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जर्जर स्कूल में पढ़ने को मजबूर है नौनिहाल
Updated Tue, 15 Aug 2017 01:11 AM IST
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जर्जर स्कूल में पढ़ने को मजबूर है नौनिहाल
गंगोह (सहारनपुर)। नगर के प्राथमिक विद्यालय नंबर चार में पढ़ने वाले बच्चे किसी भी वक्त बड़े हादसे का शिकार हो सकते हैं। विद्यालय की इमारत बेहद जर्जर हो चुकी है और वह किसी भी वक्त धराशाई हो सकती है। इसी डर के चलते अधिकतर अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजना तक बंद कर दिया है।
शिक्षा विभाग बच्चों की शिक्षा के प्रति कितना गंभीर है। इसका अंदाजा गंगोह के मेटाडोर बस स्टैंड के नजदीक स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर 4 को देखकर आसानी से लगाया जा सकता है। जिस इमारत में विद्यालय चल रहा है, वह पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। कमरों की छत गिर चुकी है। दीवारें भी गिरने की कगार पर हैं। इस कारण बच्चों को बाहर बरामदे में ही पढ़ाया जाता है। बरसात में स्थिति बद से बदतर हो जाती है। रविवार रात बारिश के बाद सोमवार को भी विद्यालय परिसर और कमरों में गंदा पानी जमा हो गया। सोमवार को मात्र चार बच्चे ही विद्यालय पहुंचे।
खंड शिक्षा अधिकारी बृजमोहन सिंह का कहना था कि विद्यालय किराए के भवन में चल रहा है। वह जल्द ही इमारत के जर्जर होने की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को प्रेषित करेंगे। उनके आदेशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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पशु चिकित्सालय में भी भरा बरसात का पानी
गंगोह। रविवार रात हुई बरसात के चलते मेनरोड सिथत पशु चिकित्सालय में भी पानी भर गया। इसके चलते स्टाफ और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। देहात से टीकाकरण अथवा उपचार कराने पशुआें को साथ लेकर आए पशुपालकों ने पशु चिकित्साधिकारी डॉ वीरेंद्र सिंह के आवास पर जाकर अपने पशुओं का इलाज कराया।
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गंगोह (सहारनपुर)। नगर के प्राथमिक विद्यालय नंबर चार में पढ़ने वाले बच्चे किसी भी वक्त बड़े हादसे का शिकार हो सकते हैं। विद्यालय की इमारत बेहद जर्जर हो चुकी है और वह किसी भी वक्त धराशाई हो सकती है। इसी डर के चलते अधिकतर अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजना तक बंद कर दिया है।
शिक्षा विभाग बच्चों की शिक्षा के प्रति कितना गंभीर है। इसका अंदाजा गंगोह के मेटाडोर बस स्टैंड के नजदीक स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर 4 को देखकर आसानी से लगाया जा सकता है। जिस इमारत में विद्यालय चल रहा है, वह पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। कमरों की छत गिर चुकी है। दीवारें भी गिरने की कगार पर हैं। इस कारण बच्चों को बाहर बरामदे में ही पढ़ाया जाता है। बरसात में स्थिति बद से बदतर हो जाती है। रविवार रात बारिश के बाद सोमवार को भी विद्यालय परिसर और कमरों में गंदा पानी जमा हो गया। सोमवार को मात्र चार बच्चे ही विद्यालय पहुंचे।
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खंड शिक्षा अधिकारी बृजमोहन सिंह का कहना था कि विद्यालय किराए के भवन में चल रहा है। वह जल्द ही इमारत के जर्जर होने की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को प्रेषित करेंगे। उनके आदेशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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पशु चिकित्सालय में भी भरा बरसात का पानी
गंगोह। रविवार रात हुई बरसात के चलते मेनरोड सिथत पशु चिकित्सालय में भी पानी भर गया। इसके चलते स्टाफ और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। देहात से टीकाकरण अथवा उपचार कराने पशुआें को साथ लेकर आए पशुपालकों ने पशु चिकित्साधिकारी डॉ वीरेंद्र सिंह के आवास पर जाकर अपने पशुओं का इलाज कराया।