{"_id":"595a984a4f1c1bbc708b46cf","slug":"141499109450-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक लाख तक का फसली ऋण माफ करने की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक लाख तक का फसली ऋण माफ करने की तैयारी
Updated Tue, 04 Jul 2017 12:47 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक लाख तक का फसली ऋण माफ करने की तैयारी
सहारनपुर। लघु एवं सीमांत किसानों का एक लाख रुपये तक का फसली ऋण माफ करने की तैयारी प्रशासन की ओर से शुरू कर दी गई है। डीएम ने सोमवार को विकास भवन में बैठक कर अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
डीएम पीके पांडेय ने कहा कि 31 मार्च 2016 तक का ही ऋण माफ होगा। पात्र किसानों के आधार नंबर और भूलेख का रिकार्ड संबंधित बैंकों द्वारा एनआईसी की वेबसाइट पर जल्द ही अपलोड कराया जाएगा। योजना के सफल क्रियान्वयन और शिकायतों का निस्तारण के लिए कृषि विभाग को नोडल नामित किया गया है। कर्ज माफी योजना से पात्र किसान को समयबद्ध तरीके से लाभान्वित कराने के लिए 14 सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। समिति कृषि विभाग से प्राप्त फसल ऋण संबंधी डाटा पर विचार कर लघु एवं सीमांत किसानों की पात्रता का निर्धारण करेगी। इसके बाद सह सचिव द्वारा डाटा को डिजिटल हस्ताक्षर के जरिये जरूरी भुगतान का आदेश संबंधित बैंक को दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि शासन द्वारा गैर निष्पादित आस्तियों (एनपीए) के रूप में वर्गीकृत फसल ऋण को योजना में शामिल किया गया है। कहा कि संबंधित किसानों द्वारा अपने बैंक खातों को आधार कार्ड से लिंक कराना जरूरी है। जिन किसानों ने अपने बैंक खातों को आधार कार्ड से लिंक नहीं कराया है वह अतिशीघ्र यह काम कर लें। ऐसा नहीं करने वाले किसान ऋण माफी का लाभ पाने से छूट जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर। लघु एवं सीमांत किसानों का एक लाख रुपये तक का फसली ऋण माफ करने की तैयारी प्रशासन की ओर से शुरू कर दी गई है। डीएम ने सोमवार को विकास भवन में बैठक कर अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
डीएम पीके पांडेय ने कहा कि 31 मार्च 2016 तक का ही ऋण माफ होगा। पात्र किसानों के आधार नंबर और भूलेख का रिकार्ड संबंधित बैंकों द्वारा एनआईसी की वेबसाइट पर जल्द ही अपलोड कराया जाएगा। योजना के सफल क्रियान्वयन और शिकायतों का निस्तारण के लिए कृषि विभाग को नोडल नामित किया गया है। कर्ज माफी योजना से पात्र किसान को समयबद्ध तरीके से लाभान्वित कराने के लिए 14 सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। समिति कृषि विभाग से प्राप्त फसल ऋण संबंधी डाटा पर विचार कर लघु एवं सीमांत किसानों की पात्रता का निर्धारण करेगी। इसके बाद सह सचिव द्वारा डाटा को डिजिटल हस्ताक्षर के जरिये जरूरी भुगतान का आदेश संबंधित बैंक को दिया जाएगा।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि शासन द्वारा गैर निष्पादित आस्तियों (एनपीए) के रूप में वर्गीकृत फसल ऋण को योजना में शामिल किया गया है। कहा कि संबंधित किसानों द्वारा अपने बैंक खातों को आधार कार्ड से लिंक कराना जरूरी है। जिन किसानों ने अपने बैंक खातों को आधार कार्ड से लिंक नहीं कराया है वह अतिशीघ्र यह काम कर लें। ऐसा नहीं करने वाले किसान ऋण माफी का लाभ पाने से छूट जाएंगे।
विज्ञापन