{"_id":"5a94519d4f1c1b2d068b8d7e","slug":"121519669661-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीरिया में मासूम बच्चों की मौत से देवबंदी उलमा दुखी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीरिया में मासूम बच्चों की मौत से देवबंदी उलमा दुखी
Updated Mon, 26 Feb 2018 11:57 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीरिया में बमबारी की देवबंदी उलमा ने की निंदा
देवबंद (सहारनपुर)। संयुक्त राष्ट्र संघ में युद्ध विराम का प्रस्ताव पास होने के बाद सीरिया में लगातार की जा रही बमबारी में मासूम बच्चों की मौत पर देवबंदी उलमा ने दुख का इजहार किया। उन्होंने इसकी कड़ी निंदा करते हुए इसे इंसानियत का कत्ल करार दिया।
सोमवार को दारुल उलूम फारुकिया के मोहतमिम मौलाना नूरुलहुदा कासमी का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र संघ के द्वारा युद्ध विराम का प्रस्ताव पास होने के बावजूद सीरिया में लगातार हमले जारी हैं। जिसमें बेकसूर नागरिकों की जानें जा रही हैं और इनमें एक बड़ी तादाद मासूम बच्चों की है। उन्होंने कहा कि जो ताकतें सीरिया में अमन के हालात पैदा करने के खिलाफ हैं वो बहाने तलाश करके वहां शांति बहाल नहीं होने दे रही हैं। मौलाना नूरुलहुदा ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ या तो नकारा हो चुका है या फिर उसे बड़े मुल्कों ने बंधक बना रखा है। जिसके चलते ही फौजें मिलकर सीरिया में शहरियों पर हमले कर रही हैं। ह्यूमन राइटस इस पर निगाह रखे हुए है और उसका भी कहना है कि युद्ध विराम का प्रस्ताव पास होने के कुछ ही देर बाद सीरिया के इलाके पर बमबारी की गई। जिससे साफ है कि कुछ बड़ी ताकतें संयुक्त राष्ट्र संघ को इस मामले में कार्रवाई करने से रोक रही हैैं।
विज्ञापन
देवबंद (सहारनपुर)। संयुक्त राष्ट्र संघ में युद्ध विराम का प्रस्ताव पास होने के बाद सीरिया में लगातार की जा रही बमबारी में मासूम बच्चों की मौत पर देवबंदी उलमा ने दुख का इजहार किया। उन्होंने इसकी कड़ी निंदा करते हुए इसे इंसानियत का कत्ल करार दिया।
सोमवार को दारुल उलूम फारुकिया के मोहतमिम मौलाना नूरुलहुदा कासमी का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र संघ के द्वारा युद्ध विराम का प्रस्ताव पास होने के बावजूद सीरिया में लगातार हमले जारी हैं। जिसमें बेकसूर नागरिकों की जानें जा रही हैं और इनमें एक बड़ी तादाद मासूम बच्चों की है। उन्होंने कहा कि जो ताकतें सीरिया में अमन के हालात पैदा करने के खिलाफ हैं वो बहाने तलाश करके वहां शांति बहाल नहीं होने दे रही हैं। मौलाना नूरुलहुदा ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ या तो नकारा हो चुका है या फिर उसे बड़े मुल्कों ने बंधक बना रखा है। जिसके चलते ही फौजें मिलकर सीरिया में शहरियों पर हमले कर रही हैं। ह्यूमन राइटस इस पर निगाह रखे हुए है और उसका भी कहना है कि युद्ध विराम का प्रस्ताव पास होने के कुछ ही देर बाद सीरिया के इलाके पर बमबारी की गई। जिससे साफ है कि कुछ बड़ी ताकतें संयुक्त राष्ट्र संघ को इस मामले में कार्रवाई करने से रोक रही हैैं।
विज्ञापन