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मानव एकता दिवस
Updated Wed, 25 Apr 2018 12:52 AM IST
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मानवता एकता दिवस पर हुआ संत समागम
नकुड़। मानव एकता दिवस के उपलक्ष्य में संत निरंकारी मिशन से जुड़े अनुयायियों द्वारा संत समागम का आयोजन किया गया। नकुड़-सहारनपुर रोड़ पर स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में मंगलवार को मानव एकता दिवस मनाया गया। सत्संग भवन में संत समागम में ब्रांच प्रमुख धीर सिंह सैनी ने कहा कि मानवता का कल्याण प्रेम, सहनशीलता एवं सद्भाव जैसे गुणों से ही संभव है। बताया कि वर्ष 1980 में जब देश में आतंकवाद चरम सीमा पर था। कुछ कट्टरपंथियों ने देश में अराजकता फैला रखी थी। उस समय सद्गुरु बाबा गुरूबचन सिंह शांति के संदेशवाहक के रूप में कार्य कर रहे थे। निरंकारी मिशन से शांति प्रेमियों का जुड़ाव कट्टरपंथियों को रास नहीं आया और 24 अप्रैल 1980 को कट्टरपंथियों ने इस शांति के दूत की हत्या कर दी थी। निरंकारी जगत तभी से इस दिन को मानव एकता दिवस के रूप में मनाता आ रहा है। मामचंद बर्मन, स्नेहलता, राजेश, निशा, रामनाथ वाल्मीकि, सभाचंद, बबली, मनकार, पवन कुमार, छोटेलाल, रामबीर व जय कुमार आदि रहे।
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नकुड़। मानव एकता दिवस के उपलक्ष्य में संत निरंकारी मिशन से जुड़े अनुयायियों द्वारा संत समागम का आयोजन किया गया। नकुड़-सहारनपुर रोड़ पर स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में मंगलवार को मानव एकता दिवस मनाया गया। सत्संग भवन में संत समागम में ब्रांच प्रमुख धीर सिंह सैनी ने कहा कि मानवता का कल्याण प्रेम, सहनशीलता एवं सद्भाव जैसे गुणों से ही संभव है। बताया कि वर्ष 1980 में जब देश में आतंकवाद चरम सीमा पर था। कुछ कट्टरपंथियों ने देश में अराजकता फैला रखी थी। उस समय सद्गुरु बाबा गुरूबचन सिंह शांति के संदेशवाहक के रूप में कार्य कर रहे थे। निरंकारी मिशन से शांति प्रेमियों का जुड़ाव कट्टरपंथियों को रास नहीं आया और 24 अप्रैल 1980 को कट्टरपंथियों ने इस शांति के दूत की हत्या कर दी थी। निरंकारी जगत तभी से इस दिन को मानव एकता दिवस के रूप में मनाता आ रहा है। मामचंद बर्मन, स्नेहलता, राजेश, निशा, रामनाथ वाल्मीकि, सभाचंद, बबली, मनकार, पवन कुमार, छोटेलाल, रामबीर व जय कुमार आदि रहे।