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डीएम और नगरायुक्त के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित
Updated Thu, 10 May 2018 12:37 AM IST
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डीएम और नगरायुक्त के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित
सहारनपुर। पुल खुमरान पर दुकानें ध्वस्त किए जाने से भाजपा पार्षदों में नाराजगी है। उन्होंने बुधवार को नगर निगम परिसर में बैठक कर डीएम और नगरायुक्त के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। साथ ही भविष्य में होने वाली किसी भी ध्वस्तीकरण और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से पहले कार्यकारिणी और बोर्ड को अवगत कराने की मांग उठाई गई।
बुधवार को हुई पार्षदों की बैठक में भाजपा के 28 में से 25 पार्षद मौजूद रहे। पार्षदों ने दुकानें ध्वस्त किए जाने की कड़े शब्दों में निंदा की। इसके लिए डीएम और नगरायुक्त को जिम्मेदार ठहराया। सर्वसम्मति से डीएम पीके पांडेय और नगरायुक्त गौरव वर्मा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया गया। पार्षद आशुतोष ने कहा कि भविष्य में प्रत्येक प्रस्ताव को कार्यकारिणी और बोर्ड के समक्ष रखा जाए। यह भी कहा कि आगे जिस भी मार्ग से अतिक्रमण हटाया जाए। वहां अधिकारियों की ड्यूटी तय की जाए कि भविष्य में उक्त मार्ग पर अतिक्रमण न हो।
अशोक, रमेश और मनोज ने कहा कि भविष्य में यदि किसी व्यक्ति की दुकान या मकान को ध्वस्त किया जाए तो उससे पहले उसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। यदि यह संभव न हो तो उसे मुआवजा दिया जाए। बिना नोटिस के कोई भी कार्रवाई न की जाए। मान सिंह और कार्तिक ने अतिक्रमण हटाने में किसी भी प्रकार का भेदभाव न बरते जाने की मांग की। सभी पार्षदों ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी नगरवासी के साथ अन्याय होता है तो वह संबंधित अधिकारियों के विरुद्घ आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
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सहारनपुर। पुल खुमरान पर दुकानें ध्वस्त किए जाने से भाजपा पार्षदों में नाराजगी है। उन्होंने बुधवार को नगर निगम परिसर में बैठक कर डीएम और नगरायुक्त के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। साथ ही भविष्य में होने वाली किसी भी ध्वस्तीकरण और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से पहले कार्यकारिणी और बोर्ड को अवगत कराने की मांग उठाई गई।
बुधवार को हुई पार्षदों की बैठक में भाजपा के 28 में से 25 पार्षद मौजूद रहे। पार्षदों ने दुकानें ध्वस्त किए जाने की कड़े शब्दों में निंदा की। इसके लिए डीएम और नगरायुक्त को जिम्मेदार ठहराया। सर्वसम्मति से डीएम पीके पांडेय और नगरायुक्त गौरव वर्मा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया गया। पार्षद आशुतोष ने कहा कि भविष्य में प्रत्येक प्रस्ताव को कार्यकारिणी और बोर्ड के समक्ष रखा जाए। यह भी कहा कि आगे जिस भी मार्ग से अतिक्रमण हटाया जाए। वहां अधिकारियों की ड्यूटी तय की जाए कि भविष्य में उक्त मार्ग पर अतिक्रमण न हो।
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अशोक, रमेश और मनोज ने कहा कि भविष्य में यदि किसी व्यक्ति की दुकान या मकान को ध्वस्त किया जाए तो उससे पहले उसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। यदि यह संभव न हो तो उसे मुआवजा दिया जाए। बिना नोटिस के कोई भी कार्रवाई न की जाए। मान सिंह और कार्तिक ने अतिक्रमण हटाने में किसी भी प्रकार का भेदभाव न बरते जाने की मांग की। सभी पार्षदों ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी नगरवासी के साथ अन्याय होता है तो वह संबंधित अधिकारियों के विरुद्घ आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
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