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हिंडन नदी का सर्वे करने में जुटी दिल्ली और यूपी की टीम

Wed, 20 Sep 2017 01:04 AM IST
Updated Wed, 20 Sep 2017 01:04 AM IST
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हिंडन नदी का सर्वे करने में जुटी दिल्ली और यूपी की टीम
हिंडन नदी का सर्वे करने में जुटी दिल्ली और यूपी की टीम
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सहारनपुर। जहरीली हो चुकी हिंडन नदी का सर्वे कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। मेरठ के कमिश्नर की सक्रियता के बाद यूपी ही नहीं, बल्कि दिल्ली सरकार के मुलाजिम भी हरकत में आए हैं। पिछले दो दिन से मेरठ, शामली और सहारनपुर के अधिकारियों के साथ ही दिल्ली के अधिकारियों की टीम हिंडन नदी का सर्वे करने में जुटी है। यह संयुक्त टीम नदी के उद्गम स्थल से लेकर इसमें मिलने वाली सहायक नदियों और नालों की वीडियोग्राफी कराकर रिपोर्ट तैयार कर रही है। रिपोर्ट शासन को जाएगी, जिसके बाद उम्मीद है कि सरकार नदी को साफ करने के लिए कदम उठाएगी।

तीन दिवसीय सर्वे की शुरूआत सोमवार से हुई। इसमें दिल्ली के साथ ही मेरठ और शामली के अधिकारी तथा सहारनपुर के वन विभाग, सिंचाई निर्माण खंड व हिंडन को बचाने के लिए बनी विशेष समिति के सदस्य शामिल रहे। पहले दिन संयुक्त टीम शाकंभरी वन विभाग की रेंज में पहुंची, जहां सहंस्रा खोल, नागदेव नदी का उद्गम स्थल आदि देखे। टीम ने पाया कि उद्गम स्थल से नदी का पानी पूरी तरह साफ है, मगर सहारनपुर को क्रॉस करते ही नदी का पानी जहरीला बन रहा है। शिवालिक के जंगल में वन विभाग ने नदी पर तटबंध बनाए हैं, जिसकी वजह से नदी में पानी का स्तर बढ़ा है। टीम ने रिपोर्ट में दर्ज किया है कि यदि और तटबंध बना दिए जाएं तो इसमें पानी की मात्रा और बढ़ सकती है। सर्वे के दौरान काली नदी, नागदेव, ढमोला, पांवधोई और चचाराव नदी, हिंडन की सहायक नदी के रूप में मिली। जिनमें से कई नदियां ऐसी हैं, जिनकी वजह से हिंडन का पानी और दूषित हुआ है। दूसरे दिन मंगलवार को संयुक्त टीम कमालपुर, गंगोली, घोघरेकी, साढ़ौली हरिया आदि गांव में पहुंची। किसी गांव में उद्गम तो कहीं नदियों का मिलन देखने को मिला। कल यानी बुधवार को टीम हिंडन के मूल उद्गम स्थल कालीवाला टोंगिया जाएगी, जिसके लिए टीम सदस्यों को करीब आठ किलोमीटर पैदल चलना होगा। सर्वे के तहत टीमें नदी की वीडियोग्राफी भी कर रही हैं। एक तरह से सर्वे में नदी के प्राकृतिक स्वरूप और भौगोलिक स्थिति का पता लगाया जा रहा है, जिससे इसकी सफाई के लिए कार्ययोजना बनाने में किसी तरह की परेशानी न आए। रिपोर्ट मेरठ कमिश्नर प्रभात कुमार को सौंपी जाएगी, जो उसे सरकार के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। उसके बाद का काम सरकार का है। मंगलवार को टीम के साथ सहारनपुर की ओर से प्रमुख रूप से नीर फाउंडेशन के रमनकांत, मेरठ के कमिश्नर द्वारा गठित विशेष समिति के सदस्य डॉ. एसके उपाध्याय, राजीव उपाध्याय यायावर, सिंचाई निर्माण खंड के जेई आजम खान, वरिष्ठ सहायक अतुल वर्मा आदि शामिल रहे। -------
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