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न रैन बसेरे और न ही अलाव की व्यवस्था
Updated Wed, 13 Dec 2017 11:55 PM IST
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सहारनपुर। सर्दी अपने चरम पर है, लेकिन नगर निगम प्रशासन अभी तक रैन बसेरों और अलाव की व्यवस्था नहीं कर सका है। आलम यह है कि सड़कों पर पड़े लोग पॉलीथिन और पुराने टायर जलाकर ताप ले रहे हैं। नगर निगम के इस उपेक्षापूर्ण रवैैये से लोग परेशान हैं।
जनमंच प्रेक्षागृह के पास नगर निगम का स्थाई रैन बसेरा है, जहां कोई भी जरूरतमंद अपनी आईडी दिखाकर रात गुजार सकता है। इसके अलावा नगर निगम प्रत्येक वर्ष सर्दी में बेघर लोगों के लिए अस्थाई रैन बसेरों की व्यवस्था करता है। इसके अलावा शहर में अलग-अलग जगहों पर अलाव के लिए लकड़ी की व्यवस्था भी की जाती है। मगर इस बार नगर निगम ने अभी तक ऐसा कुछ नहीं किया है। बेघर लोग या तो खुले फुटपाथों पर रात गुजारने को मजबूर हैं या फिर रेलवे स्टेशन की टीनशेड में शरण लिए हुए हैं। ठंड से राहत पाने के लिए लकड़ी नहीं मिलने पर वह कचरे से पॉलीथिन जमा कर जला रहे हैं। इसके अलावा पुराने शहर में कुछ लोग पुराने टायर जलाकर भी आग की ताप ले रहे हैं। उधर, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गीताराम ने बताया कि नगर निगम का एक स्थाई रैन बसेरा चल ही रहा है, जहां लोगों को दोपहर का भोजन तक फ्री में मिलने लगा है। अभी तक सर्दी इतनी नहीं थी कि रैन बसेरों और अलाव की व्यवस्था की जा सके। अब चूंकि बारिश के बाद सर्दी बढ़ गई है तो जल्द ही रैन बसेरों और अलाव की व्यवस्था की जाएगी।
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जनमंच प्रेक्षागृह के पास नगर निगम का स्थाई रैन बसेरा है, जहां कोई भी जरूरतमंद अपनी आईडी दिखाकर रात गुजार सकता है। इसके अलावा नगर निगम प्रत्येक वर्ष सर्दी में बेघर लोगों के लिए अस्थाई रैन बसेरों की व्यवस्था करता है। इसके अलावा शहर में अलग-अलग जगहों पर अलाव के लिए लकड़ी की व्यवस्था भी की जाती है। मगर इस बार नगर निगम ने अभी तक ऐसा कुछ नहीं किया है। बेघर लोग या तो खुले फुटपाथों पर रात गुजारने को मजबूर हैं या फिर रेलवे स्टेशन की टीनशेड में शरण लिए हुए हैं। ठंड से राहत पाने के लिए लकड़ी नहीं मिलने पर वह कचरे से पॉलीथिन जमा कर जला रहे हैं। इसके अलावा पुराने शहर में कुछ लोग पुराने टायर जलाकर भी आग की ताप ले रहे हैं। उधर, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गीताराम ने बताया कि नगर निगम का एक स्थाई रैन बसेरा चल ही रहा है, जहां लोगों को दोपहर का भोजन तक फ्री में मिलने लगा है। अभी तक सर्दी इतनी नहीं थी कि रैन बसेरों और अलाव की व्यवस्था की जा सके। अब चूंकि बारिश के बाद सर्दी बढ़ गई है तो जल्द ही रैन बसेरों और अलाव की व्यवस्था की जाएगी।
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