{"_id":"59418a144f1c1b6c088b45eb","slug":"111497467412-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गन्ना आयुक्त ने गन्ना मूल्य भुगतान ब्याज सहित दिलाने का दिलाया आश्वासन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गन्ना आयुक्त ने गन्ना मूल्य भुगतान ब्याज सहित दिलाने का दिलाया आश्वासन
Updated Thu, 15 Jun 2017 12:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किसानों से जब ब्याज लेते हैं, तो उन्हें देते क्यों नहीं
देवबंद। गन्ना मूल्य भुगतान में देरी के संबंध में हाईकोर्ट के निर्णय के अनुपालन में गन्ना आयुक्त ने सहकारी गन्ना विकास समितियों को अपना पक्ष रखने के लिए गत दिनों लखनऊ बुलाया था, जिसमें उन्होंने ब्याज सहित भुगतान दिलाने का आश्वासन दिया।
देवबंद से सहकारी गन्ना विकास समिति के चेयरमैन प्रविंद्र चौधरी भी लखनऊ पहुंचे। उन्होंने किसानों का पक्ष रखते हुए कहा कि जब किसान किसी भी संस्था या गन्ना समिति से खाद और पेस्टीसाइड लेता है तो किसानों से ब्याज पर ब्याज लिया जाता है। बावजूद इसके गन्ना मूल्य देरी से भुगतान करने पर सरकार किसानों को मिलने वाला ब्याज माफ कर देती है। यह सरकार का किसानों के साथ सौतेला व्यवहार है। इस कारण किसान खुदकुशी करने को मजबूर है। इसलिए किसानों को मिलने वाला ब्याज किसी भी कीमत पर माफ नहीं किया जाना चाहिए। प्रविंदर चौधरी ने गन्ना आयुक्त के समक्ष मांग रखी कि जिन चीनी मिलों पर गन्ना मूल्य भुगतान बकाया है इसे किसानों को दिलाया जाना चाहिए। ताकि चीनी मिलों द्वारा किसानों का शोषण न किया जा सके। जिस पर समिति अध्यक्षों ने सहमति जताई। गन्ना आयुक्त ने समिति अध्यक्षों को आगामी गन्ना मूल्य भुगतान ब्याज सहित दिलाने का आश्वासन दिलाया।
विज्ञापन
देवबंद। गन्ना मूल्य भुगतान में देरी के संबंध में हाईकोर्ट के निर्णय के अनुपालन में गन्ना आयुक्त ने सहकारी गन्ना विकास समितियों को अपना पक्ष रखने के लिए गत दिनों लखनऊ बुलाया था, जिसमें उन्होंने ब्याज सहित भुगतान दिलाने का आश्वासन दिया।
देवबंद से सहकारी गन्ना विकास समिति के चेयरमैन प्रविंद्र चौधरी भी लखनऊ पहुंचे। उन्होंने किसानों का पक्ष रखते हुए कहा कि जब किसान किसी भी संस्था या गन्ना समिति से खाद और पेस्टीसाइड लेता है तो किसानों से ब्याज पर ब्याज लिया जाता है। बावजूद इसके गन्ना मूल्य देरी से भुगतान करने पर सरकार किसानों को मिलने वाला ब्याज माफ कर देती है। यह सरकार का किसानों के साथ सौतेला व्यवहार है। इस कारण किसान खुदकुशी करने को मजबूर है। इसलिए किसानों को मिलने वाला ब्याज किसी भी कीमत पर माफ नहीं किया जाना चाहिए। प्रविंदर चौधरी ने गन्ना आयुक्त के समक्ष मांग रखी कि जिन चीनी मिलों पर गन्ना मूल्य भुगतान बकाया है इसे किसानों को दिलाया जाना चाहिए। ताकि चीनी मिलों द्वारा किसानों का शोषण न किया जा सके। जिस पर समिति अध्यक्षों ने सहमति जताई। गन्ना आयुक्त ने समिति अध्यक्षों को आगामी गन्ना मूल्य भुगतान ब्याज सहित दिलाने का आश्वासन दिलाया।
विज्ञापन