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सिस्टम से हतास सीमा पर तैनात जवान का संयम टूटा
Updated Tue, 06 Feb 2018 01:04 AM IST
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गंगोह (सहारनपुर)। देश की रक्षा के लिए हथियार उठाने वाले जवान ने राजस्व विभाग द्वारा पट्टे की जमीन पर कब्जे और परिवार के उत्पीड़न से आहत होकर अब अपने परिवार की सुरक्षा के लिए हथियार उठाने की चेतावनी दे डाली है। जवान ने पीएम और सीएम को इसके लिए जिम्मेदार बताते हुए वीडियो वायरल की है। इससे प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
बता दें कि बांग्लादेश बार्डर पर तैनात बीएसएफ कांस्टेबल अजय कुमार गंगोह के गांव ताताहेड़ी निवासी है। 6 जनवरी को राजस्व विभाग की टीम गांव में जमीनों को कब्जा मुक्त कराने गई थी। राजस्व टीम ने अजय के पिता द्वारा बोई जा रही जमीन को ट्रैक्टर चलाकर खाली करा लिया था। टीम का आरोप था कि इस दौरान अजय के पिता, भाई, बहनों एवं अन्य परिजनों ने एक लेखपाल को जान से मारने का प्रयास किया था। मामले में कोतवाली में पूरे परिवार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराते हुए पिता और भाई को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया था। इस दौरान पुलिस ने परिजनों के साथ मारपीट और अभद्रता की थी जिसकी वीडियो वायरल हो गई थी। उधर पुलिस के भय से परिवार की महिलाएं और बच्चे गांव से पलायन कर गए थे।
पत्र पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो टूट गया जवान का संयम
गंगोह। बीएसएफ के जवान अजय कुमार द्वारा प्रधानमंत्री को लिखे पत्र पर शासन एवं प्रशासन द्वारा संज्ञान न लिए जाने पर उसका संयम जवाब देता जा रहा है। जवान ने एक वीडियो वायरल कर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से पूछा है कि वह सीमा पर देश की रक्षा के लिए तैनात है, तो उसके परिवार की सुरक्षा का दायित्व किसका है।
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बीजेपी सरकारों और नेताओं पर बरसा जवान
गंगोह। जवान ने वीडियो में कहा है कि वह प्रदेश के पुलिस सिस्टम से परेशान है। संसद और विधान सभाओं में बैठे नेता आज उसके परिवार के उत्पीड़न पर भी चुप है। सीमा की रक्षा करते हुए जब कोई जवान शहीद होता है तो यही नेता उसे सलामी देने आते है। लेकिन, आज एक जवान के परिवार को टारगेट किया जा रहा है। बताया कि ग्राम प्रधान ने कुछ दबंग लोगों के साथ मिलकर लेखपाल और पुलिस की मिलीभगत से उनकी पट्टे की जमीन पर लहराती फसल पर ट्रैक्टर चलवाकर कब्जा करवा दिया है। बुजुर्ग पिता और भाई को पीटा और जेल में डाल दिया। कॉलेज में पढ़ने वाली बहनों को भी वांछित कर दिया गया। थाना गंगोह पुलिस ने दबिश के नाम पर पूरे घर में तोड़फोड़ की। इसके बावजूद ना पुलिस प्रशासन ने उसकी सुनी और देश एवं प्रदेश की भाजपा सरकारें भी कोई कार्रवाई नही कर रही है।
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बता दें कि बांग्लादेश बार्डर पर तैनात बीएसएफ कांस्टेबल अजय कुमार गंगोह के गांव ताताहेड़ी निवासी है। 6 जनवरी को राजस्व विभाग की टीम गांव में जमीनों को कब्जा मुक्त कराने गई थी। राजस्व टीम ने अजय के पिता द्वारा बोई जा रही जमीन को ट्रैक्टर चलाकर खाली करा लिया था। टीम का आरोप था कि इस दौरान अजय के पिता, भाई, बहनों एवं अन्य परिजनों ने एक लेखपाल को जान से मारने का प्रयास किया था। मामले में कोतवाली में पूरे परिवार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराते हुए पिता और भाई को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया था। इस दौरान पुलिस ने परिजनों के साथ मारपीट और अभद्रता की थी जिसकी वीडियो वायरल हो गई थी। उधर पुलिस के भय से परिवार की महिलाएं और बच्चे गांव से पलायन कर गए थे।
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पत्र पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो टूट गया जवान का संयम
गंगोह। बीएसएफ के जवान अजय कुमार द्वारा प्रधानमंत्री को लिखे पत्र पर शासन एवं प्रशासन द्वारा संज्ञान न लिए जाने पर उसका संयम जवाब देता जा रहा है। जवान ने एक वीडियो वायरल कर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से पूछा है कि वह सीमा पर देश की रक्षा के लिए तैनात है, तो उसके परिवार की सुरक्षा का दायित्व किसका है।
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बीजेपी सरकारों और नेताओं पर बरसा जवान
गंगोह। जवान ने वीडियो में कहा है कि वह प्रदेश के पुलिस सिस्टम से परेशान है। संसद और विधान सभाओं में बैठे नेता आज उसके परिवार के उत्पीड़न पर भी चुप है। सीमा की रक्षा करते हुए जब कोई जवान शहीद होता है तो यही नेता उसे सलामी देने आते है। लेकिन, आज एक जवान के परिवार को टारगेट किया जा रहा है। बताया कि ग्राम प्रधान ने कुछ दबंग लोगों के साथ मिलकर लेखपाल और पुलिस की मिलीभगत से उनकी पट्टे की जमीन पर लहराती फसल पर ट्रैक्टर चलवाकर कब्जा करवा दिया है। बुजुर्ग पिता और भाई को पीटा और जेल में डाल दिया। कॉलेज में पढ़ने वाली बहनों को भी वांछित कर दिया गया। थाना गंगोह पुलिस ने दबिश के नाम पर पूरे घर में तोड़फोड़ की। इसके बावजूद ना पुलिस प्रशासन ने उसकी सुनी और देश एवं प्रदेश की भाजपा सरकारें भी कोई कार्रवाई नही कर रही है।