{"_id":"5bf5a557bdec226934564933","slug":"121542825303-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूनिटेक पर चल रहा आमरण अनशन खत्म कराया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूनिटेक पर चल रहा आमरण अनशन खत्म कराया
Updated Thu, 22 Nov 2018 12:05 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। यूएम आटोकाम्प-यूनिटेक मशींस प्रबंधन के खिलाफ पिछले सात दिन से चल रहा आमरण अनशन बुधवार को श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने जूस पिला कर खत्म करा दिया। निलंबित किए गए कर्मचारियों को समझाया गया कि वे अपनी लड़ाई के लिए कोर्ट का सहारा ले।
बता दें कि यूनिटेक कंपनी प्रबंधन ने छह कर्मचारियों पर यह आरोप लगाते हुए निकाल दिया था कि वह बाहरी तत्वों के साथ मिलकर कंपनी के विरुद्ध कार्य कर रहे हैं। इसके बाद यह सभी कर्मचारी गांव दीपाखेड़ी मार्ग पर पिछली 15 तारीख से आमरण अनशन पर बैठे थे। इस बीच कई बार प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने वार्ता की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका था। बुधवार को धरना स्थल पर पहुंचे श्रम प्रवर्तन अधिकारी संतोष त्रिपाठी ने अनशन कर रहे गोपाल, रूपचंद, आदेश आदि को जूस पिलाकर अनशन को तुड़वाया। श्रम अधिकारी ने अनशनकारियों को समझाया कि वे अपने हक के लिए न्यायालय का सहारा लें। इस तरह आंदोलन का रास्ता गलत है। उनकी बात को मानते हुए आंदोलन खत्म करने की घोषणा कर दी। उधर कंपनी के प्लांट हैड एसएम साचान ने कहा कि जिन छह कर्मचारियों को निलंबित किया गया था वह कंपनी में शांति भंग करने का काम कर रहे थे। जबकि कंपनी के हैड एचआर एसएम पिल्लई ने कहा कि कंपनी वित्तीय संकट से जूझ रही है। इसके बाद भी वह वर्करों के हित के लिए लगातार कार्य कर रही है और उनके लिए कल्याणकारी योजनाएं भी चला रही है।
विज्ञापन
बता दें कि यूनिटेक कंपनी प्रबंधन ने छह कर्मचारियों पर यह आरोप लगाते हुए निकाल दिया था कि वह बाहरी तत्वों के साथ मिलकर कंपनी के विरुद्ध कार्य कर रहे हैं। इसके बाद यह सभी कर्मचारी गांव दीपाखेड़ी मार्ग पर पिछली 15 तारीख से आमरण अनशन पर बैठे थे। इस बीच कई बार प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने वार्ता की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका था। बुधवार को धरना स्थल पर पहुंचे श्रम प्रवर्तन अधिकारी संतोष त्रिपाठी ने अनशन कर रहे गोपाल, रूपचंद, आदेश आदि को जूस पिलाकर अनशन को तुड़वाया। श्रम अधिकारी ने अनशनकारियों को समझाया कि वे अपने हक के लिए न्यायालय का सहारा लें। इस तरह आंदोलन का रास्ता गलत है। उनकी बात को मानते हुए आंदोलन खत्म करने की घोषणा कर दी। उधर कंपनी के प्लांट हैड एसएम साचान ने कहा कि जिन छह कर्मचारियों को निलंबित किया गया था वह कंपनी में शांति भंग करने का काम कर रहे थे। जबकि कंपनी के हैड एचआर एसएम पिल्लई ने कहा कि कंपनी वित्तीय संकट से जूझ रही है। इसके बाद भी वह वर्करों के हित के लिए लगातार कार्य कर रही है और उनके लिए कल्याणकारी योजनाएं भी चला रही है।
विज्ञापन