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कुपोषित बच्चों के परिजनों को खान पान की समुचित जानकारी दें: डीएम
Updated Sat, 30 Dec 2017 12:01 AM IST
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सहारनपुर। जिलाधिकारी पीके पांडेय ने कहा कि खुले में शौच और साफ सफाई की ओर ध्यान न देने से हमारे बच्चे कुपोषण के शिकार हो रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आशा और एएनएम ग्रामीणों को स्वच्छता व साफ सफाई की जानकारी दें। उन्होंने कुपोषित बच्चों को चिह्नित कर उनके समुचित खानपान के साथ ही परिवारों को समुचित देखभाल करने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।
शुक्रवार को विकास भवन सभागार में आयोजित पोषण पखवाड़ा कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने कहा कि कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य की समुचित देखभाल के लिए विभिन्न विभागों का समन्वय जरूरी है। उन्होंने कहा कि एएनएम एवं आशा बच्चों का प्रति सप्ताह वजन लेकर उनकी जांच करती रहे। 2.5 किलोग्राम से कम वजन का बच्चा कुपोषण का शिकार हो सकता है। उन्होंने कहा कि खुले में शौच से होने वाले नुकसान की भी जानकारी दी जाए। डीएम ने स्वास्थ्य कर्मियों से कहा कि प्रसव के बाद माता को छह माह तक बच्चे को अपना दूध पिलाने के लिए प्रेरित करें। बच्चों का टीकाकरण समय से कराएं। मुख्य विकास अधिकारी संजीव रंजन ने बताया कि कुपोषण रोकने के लिए सभी अधिकारी कमर कस लें। सीडीपीओ रेखा कौशिक, जिला पंचायतराज अधिकारी सतीश कुमार आदि ने भी विचार रखे। बेसिक शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला कल्याण व बाल विकास सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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शुक्रवार को विकास भवन सभागार में आयोजित पोषण पखवाड़ा कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने कहा कि कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य की समुचित देखभाल के लिए विभिन्न विभागों का समन्वय जरूरी है। उन्होंने कहा कि एएनएम एवं आशा बच्चों का प्रति सप्ताह वजन लेकर उनकी जांच करती रहे। 2.5 किलोग्राम से कम वजन का बच्चा कुपोषण का शिकार हो सकता है। उन्होंने कहा कि खुले में शौच से होने वाले नुकसान की भी जानकारी दी जाए। डीएम ने स्वास्थ्य कर्मियों से कहा कि प्रसव के बाद माता को छह माह तक बच्चे को अपना दूध पिलाने के लिए प्रेरित करें। बच्चों का टीकाकरण समय से कराएं। मुख्य विकास अधिकारी संजीव रंजन ने बताया कि कुपोषण रोकने के लिए सभी अधिकारी कमर कस लें। सीडीपीओ रेखा कौशिक, जिला पंचायतराज अधिकारी सतीश कुमार आदि ने भी विचार रखे। बेसिक शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला कल्याण व बाल विकास सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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