फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   अनुमति नहीं मिली तो नहीं हो पाई अवैध खनन के खिलाफ महापंचायत

अनुमति नहीं मिली तो नहीं हो पाई अवैध खनन के खिलाफ महापंचायत

Mon, 18 Mar 2019 12:01 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 18 Mar 2019 12:01 AM IST
विज्ञापन
अनुमति नहीं मिली तो नहीं हो पाई अवैध खनन के खिलाफ महापंचायत
बेहट (सहारनपुर)। अवैध खनन के खिलाफ रविवार को होने वाली महापंचायत के आयोजन को प्रशासन ने चुनाव आदर्श आचार संहिता के चलते अनुमति नहीं दी, जिसके बाद अवैध खनन का विरोध कर रहे लोगों ने अब इस लड़ाई को कानून के माध्यम से लड़ने की रणनीति बनाई है।
विज्ञापन

बता दें, कि पिछले दिनों क्षेत्रीय ग्रामीणों ने अवैध खनन के खिलाफ मोर्चा खोला था, जिसमें उन्होंने अवैध खनन करने वालों पर नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए यमुना नदी में अवैध खनन कराए जाने का आरोप लगाया था। असलमपुर बरथा गांव में पंचायत आयोजित कर ग्रामीणों ने आरपार की लड़ाई लड़ने का एलान किया था और 17 मार्च को महापंचायत कर निर्णायक आंदोलन की रणनीति बनाने का निर्णय लिया था, लेकिन रविवार को होने वाली इस महापंचायत के आयोजन की अनुमति प्रशासन की तरफ से नहीं दी गई। प्रशासन ने चुनाव आदर्श आचार संहिता का हवाला देते हुए अनुमति देने से इंकार कर दिया। अवैध खनन के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले ग्रामीणों का नेतृत्व कर रहे रामू चौधरी ने कहा कि कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी उन्होंने कहा कि बेहट व उसके आस-पास के क्षेत्र से अवैध खनिज से भरे वाहन, नानौली, पठेड़, रायेपुर, गंदेवड़, बादशाहीबाग,धौलाकुआं, तोड़रपुर, सुंदरपुर, गणेशपुर आदि से होकर गुजर रहे है, जिस पर लगाम नहीं लग पा रही है। चौधरी प्रीतम सिंह एवं अंकुर चेयरमैन ने कहा कि अवैध खनन से स्थानीय लोगों का रोजगार खत्म हो गया है। उन्होंने कहा कि बेहट कोतवाली के असलमपुर बरथा, बरथा कोरसी, थाना मिर्जापुर क्षेत्र के कड़ाईवाला आदि यमुना नदी के घाटों पर अवैध खनन कर खनिज संपदा हरियाणा के यमुनानगर में परिवहन किया जा रहा है, जो कि वहां से सहारनपुर समेत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पहुंच रहा है। चौधरी महक सिंह गुर्जर, दीपक राणा, भूरा चौधरी एवं रोहित कहा कि अब आगे की लड़ाई फिलहाल कानून के दायरे में लड़ी जाएगी। आदर्श आचार संहिता के चलते उन्हें महापंचायत करने की अनुमति नहीं मिली है। चुनाव के बाद इस लड़ाई को इसी क्रम में आगे बढ़ाया जाएगा। चुनाव खत्म होते ही अवैध खनन के खिलाफ महापंचायत बुलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि अवैध खनन करने वाले यमुना नदी में पर्यावरण एवं खनन नियमावली की धज्जियां उड़ा रहे है और उनके खिलाफ किसी भी स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed