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आदमखोर कुते बन गए इंसान के लिए खतरा
Updated Sat, 09 Dec 2017 12:18 AM IST
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सहारनपुर। पुलिस और प्रशासन की सख्ती के बाद गली मोहल्लों में बंद हुए पशुओं के अवैध कटान के बाद गलियों में घूमने वाले आवारा कुत्ते आदमखोर हो चुके हैं और इंसानों के लिए खतरा बन गए हैं। आदमखोर कुत्तों ने एक साल में एक दर्जन से अधिक लोगों को अपना निवाला बना लिया। बच्चों से लेकर बड़ों तक को नहीं छोड़ा। खतरनाक हो चुके कुत्तों के आतंक के चलते लोग बच्चों को तो घर से निकलने नहीं दे रहे, खुद भी अकेले कुत्तों के झुंड के सामने से होकर गुजरने में खतरा मानने लगे हैं। पशुओं के बंद हुए अवैध कटान ने खूंखार कुत्तों को आदमखोर बना डाला है। जंगलों के अलावा कुछ स्थानों पर गली मोहल्लों में भी अवैध रूप से पशुओं का कटान किया जा रहा था। जिससे गली मोहल्लों में आवारा घूमने वाले कुत्तों का पेट भर रहा था। अवैध पशु कटान पर सख्ती से पाबंदी लगाए जाने के बाद आवारा कुत्ते भूख के चलते खूंखार हो गए। पहले तो जानवरों को निवाला बनाने लगे। रामपुर मनिहारन में कुत्तों के झुंड ने लगभग 10 माह पूर्व दो दर्जन से अधिक भेड़ों को अपना निवाला बना डाला। घर के बाहर बंधे बछड़ों एवं भैंस के बच्चों पर कुत्तों के झुंडों ने हमला शुरू कर दिया। उसके बाद कुत्ते आदमखोर हो गए और मासूम बच्चों पर हमला शुरू कर दिया। शुक्रवार को बेहट के ग्राम दयालपुर में बच्ची को कुत्तों द्वारा निवाला बनाए जाने की घटना ने लोगों को दहला दिया है। संजय सैनी की नौ माह की बच्ची सिद्धांती को गली के आवारा कुत्ते घर के अंदर से उठाकर पास के खेत में ले गए और बच्ची को नोच डाला। जब तक लोग उसे बचाकर अस्पताल पहुंचाते, बच्ची की मौत हो गई। सिर्फ बच्चे ही नहीं बड़ों पर भी कुत्ते झपट्टा मार रहे हैं। गंगोह से सटे गांव लखनौती निवासी 55 वर्षीय महिला सफाईकर्मी बालादेवी कूड़ा डालने के लिए गांव से बाहर निकली तभी आवारा कुत्तों ने उस पर हमला बोल दिया। आवारा कुत्तों के झुंड ने महिला को बुरी तरह नोच डाला जिससे उसकी मौत हो गई।
यह पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व आदमखोर कुत्तों ने इसी वर्ष फरवरी में मल्हीपुर रोड पर घर के बाहर खेल रही दो साल की मासूम बच्ची को अपना निवाला बना लिया। जब तक परिजन उसे बचाकर अस्पताल ले लिए मासूम दम तोड़ चुकी थी। मोहल्ला नूरबस्ती निवासी कलीम की दस साल की बेटी इशा को भी मोहल्ले के ही आवारा आदमखोर कुत्तों ने अपना निवाला बना लिया।
चिलकाना क्षेत्र के शाहपुर दाऊद में गांव के बाहर खेल रहे बच्चों पर अचानक दर्जनों कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। कुत्तों से बचकर भागते समय आस मोहम्मद पुत्र पप्पू गिर गया। गिरते ही आवारा कुत्तों के झुंड ने उसे घेर लिया और नोच डाला। बच्चे की कमर के नीचे का पूरा मांस कुत्ते नोचकर खा गए। अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया।
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पठेड़ में अपने घर से खेत में माता-पिता के पास जा रहे 8 वर्षीय कन्हैया व उसकी 12 वर्षीय बहन नैनसी को आवारा कुत्तों ने घेर लिया। बच्ची भाग गई लेकिन कन्हैया कुत्तों से घिर गया। जब तक लोग दौड़ कर आए तब तक कुत्तों ने उसे बुरी तरह नोच डाला।
चिलकाना के ग्राम कई दिन से गायब युवक जंगल में पड़ा मिला। उसका शव कुत्ते नोचकर खा गए।
मिर्जापुर में भी 12 साल के एक बच्चे को कुत्तों ने निवाला बना लिया। ग्राम सड़क दूधली में तीन वर्षीय मुहम्मद इब्राहीम को उसके घर के बाहर ही कुत्तों ने नोच डाला। यहीं के पहले 28 वर्षीय शहजाद एवं कातिया की 22 वर्षीय पुत्री को भी कुत्तों ने हमलाकर घायल कर दिया था।
आवारा कुत्तों के आदमखोर एवं खूंखार होने से लोगों को अब खतरा हो चुका है। लोग अपने छोटे-छोटे बच्चों को अकेले घर से नहीं निकलने दे रहे हैं। यहां तक कि रात के अंधेरे में कुत्तों के झुंड के पास से गुजरना खतरे से खाली नहीं मान रहे हैं। दहशत इतनी बनी हुई है कि आवारा कुत्तों को किसी प्रकार अब मोहल्लों से बाहर भगाया जा रहा है और प्रशासन से कुत्तों को पकड़ने की मांग की जा रही है।
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यह पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व आदमखोर कुत्तों ने इसी वर्ष फरवरी में मल्हीपुर रोड पर घर के बाहर खेल रही दो साल की मासूम बच्ची को अपना निवाला बना लिया। जब तक परिजन उसे बचाकर अस्पताल ले लिए मासूम दम तोड़ चुकी थी। मोहल्ला नूरबस्ती निवासी कलीम की दस साल की बेटी इशा को भी मोहल्ले के ही आवारा आदमखोर कुत्तों ने अपना निवाला बना लिया।
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चिलकाना क्षेत्र के शाहपुर दाऊद में गांव के बाहर खेल रहे बच्चों पर अचानक दर्जनों कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। कुत्तों से बचकर भागते समय आस मोहम्मद पुत्र पप्पू गिर गया। गिरते ही आवारा कुत्तों के झुंड ने उसे घेर लिया और नोच डाला। बच्चे की कमर के नीचे का पूरा मांस कुत्ते नोचकर खा गए। अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया।
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पठेड़ में अपने घर से खेत में माता-पिता के पास जा रहे 8 वर्षीय कन्हैया व उसकी 12 वर्षीय बहन नैनसी को आवारा कुत्तों ने घेर लिया। बच्ची भाग गई लेकिन कन्हैया कुत्तों से घिर गया। जब तक लोग दौड़ कर आए तब तक कुत्तों ने उसे बुरी तरह नोच डाला।
चिलकाना के ग्राम कई दिन से गायब युवक जंगल में पड़ा मिला। उसका शव कुत्ते नोचकर खा गए।
मिर्जापुर में भी 12 साल के एक बच्चे को कुत्तों ने निवाला बना लिया। ग्राम सड़क दूधली में तीन वर्षीय मुहम्मद इब्राहीम को उसके घर के बाहर ही कुत्तों ने नोच डाला। यहीं के पहले 28 वर्षीय शहजाद एवं कातिया की 22 वर्षीय पुत्री को भी कुत्तों ने हमलाकर घायल कर दिया था।
आवारा कुत्तों के आदमखोर एवं खूंखार होने से लोगों को अब खतरा हो चुका है। लोग अपने छोटे-छोटे बच्चों को अकेले घर से नहीं निकलने दे रहे हैं। यहां तक कि रात के अंधेरे में कुत्तों के झुंड के पास से गुजरना खतरे से खाली नहीं मान रहे हैं। दहशत इतनी बनी हुई है कि आवारा कुत्तों को किसी प्रकार अब मोहल्लों से बाहर भगाया जा रहा है और प्रशासन से कुत्तों को पकड़ने की मांग की जा रही है।