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निकाह हलाला प्रथा को समाज में गलत तरीके से पेश किया जा रहा: उलमा
Updated Wed, 18 Jul 2018 12:21 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। निकाह हलाला प्रथा को समाज में गलत तरीके से पेश करने पर देवबंदी उलमा ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार से जुड़े लोग और कुछ संगठनों द्वारा सही जानकारी के बिना निकाह हलाला प्रथा पर हाय तौबा मचाया जा रहा है। जबकि इसकी हकीकत कुछ और है।
मंगलवार को दारुल उलूम अशरफिया के मोहतमिम मौलाना सालिम अशरफ कासमी ने कहा कि हलाला क्या है इसको समाज ने सही तरीके से नहीं जाना। दरअसल समाज से तलाक जैसी गंदगी को पाक करने के लिए हलाला है। यानि शौहर में यह खौफ और दहशत पैदा हो कि हमारी बीवी दूसरे के यहां इस्तेमाल होगी और निकाह में जाएगी। किस मर्द की गैरत इसको गवारा करेगी यह नौबत न आए इसलिए हलाला है। उन्होंने कहा कि हलाला को लेकर अलग अलग संगठन, सरकारें और खास तरह की जहनियत रखने वाले लोग लगातार इसका विरोध कर रहे हैं। लेकिन इसकी हकीकत को कोई नहीं समझता। हलाला जिस रुप में समाज के सामने पेश किया जा रहा है उसका वो रुप नहीं है। कहा कि हलाला का मसला सिर्फ इसलिए रखा गया है कि समाज तलाक से पाक हो जाए और किसी औरत का शोषण न हो। मौलाना सगीर कासमी ने भी निकाह हलाला प्रथा को गलत तरीके से पेश करने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जो लोग इसको लेकर शोर मचा रहे हैं और कानून बनाने की बात कर रहे हैं, पहले उनको इसकी हकीकत के बारे में जान लेना चाहिए।
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मंगलवार को दारुल उलूम अशरफिया के मोहतमिम मौलाना सालिम अशरफ कासमी ने कहा कि हलाला क्या है इसको समाज ने सही तरीके से नहीं जाना। दरअसल समाज से तलाक जैसी गंदगी को पाक करने के लिए हलाला है। यानि शौहर में यह खौफ और दहशत पैदा हो कि हमारी बीवी दूसरे के यहां इस्तेमाल होगी और निकाह में जाएगी। किस मर्द की गैरत इसको गवारा करेगी यह नौबत न आए इसलिए हलाला है। उन्होंने कहा कि हलाला को लेकर अलग अलग संगठन, सरकारें और खास तरह की जहनियत रखने वाले लोग लगातार इसका विरोध कर रहे हैं। लेकिन इसकी हकीकत को कोई नहीं समझता। हलाला जिस रुप में समाज के सामने पेश किया जा रहा है उसका वो रुप नहीं है। कहा कि हलाला का मसला सिर्फ इसलिए रखा गया है कि समाज तलाक से पाक हो जाए और किसी औरत का शोषण न हो। मौलाना सगीर कासमी ने भी निकाह हलाला प्रथा को गलत तरीके से पेश करने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जो लोग इसको लेकर शोर मचा रहे हैं और कानून बनाने की बात कर रहे हैं, पहले उनको इसकी हकीकत के बारे में जान लेना चाहिए।
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