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खुलेगा मोबाइल, निकलेगा राज, फंसेगे कई
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सहारनपुर। देवबंद से एटीएस द्वारा गिरफ्तार किए गए जैश ए मोहम्मद के आतंकियों के मोबाइल फोन से राज निकालने में एटीएस जुटी हुई है। मोबाइल फोन के जरिए ही आतंकी शाहनवाज और आकिब मलिक लोगों के संपर्क में थे। एटीएस को आशंका है कि देवबंद और सहारनपुर के अलावा आसपास के जनपदों के भी कुछ लोग आतंकियों के संपर्क में थे। एटीएस अब उनकी जानकारी करने में लगी है।
एटीएस ने बृहस्पतिवार रात में देवबंद के नाज मंजिल नाम के छात्रावास में छापा मारकर एक कमरे से दो आतंकियों शाहनवाज और आकिब को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने इनके पास से चार मोबाइल फोन भी बरामद किए थे। जिसमें कुछ ऐसी चैटिंग मिली थी, जिसमें जेहाद संबंधी बातें लिखी गईं थीं। एटीएस अब उनसे बरामद हुए अन्य मोबाइल फोनों से राज निकालने में जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि चैटिंग में जहां फिदायनी हमले की बात लिखी गई थी, वहीं कई जगह धमाके किए जाने की बातें भी निकलकर सामने आ रहीं हैं। कुछ वीडियो भी मिली हैं। हालांकि अभी मोबाइलों से पूरा डाटा नहीं निकल सका है। सूत्रों के अनुसार मोबाइल फोनों से काफी राज सामने आ सकते हैं। इन फोनों में काफी नंबर दर्ज हैं। जिनमें कुछ स्थानीय लोगों के नंबर भी हैं।
ऐसे में न सिर्फ उनके मोबाइलों में दर्ज फोन नंबर एटीएस के निशाने पर आ गए हैं, बल्कि आशंका जताई जा रही है कि आतंकियों के संपर्क में देवबंद और सहारनपुर के कुछ लोग आ चुके थे। एटीएस गोपनीय तरीके से सहारनपुर और देवबंद में ऐसे लोगों की छानबीन करने में जुट गई है। जिससे कई अन्य लोगों के एटीएस के चंगुल में फंसने की आशंका है।
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एटीएस ने बृहस्पतिवार रात में देवबंद के नाज मंजिल नाम के छात्रावास में छापा मारकर एक कमरे से दो आतंकियों शाहनवाज और आकिब को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने इनके पास से चार मोबाइल फोन भी बरामद किए थे। जिसमें कुछ ऐसी चैटिंग मिली थी, जिसमें जेहाद संबंधी बातें लिखी गईं थीं। एटीएस अब उनसे बरामद हुए अन्य मोबाइल फोनों से राज निकालने में जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि चैटिंग में जहां फिदायनी हमले की बात लिखी गई थी, वहीं कई जगह धमाके किए जाने की बातें भी निकलकर सामने आ रहीं हैं। कुछ वीडियो भी मिली हैं। हालांकि अभी मोबाइलों से पूरा डाटा नहीं निकल सका है। सूत्रों के अनुसार मोबाइल फोनों से काफी राज सामने आ सकते हैं। इन फोनों में काफी नंबर दर्ज हैं। जिनमें कुछ स्थानीय लोगों के नंबर भी हैं।
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ऐसे में न सिर्फ उनके मोबाइलों में दर्ज फोन नंबर एटीएस के निशाने पर आ गए हैं, बल्कि आशंका जताई जा रही है कि आतंकियों के संपर्क में देवबंद और सहारनपुर के कुछ लोग आ चुके थे। एटीएस गोपनीय तरीके से सहारनपुर और देवबंद में ऐसे लोगों की छानबीन करने में जुट गई है। जिससे कई अन्य लोगों के एटीएस के चंगुल में फंसने की आशंका है।
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