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चंद्रग्रहण: दोपहर बंद हो गए मंदिरों के कपाट
Updated Sat, 28 Jul 2018 12:33 AM IST
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सहारनपुर। सदी के सबसे लंबे चंद्र ग्रहण के मद्देनजर शुक्रवार दोपहर मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए। इससे पहले मंदिरों में पूजा-अर्चना की गई। सूतक काल हटने के बाद ही शनिवार की सुबह मंदिरों के कपाट खुलेंगे और पूजा अर्चना होगी। बारिश और बादलों के चलते लोग ग्रहण नहीं देख सके।
सूतक लगने से पहले दोपहर में पूजा अर्चना के साथ शहर के सभी मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए। श्री बगलामुखी मंदिर के अधिष्ठाता पंडित रोहित वशिष्ठ और तहसील शिव मंदिर के अधिष्ठाता पंडित अभिषेक कृष्णात्रेय ने बताया कि यह सदी का सबसे लंबा पांच घंटे का चंद्रग्रहण है। इससे पहले 31 जनवरी को भी पूर्ण चंद्रग्रहण हुआ था। तब ग्रहण एक घंटा 40 मिनट तक का था। सबसे छोटा चंद्रग्रहण 2015 को लगा था, जो कि चार मिनट 48 सेकेंड का था। उधर, लोग सदी का सबसे लंबा ग्रहण देखना चाहते थे, लेकिन बारिश और बादलों के चलते ग्रहण दिखाई नहीं दिया। टीवी के माध्यम से ही लोगों ने चंद्रग्रहण देखा।
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सूतक लगने से पहले दोपहर में पूजा अर्चना के साथ शहर के सभी मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए। श्री बगलामुखी मंदिर के अधिष्ठाता पंडित रोहित वशिष्ठ और तहसील शिव मंदिर के अधिष्ठाता पंडित अभिषेक कृष्णात्रेय ने बताया कि यह सदी का सबसे लंबा पांच घंटे का चंद्रग्रहण है। इससे पहले 31 जनवरी को भी पूर्ण चंद्रग्रहण हुआ था। तब ग्रहण एक घंटा 40 मिनट तक का था। सबसे छोटा चंद्रग्रहण 2015 को लगा था, जो कि चार मिनट 48 सेकेंड का था। उधर, लोग सदी का सबसे लंबा ग्रहण देखना चाहते थे, लेकिन बारिश और बादलों के चलते ग्रहण दिखाई नहीं दिया। टीवी के माध्यम से ही लोगों ने चंद्रग्रहण देखा।
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