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आलू को प्रदेश से बाहर भेजने पर किसानों को मिलेगा अनुदान
Updated Tue, 22 Aug 2017 12:35 AM IST
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आलू को प्रदेश से बाहर भेजने
पर किसानों को मिलेगा अनुदान
सहारनपुर। प्रदेश के आलू उत्पादकों और व्यवसायियों के लिए खुशखबरी है कि अब उन्हें प्रदेश से बाहर की मंडियों भेजने के लिए अनुदान दिया जाएगा। सरकार का इसके पीछे उद्देश्य यह है कि आलू उत्पादकों को बढ़िया दाम मिल सके।
जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार किसानों को दूर दराज की मंडियों में आलू बेचने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इसके लिए 50 रुपये प्रति कुंतल अथवा कुल परिवहन भाड़े का 25 प्रतिशत, जो भी कम हो परिवहन भाड़े पर अनुदान दिया जाएगा। यह दूरी कम से कम 300 किलोमीटर होनी चाहिए। सरकार की यह योजना 31 दिसंबर तक मंडी परिषद द्वारा लागू कराई जा रही है। डीएचओ ने बताया कि इस आलू पर राज्य मंडी परिषद द्वारा मंडी शुल्क एवं उस पर देय सेस शुल्क भी नहीं लिया जाएगा। यह आलू उन प्रदेशों में भेजने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा जहां बाजार भाव उत्तर प्रदेश से अधिक है। इन राज्यों में आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक, मणिपुर, त्रिपुरा, मेघालय, मिजोरम तथा नागालैंड आदि शामिल हैं।
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पर किसानों को मिलेगा अनुदान
सहारनपुर। प्रदेश के आलू उत्पादकों और व्यवसायियों के लिए खुशखबरी है कि अब उन्हें प्रदेश से बाहर की मंडियों भेजने के लिए अनुदान दिया जाएगा। सरकार का इसके पीछे उद्देश्य यह है कि आलू उत्पादकों को बढ़िया दाम मिल सके।
जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार किसानों को दूर दराज की मंडियों में आलू बेचने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इसके लिए 50 रुपये प्रति कुंतल अथवा कुल परिवहन भाड़े का 25 प्रतिशत, जो भी कम हो परिवहन भाड़े पर अनुदान दिया जाएगा। यह दूरी कम से कम 300 किलोमीटर होनी चाहिए। सरकार की यह योजना 31 दिसंबर तक मंडी परिषद द्वारा लागू कराई जा रही है। डीएचओ ने बताया कि इस आलू पर राज्य मंडी परिषद द्वारा मंडी शुल्क एवं उस पर देय सेस शुल्क भी नहीं लिया जाएगा। यह आलू उन प्रदेशों में भेजने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा जहां बाजार भाव उत्तर प्रदेश से अधिक है। इन राज्यों में आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक, मणिपुर, त्रिपुरा, मेघालय, मिजोरम तथा नागालैंड आदि शामिल हैं।
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