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बनाने हैं 12 लाख ई-श्रम कार्ड, अब तक बने सिर्फ 98 हजार
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सहारनपुर। असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराए जा रहे हैं। जिससे इन श्रमिकों का एक डाटाबेस बन सके। जनपद में 12,27,191 श्रमिकों का पंजीकरण कराने का लक्ष्य है, लेकिन अब तक 98 हजार से अधिक का पंजीकरण कराया जा चुका है। पंजीकरण में तेजी नहीं होने की बड़ी वजह पंजीकरण साइट की गति का धीमा होना बताया जा रहा है।
ई- श्रम कार्ड योजना के तहत 156 प्रकार का कार्य करने वाले असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का पंजीकरण कराया जा रहा है। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों का पंजीकरण कराने का लक्ष्य दिया गया है। इनमें आशा वर्कर, आंगनबाड़ी कर्मचारी, किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे किसान, दुकान कर्मचारी, निर्माण श्रमिक, मनरेगा श्रमिक, प्रधानमंत्री स्वनिधि से जुडे़ श्रमिक आदि असंगठित क्षेत्र के श्रमिक शामिल हैं। जिससे इन श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के साथ ही अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जा सके। इसके लिए सरकार राष्ट्रीय स्तर पर एक डाटाबेस के तैयार करा रही है। जिससे इसके आधार पर श्रमिकों के लिए अन्य कल्याणकारी योजनाएं भी बनाई जा सकें।
पंजीकरण के लिए पात्र
ई- श्रम कार्ड बनवाने के लिए असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की आयु सीमा 18 से 56 वर्ष रखी गई है। इनमें कुली, फल-सब्जी विक्रेता, डेरी कर्मचारी, दुकानों पर काम करने वाले श्रमिक, रिक्शा चालक, हाथ ठेला चलाने वाले, माली, नाई, मनरेगा श्रमिक, खेती में काम करने वाले, आंगनबाड़ी कर्मचारी, आशा वर्कर, वाहन चालक, ट्रक चालक, निर्माण श्रमिक, कुक्कुट पालक, वानिकी श्रमिक, मत्स्य पालक, वाहन क्लीनर, मोटर वाहन मैकेनिक, आभूषण कारीगर, घरेलू रसोइया, घरेलू सफाई कर्मचारी, डेयरी उत्पाद निर्माता, जूता बनाने वाले आदि शामिल हैं।
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साइट धीमी होने से पंजीकरण में देेरी
असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के ई-श्रम कार्ड बनाने काम कॉमन फैसिलिटी सेंटर के माध्यम से निशुल्क कराया जा रहा है। पूरे देश में एक साथ पंजीकरण का काम चल रहा है। इसलिए दिन के समय श्रम पोर्टल की साइट की गति धीमी रहती है। इससे पंजीकरण कराने में देरी हो रही है। इसके लिए उच्च स्तरीय अधिकारियों से बात की गई है। उम्मीद है कि जल्द ही पंजीकरण का कार्य तेजी पकड़ लेगा। -- शक्ति सेन मौर्य, उप श्रमायुक्त।
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ई- श्रम कार्ड योजना के तहत 156 प्रकार का कार्य करने वाले असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का पंजीकरण कराया जा रहा है। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों का पंजीकरण कराने का लक्ष्य दिया गया है। इनमें आशा वर्कर, आंगनबाड़ी कर्मचारी, किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे किसान, दुकान कर्मचारी, निर्माण श्रमिक, मनरेगा श्रमिक, प्रधानमंत्री स्वनिधि से जुडे़ श्रमिक आदि असंगठित क्षेत्र के श्रमिक शामिल हैं। जिससे इन श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के साथ ही अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जा सके। इसके लिए सरकार राष्ट्रीय स्तर पर एक डाटाबेस के तैयार करा रही है। जिससे इसके आधार पर श्रमिकों के लिए अन्य कल्याणकारी योजनाएं भी बनाई जा सकें।
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पंजीकरण के लिए पात्र
ई- श्रम कार्ड बनवाने के लिए असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की आयु सीमा 18 से 56 वर्ष रखी गई है। इनमें कुली, फल-सब्जी विक्रेता, डेरी कर्मचारी, दुकानों पर काम करने वाले श्रमिक, रिक्शा चालक, हाथ ठेला चलाने वाले, माली, नाई, मनरेगा श्रमिक, खेती में काम करने वाले, आंगनबाड़ी कर्मचारी, आशा वर्कर, वाहन चालक, ट्रक चालक, निर्माण श्रमिक, कुक्कुट पालक, वानिकी श्रमिक, मत्स्य पालक, वाहन क्लीनर, मोटर वाहन मैकेनिक, आभूषण कारीगर, घरेलू रसोइया, घरेलू सफाई कर्मचारी, डेयरी उत्पाद निर्माता, जूता बनाने वाले आदि शामिल हैं।
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साइट धीमी होने से पंजीकरण में देेरी
असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के ई-श्रम कार्ड बनाने काम कॉमन फैसिलिटी सेंटर के माध्यम से निशुल्क कराया जा रहा है। पूरे देश में एक साथ पंजीकरण का काम चल रहा है। इसलिए दिन के समय श्रम पोर्टल की साइट की गति धीमी रहती है। इससे पंजीकरण कराने में देरी हो रही है। इसके लिए उच्च स्तरीय अधिकारियों से बात की गई है। उम्मीद है कि जल्द ही पंजीकरण का कार्य तेजी पकड़ लेगा। -- शक्ति सेन मौर्य, उप श्रमायुक्त।