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बड़े बाबू पर कार्रवाई के लिए संग्रह अमीनों ने खोला मोर्चा
Updated Fri, 16 Feb 2018 12:34 AM IST
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नकुड़ (सहारनपुर)। उत्तर प्रदेश राजस्व संग्रह अमीन संघ ने डब्ल्यूबीएन की कार्यप्रणाली पर रोष जताते हुए तहसीलदार को शिकायती पत्र सौंपकर बड़े बाबू के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। संग्रह अमीनों ने शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
बृहस्पतिवार को तहसील कार्यालय में बुलाई गई राजस्व संग्रह अमीनों की आपात बैठक में संघ के तहसील अध्यक्ष वीरेंद्र सैनी ने आरोप लगाया कि बडे़ बाबू संग्रह अमीनों का उत्पीड़न कर रहे हैं। इसकी शिकायत उन्होंने कई बार उच्चाधिकारियों से की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि संग्रह अमीन रिषिपाल की मृत्यु आर्थिक तंगी के कारण सही इलाज न होने से हुई है। यदि वेतन खातों पर रोक न लगाई गई होती तो रिषिपाल आज जिंदा होते। उन्होंने बताया कि इसके अलावा भी एक अन्य अमीन ने अपना करीब एक वर्ष से अधिक का वेतन अपनी बेटी की शादी के लिए वेतन खाते में रोक रखा था। आगामी 19 फरवरी को बेटी की बारात आनी है, लेकिन खाते पर रोक होने के कारण उसे आर्थिक परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि बडे़ बाबू द्वारा तहसील के 18 अमीनों के वेतन खातों पर रोक लगवाई गई है। जिसके कारण चाहते हुए भी उक्त सभी अमीन दोनों पीड़ितों की मदद नहीं कर सके। संग्रह अमीनों ने तहसीलदार को शिकायती पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। बैठक में मंत्री सेवाराम, रमेशपाल, सुरेंद्र सिंह, छोटूराम, राकेश कुमार, सत्यवीर, सुरेशपाल, नेत्रपाल महेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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बृहस्पतिवार को तहसील कार्यालय में बुलाई गई राजस्व संग्रह अमीनों की आपात बैठक में संघ के तहसील अध्यक्ष वीरेंद्र सैनी ने आरोप लगाया कि बडे़ बाबू संग्रह अमीनों का उत्पीड़न कर रहे हैं। इसकी शिकायत उन्होंने कई बार उच्चाधिकारियों से की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि संग्रह अमीन रिषिपाल की मृत्यु आर्थिक तंगी के कारण सही इलाज न होने से हुई है। यदि वेतन खातों पर रोक न लगाई गई होती तो रिषिपाल आज जिंदा होते। उन्होंने बताया कि इसके अलावा भी एक अन्य अमीन ने अपना करीब एक वर्ष से अधिक का वेतन अपनी बेटी की शादी के लिए वेतन खाते में रोक रखा था। आगामी 19 फरवरी को बेटी की बारात आनी है, लेकिन खाते पर रोक होने के कारण उसे आर्थिक परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि बडे़ बाबू द्वारा तहसील के 18 अमीनों के वेतन खातों पर रोक लगवाई गई है। जिसके कारण चाहते हुए भी उक्त सभी अमीन दोनों पीड़ितों की मदद नहीं कर सके। संग्रह अमीनों ने तहसीलदार को शिकायती पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। बैठक में मंत्री सेवाराम, रमेशपाल, सुरेंद्र सिंह, छोटूराम, राकेश कुमार, सत्यवीर, सुरेशपाल, नेत्रपाल महेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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