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अभिवादन और तालियों के बीच 1320 मजदूर स्पेशल ट्रेन से रवाना
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सहारनपुर में लॉकडाउन के दौरान रेलवे स्टेशन पर प्रवासी मजदूर श्रमिक स्पेशल ट्रेन में बैठ कर जाते ?
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। पंजाब, हरियाणा सहित अन्य राज्यों से आकर अब तक सड़कों पर भूखे प्यासे भटकने वाले बिहार के सैकड़ों प्रवासी मजदूर शुक्रवार को रेलवे स्टेशन पर श्रमिक स्पेशल ट्रेन से रवाना हुए। पुलिस प्रशासन और रेलवे के आला अफसरों, कर्मचारियों ने तालियां बजाकर दोपहर एक बजे 1320 मजदूरों को श्रमिक स्पेशल से रवाना कराया।
पिलखनी स्थित राधा स्वामी सत्संग भवन के मेजर सेंटर में आश्रय पाने वाले मजदूर बसों से स्टेशन तक लाए गए। यहां फाइव लेयर चेकिंग सिस्टम से गुजरते हुए उन्हें ट्रेनों के कोच में जाने दिया गया। वरिष्ठ रेलवे स्टेशन अधीक्षक कपिल शर्मा और डिप्टी स्टेशन अधीक्षक अनिल कुमार त्यागी ने बताया कि यहां आने से पहले ही सभी प्रवासी श्रमिकों की मेडिकल जांच कराकर ही लाया गया। इसके बाद नाम, पते, मोबाइल नंबर, कोच नंबर के वेरिफिकेशन के साथ बैठाया गया। इस ट्रेन में छह कोच स्लीपर और 18 कोच जनरल वाले हैं। हर यात्री का 560 रुपये किराया निर्धारित है जो सरकार की ओर से देय है।
सीएम के प्रयास से हुआ संभव : कमिश्नर
कमिश्नर संजय कुमार ने बताया कि प्रवासी कामगारों में 4500 से ज्यादा मजदूर बिहार के ही हैं। इन्हें पिलखनी के सेंटर में आश्रय दिया गया है। इनमें से ही ये मजदूर ट्रेन से रवाना किए गए। इन मजदूरों को गंतव्यों तक पहुंचाने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ को अवगत कराया गया था। एक ट्रेन पर सभी खर्च मिलाकर लगभग साढ़े सात लाख रुपये का व्यय आएगा।
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यूपी में कोई स्टॉपेज नहीं : डीआईजी
- डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल ने बताया कि यह ट्रेन बिहार के सिवान, छपरा, मुजफ्फरपुर स्टेशनों पर ही रुकेगी। रास्ते में इसका यूपी में कहीं स्टॉपेज नहीं होगा। लंबे रास्ते में सुरक्षा की दृष्टि से टीमें ट्रेन में निगरानी करेंगी।
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पिलखनी स्थित राधा स्वामी सत्संग भवन के मेजर सेंटर में आश्रय पाने वाले मजदूर बसों से स्टेशन तक लाए गए। यहां फाइव लेयर चेकिंग सिस्टम से गुजरते हुए उन्हें ट्रेनों के कोच में जाने दिया गया। वरिष्ठ रेलवे स्टेशन अधीक्षक कपिल शर्मा और डिप्टी स्टेशन अधीक्षक अनिल कुमार त्यागी ने बताया कि यहां आने से पहले ही सभी प्रवासी श्रमिकों की मेडिकल जांच कराकर ही लाया गया। इसके बाद नाम, पते, मोबाइल नंबर, कोच नंबर के वेरिफिकेशन के साथ बैठाया गया। इस ट्रेन में छह कोच स्लीपर और 18 कोच जनरल वाले हैं। हर यात्री का 560 रुपये किराया निर्धारित है जो सरकार की ओर से देय है।
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सीएम के प्रयास से हुआ संभव : कमिश्नर
कमिश्नर संजय कुमार ने बताया कि प्रवासी कामगारों में 4500 से ज्यादा मजदूर बिहार के ही हैं। इन्हें पिलखनी के सेंटर में आश्रय दिया गया है। इनमें से ही ये मजदूर ट्रेन से रवाना किए गए। इन मजदूरों को गंतव्यों तक पहुंचाने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ को अवगत कराया गया था। एक ट्रेन पर सभी खर्च मिलाकर लगभग साढ़े सात लाख रुपये का व्यय आएगा।
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यूपी में कोई स्टॉपेज नहीं : डीआईजी
- डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल ने बताया कि यह ट्रेन बिहार के सिवान, छपरा, मुजफ्फरपुर स्टेशनों पर ही रुकेगी। रास्ते में इसका यूपी में कहीं स्टॉपेज नहीं होगा। लंबे रास्ते में सुरक्षा की दृष्टि से टीमें ट्रेन में निगरानी करेंगी।

सहारनपुर में लॉकडाउन के दौरान रेलवे स्टेशन पर प्रवासी मजदूर श्रमिक स्पेशल ट्रेन पकडने के लिये स?- फोटो : SAHARANPUR

सहारनपुर में लॉकडाउन के दौरान रेलवे स्टेशन पर प्रवासी मजदूर श्रमिक स्पेशल ट्रेन जाने के दौरान व?- फोटो : SAHARANPUR

सहारनपुर में लॉकडाउन के दौरान रेलवे स्टेशन पर प्रवासी मजदूर श्रमिक स्पेशल ट्रेन में सोशल डिस्टे- फोटो : SAHARANPUR

सहारनपुर में लॉकडाउन के दौरान रेलवे स्टेशन पर प्रवासी मजदूर श्रमिक स्पेशल ट्रेन में सोशल डिस्टे- फोटो : SAHARANPUR