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आसान नहीं होगी भाजपा की डगर
Updated Wed, 06 Dec 2017 11:58 PM IST
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सहारनपुर। निकाय चुनाव में सहारनपुर नगर निगम की मेयर और नगर पालिका सरसावा का चेयरमैन पद जीतने वाली भाजपा की डगर आसान नहीं है। क्योंकि, जनपद की छह नगर पंचायतों में से चार पर भाजपा प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई है। नगर पालिकाओं पर भी उम्मीदवार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए। इसका असर मिशन 2019 पर पड़ सकता है।
प्रदेश के 16 नगर निगमों में से भाजपा ने सहारनपुर सहित भले ही 14 पर जीत हासिल की हो, लेकिन जनपद की छह नगर पंचायतों और तीन नगर पालिकाओं में भाजपा प्रत्याशियों का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। नगर निगम की मेयर और नगर पालिका सरसावा पर भाजपा प्रत्याशियों ने जीत का परचम लहराया है, लेकिन नगर पंचायत अंबेहटा पीर, बेहट, चिलकाना और तीतरो पर भाजपा प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। भाजपा उम्मीदवार जिले की चार में तीन नगर पालिकाओं और सभी नगर पंचायतों पर हारे हैं। नगर निगम की मेयर सीट भी भाजपा हारते-हारते बची है। इस स्थिति में भाजपा की डगर आगे आसान होती नहीं दिखाई दे रही है। निकाय चुनाव में जनपद स्तर पर भाजपा के प्रदर्शन को लेकर पार्टी हाईकमान भी चिंतित है। इसी कारण समीक्षा बैठके बाद संगठन में जिला और महानगर स्तर पर बड़ा बदलाव होना तय माना जा रहा है।
उधर, कई सीटों पर कांग्रेस, सपा और बसपा के प्रत्याशी भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए। इनमें भाजपा और सपा की स्थिति ज्यादा खराब दिखाई दी है। बसपा का प्रदर्शन विधानसभा चुनाव के मुकाबले अच्छा रहा है। भाजपा के अलावा कांग्रेस, बसपा और सपा हाईकमान भी चुनाव के नतीजों को लेकर मंथन में लगी है।
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मिशन 2019 की रिहर्सल के रूप में देखा गया चुनाव
सहारनपुर। निकाय चुनाव को सभी राजनीतिक दलों ने 2019 के लोकसभा चुनाव के रिहर्सल के रूप देखा है। चुनाव के नतीजे आने के बाद भाजपा, बसपा, सपा और कांग्रेस पार्टी हाईकमान नतीजों पर मंथन करने के साथ मिशन 2019 की तैयारी भी शुरू कर दी है। बूथवार समीक्षा की जा रही है और इसी के आधार पर लोकसभा चुनाव की रणनीति बनाई जाएगी।
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प्रदेश के 16 नगर निगमों में से भाजपा ने सहारनपुर सहित भले ही 14 पर जीत हासिल की हो, लेकिन जनपद की छह नगर पंचायतों और तीन नगर पालिकाओं में भाजपा प्रत्याशियों का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। नगर निगम की मेयर और नगर पालिका सरसावा पर भाजपा प्रत्याशियों ने जीत का परचम लहराया है, लेकिन नगर पंचायत अंबेहटा पीर, बेहट, चिलकाना और तीतरो पर भाजपा प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। भाजपा उम्मीदवार जिले की चार में तीन नगर पालिकाओं और सभी नगर पंचायतों पर हारे हैं। नगर निगम की मेयर सीट भी भाजपा हारते-हारते बची है। इस स्थिति में भाजपा की डगर आगे आसान होती नहीं दिखाई दे रही है। निकाय चुनाव में जनपद स्तर पर भाजपा के प्रदर्शन को लेकर पार्टी हाईकमान भी चिंतित है। इसी कारण समीक्षा बैठके बाद संगठन में जिला और महानगर स्तर पर बड़ा बदलाव होना तय माना जा रहा है।
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उधर, कई सीटों पर कांग्रेस, सपा और बसपा के प्रत्याशी भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए। इनमें भाजपा और सपा की स्थिति ज्यादा खराब दिखाई दी है। बसपा का प्रदर्शन विधानसभा चुनाव के मुकाबले अच्छा रहा है। भाजपा के अलावा कांग्रेस, बसपा और सपा हाईकमान भी चुनाव के नतीजों को लेकर मंथन में लगी है।
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मिशन 2019 की रिहर्सल के रूप में देखा गया चुनाव
सहारनपुर। निकाय चुनाव को सभी राजनीतिक दलों ने 2019 के लोकसभा चुनाव के रिहर्सल के रूप देखा है। चुनाव के नतीजे आने के बाद भाजपा, बसपा, सपा और कांग्रेस पार्टी हाईकमान नतीजों पर मंथन करने के साथ मिशन 2019 की तैयारी भी शुरू कर दी है। बूथवार समीक्षा की जा रही है और इसी के आधार पर लोकसभा चुनाव की रणनीति बनाई जाएगी।