{"_id":"5a3812f64f1c1b96368b55af","slug":"111513624310-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आदमखोर हुए आवारा कुते, दहशत--","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आदमखोर हुए आवारा कुते, दहशत--
Updated Tue, 19 Dec 2017 12:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। जनपद में आवारा कुत्ते आदमखोर हो गए हैं। कुत्तों के आतंक से लोगों में दहशत है। कुत्ते पहले भी बच्चों को निशाना बना चुके हैं।
कोतवाली रामपुर मनिहारान क्षेत्र के गांव मल्हीपुर निवासी डेढ़ वर्षीय मासूम नबिया को आवारा कुत्तों ने नोंच-नोंचकर मार डाला। इस घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। आशू अहमद, दानिश, मुंशी, शहजाद, अलीमुद्दीन, सत्तार, सलमानी, नाजिम का कहना है कि गांव में आवारा कुत्ते आए दिन बच्चों और बड़ों को अपना निशाना बनाते हैं। कुत्तों के हमले से वाहन चालक भी गिरकर चोटिल होते रहते हैं। ग्रामीण की मांग के बावजूद प्रशासन ने कुत्तों को पकड़ने के लिए कोई इंतजाम नहीं किया। बता दें कि आवारा कुत्तों ने दो सप्ताह पूर्व बेहट में एक बच्ची को मार डाला था। इसी तरह नूरबस्ती, लेबर कॉलोनी, शारदानगर में भी घटनाएं हो चुकी हैं। आवारा कुत्तों के आतंक से लोगों में दहशत का माहौल है।
उधर, पूरे जनपद से कुत्तों के हमले से घायल होकर रोजाना 20 से 30 लोग जिला अस्पताल में उपचार कराने के लिए पहुंचते हैं। बूचड़खाने बंद होने के बाद कुत्तों द्वारा किए गए हमले की घटनाएं ज्यादा बढ़ गई हैं। मांस ना मिलने के कारण कुत्ते आदमखोर हो गए और बच्चों और तथा बड़ों को अपना शिकार बना रहे हैं। उधर, नगरायुक्त गौरव वर्मा का कहना है कि कुत्तों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
विज्ञापन
कोतवाली रामपुर मनिहारान क्षेत्र के गांव मल्हीपुर निवासी डेढ़ वर्षीय मासूम नबिया को आवारा कुत्तों ने नोंच-नोंचकर मार डाला। इस घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। आशू अहमद, दानिश, मुंशी, शहजाद, अलीमुद्दीन, सत्तार, सलमानी, नाजिम का कहना है कि गांव में आवारा कुत्ते आए दिन बच्चों और बड़ों को अपना निशाना बनाते हैं। कुत्तों के हमले से वाहन चालक भी गिरकर चोटिल होते रहते हैं। ग्रामीण की मांग के बावजूद प्रशासन ने कुत्तों को पकड़ने के लिए कोई इंतजाम नहीं किया। बता दें कि आवारा कुत्तों ने दो सप्ताह पूर्व बेहट में एक बच्ची को मार डाला था। इसी तरह नूरबस्ती, लेबर कॉलोनी, शारदानगर में भी घटनाएं हो चुकी हैं। आवारा कुत्तों के आतंक से लोगों में दहशत का माहौल है।
उधर, पूरे जनपद से कुत्तों के हमले से घायल होकर रोजाना 20 से 30 लोग जिला अस्पताल में उपचार कराने के लिए पहुंचते हैं। बूचड़खाने बंद होने के बाद कुत्तों द्वारा किए गए हमले की घटनाएं ज्यादा बढ़ गई हैं। मांस ना मिलने के कारण कुत्ते आदमखोर हो गए और बच्चों और तथा बड़ों को अपना शिकार बना रहे हैं। उधर, नगरायुक्त गौरव वर्मा का कहना है कि कुत्तों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
विज्ञापन