट और उसके कानून को नहीं मानते ऐसे लोगों के खिलाफ कानून बनना चाहिए।
मदरसा जामिया शेखुल हिंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी का कहना है कि साधु संतों को गंदी सियासत और गंदी सोच से दूर रहना चाहिए और ऐसी बयानबाजी करने से बचना चाहिए। मुल्क का माहौल खराब करने को तरह तरह की साजिशें रची जा रही हैं। अयोध्या में मिल्कियत का मसला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। जिस पर सुनवाई भी हो रही है, लेकिन लगातार इस तरह के बयान आ रहे हैं, जिससे मुल्क का माहौल कभी भी खराब हो सकता है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के अंदर मुकम्मल कानून है, किसी और कानून की जरूरत ही नहीं है। अगर कोई कानून बनाना ही है तो जो लोग सुप्रीम कोर्ट के कानून को नहीं मानते ऐसे लोगों के खिलाफ कानून बने। मुफ्ती असद ने यह भी कहा कि आज जिस तरह का माहौल बनाया जा रहा है, उससे लग रहा है कि माहौल बनाने वालों की नजरों में सुप्रीम कोर्ट की कोई अहमियत नहीं है। कोर्ट को इसका संज्ञान लेना चाहिए।
विज्ञापन