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मुतहिदा मजलिस ए अमल
Updated Sun, 21 Jan 2018 12:17 AM IST
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सहारनपुर। धार्मिक स्थलों में लाउडस्पीकर के प्रयोग की अनुमति देने में भेदभाव नहीं करने सहित अन्य मांगों को लेकर मुत्तहिदा मजलिस ए अमल ने अपर जिलाधिकारी प्रशासन एसके दूबे को राज्यपाल राम नाईक के नाम ज्ञापन सौंपा।
शनिवार को एडीएम ई को सौंपे ज्ञापन में मुत्तहिदा मजलिस ए अमल ने कहा कि सरकार धार्मिक स्थलों में लाउडस्पीकरों की ध्वनि का डेसिबल वहां की पूजा पद्धति के उद्देश्य को सामने रखते हुए तय करें। उन्होंने कहा कि जिन धार्मिक स्थलों, मस्जिदों, मदरसों, इमाम बारगाहों, खानकाहों और दरगाहों पर पहले से लाउडस्पीकर का प्रयोग होता आ रहा है, उनको यथावत रखने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा कि लाउडस्पीकर की अनुमति देने में प्रशासन विधि के विरुद्घ कार्य ना करें और इस्लामिक धार्मिक स्थलों के बैनामों एवं वक्फ रजिस्ट्रेशन आदि का अनावश्यक ब्यौरा मांगकर परेशान करने वाली भेदभावपूर्ण नीति से बचे। उन्होंने कहा कि संगठन न्यायालयों का सम्मान करता है, लेकिन भेदभाव और धार्मिक स्वतंत्रता से कोई समझौता नहीं कर सकता। मो. नफीस, जाबिर हुसैन, मो. इकबाल, मो. यामीन, मो. जैद, महबूब, हाजी अख्तर, मो. अशफाक, मोतसिम आदि रहे।
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शनिवार को एडीएम ई को सौंपे ज्ञापन में मुत्तहिदा मजलिस ए अमल ने कहा कि सरकार धार्मिक स्थलों में लाउडस्पीकरों की ध्वनि का डेसिबल वहां की पूजा पद्धति के उद्देश्य को सामने रखते हुए तय करें। उन्होंने कहा कि जिन धार्मिक स्थलों, मस्जिदों, मदरसों, इमाम बारगाहों, खानकाहों और दरगाहों पर पहले से लाउडस्पीकर का प्रयोग होता आ रहा है, उनको यथावत रखने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा कि लाउडस्पीकर की अनुमति देने में प्रशासन विधि के विरुद्घ कार्य ना करें और इस्लामिक धार्मिक स्थलों के बैनामों एवं वक्फ रजिस्ट्रेशन आदि का अनावश्यक ब्यौरा मांगकर परेशान करने वाली भेदभावपूर्ण नीति से बचे। उन्होंने कहा कि संगठन न्यायालयों का सम्मान करता है, लेकिन भेदभाव और धार्मिक स्वतंत्रता से कोई समझौता नहीं कर सकता। मो. नफीस, जाबिर हुसैन, मो. इकबाल, मो. यामीन, मो. जैद, महबूब, हाजी अख्तर, मो. अशफाक, मोतसिम आदि रहे।
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