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पावर ग्रिड कर्मचारियों ने पेड़ काटे, विरोध में किसानों का प्रदर्शन
Updated Sat, 28 Oct 2017 12:47 AM IST
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रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। पावर ग्रिड के कर्मचारियों ने विद्युत टावरों के नीचे खड़े पेड़ों पर कुल्हाड़ा चला कर करीब साढ़े सात सौ पेड़ धराशाई कर दिए। इससे गुस्साएं किसानों ने पावर ग्रिड पर जमकर हंगामा किया और काटे गए पेड़ों के मुआवजे की मांग की।
मोहनपुर गाड़ा के पास बने पावर ग्रिड तक विद्युत टावर के नीचे से ग्रिड के कर्मचारियों ने किसानों को सूचना दिए बिना पेड़ों पर कुल्हाड़ा चलाया गया। पेड़ों को उस समय धराशाई किया गया जब ग्रामीण गांव में ही एक शादी समारोह में शामिल थे। वह जब खेत पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि पेड़ कटे पड़े हैं। इसके बाद किसान समद अहमद, मुज्जमिल, वाजिद, अरशद, अब्दुल रहमान, जब्बार, वसील आदि पावर ग्रिड पर पहुंचे और उन्होंने उसके गेट पर जमकर हंगामा काटा। किसानों का आरोप था कि पावर ग्रिड के अधिकारियों ने किसानों को बिना सूचना दिए उनके खेतों में खड़े पेड़ों को काटवा दिया, जिससे उनको भारी नुकसान हुआ है। किसान सुबह नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक पावर ग्रिड के गेट पर हंगामा करते रहे परंतु मौके पर कोई अधिकारी उनकी बात को सुनने के लिए नहीं पहुंचा। इसके बाद वह लौट गए। किसानों ने कहा कि अब वह शीघ्र ही पावर ग्रिड के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई को लड़ेंगे। इसके लिए गांव में पंचायत कर रणनीति तैयार की जाएगी।
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मोहनपुर गाड़ा के पास बने पावर ग्रिड तक विद्युत टावर के नीचे से ग्रिड के कर्मचारियों ने किसानों को सूचना दिए बिना पेड़ों पर कुल्हाड़ा चलाया गया। पेड़ों को उस समय धराशाई किया गया जब ग्रामीण गांव में ही एक शादी समारोह में शामिल थे। वह जब खेत पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि पेड़ कटे पड़े हैं। इसके बाद किसान समद अहमद, मुज्जमिल, वाजिद, अरशद, अब्दुल रहमान, जब्बार, वसील आदि पावर ग्रिड पर पहुंचे और उन्होंने उसके गेट पर जमकर हंगामा काटा। किसानों का आरोप था कि पावर ग्रिड के अधिकारियों ने किसानों को बिना सूचना दिए उनके खेतों में खड़े पेड़ों को काटवा दिया, जिससे उनको भारी नुकसान हुआ है। किसान सुबह नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक पावर ग्रिड के गेट पर हंगामा करते रहे परंतु मौके पर कोई अधिकारी उनकी बात को सुनने के लिए नहीं पहुंचा। इसके बाद वह लौट गए। किसानों ने कहा कि अब वह शीघ्र ही पावर ग्रिड के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई को लड़ेंगे। इसके लिए गांव में पंचायत कर रणनीति तैयार की जाएगी।
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