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शुगर के मरीजों पर दर्द रहित हमला करता है हार्ट अटैक
Updated Sat, 29 Sep 2018 12:30 AM IST
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सहारनपुर। दिल का दौरा पड़ने के दौरान मरीज को छाती में तेज दर्द की शिकायत होती है। मगर यदि मरीज को डायबिटीज यानी शुगर भी हो तो उसे हार्ट अटैक दर्द रहित आता है। यह जानकारी वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. संजीव मिगलानी ने दी। वह विश्व हृदय दिवस पर शुक्रवार को सहारनपुर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल की ओर से स्वास्थ्य गोष्ठी को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे।
गोष्ठी का शुभारंभ महानगर अध्यक्ष विवेक मनोचा, महामंत्री सुरेंद्र मोहन सिंह चावला, एसके दुआ आदि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे डॉ. संजीव मिगलानी ने कहा कि हृदय रोग दुनिया में मौत का नंबर एक कारण बन रहा है। सहारनपुर जैसे छोटे शहरों में दिल के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। शहरी लोगों के अलावा देहात के मेहनतकश लोग भी दिल की मरीज निकल रहे हैं। उन्होंने बताया कि ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों में हर चौथा मरीज दिल का बीमार है। यदि यही स्थिति रही तो 2020 तक हर तीन में से एक मरीज यानी 33 फीसदी लोग दिल के मरीज होंगे, जो सही संकेत नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी मरीज को मेजर अटैक आए तो मरीज को तुरंत डिसप्रिन की आधी गोली मुंह में लेकर चबा लेनी चाहिए और तीन घंटे के भीतर किसी अच्छे चिकित्सक से इलाज कराना चाहिए। उन्होंने दिल का खास ख्याल रखने की सलाह लोगों को दी। साथ ही कुछ टिप्स भी दिए।
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दिल का दौरा पड़ने के मुख्य कारण
-धूम्रपान और शराब का अधिक सेवन करना।
-उच्च रक्तचाप, मोटापा और डायबिटीज यानी शुगर की बीमारी।
-खून में वसायुक्त पदार्थ की मात्रा का बढ़ना।
-गुस्सा और अधिक चिंता करने वाले लोग।
- अनुवांशिक यानी पीढ़ी दर पीढ़ी बीमारी का होना।
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दिल का दौरा पड़ने के लक्षण
-छाती के बीचों बीच दर्द और दर्द का बाईं ओर से दाईं ओर जाना।
-छाती के दर्द का गले में जाना और सांस का फूलना।
-छाती के दर्द के साथ पसीने आना और उल्टी होना।
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दिल के मरीज यह खाने से बचें
-वनस्पति घी, अचार, मक्खन, मैदा, मलाई और मलाई वाला दूध।
-तली हुई चीजें जैसे समोसा, पूरी, पिज्जा, चाऊमीन, बर्गर, मोमोज आदि।
-बकरे का मीट, अंडे का पीले वाला हिस्सा आदि।
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दिल के मरीज क्या खाएं
-हरी पत्तेदार सब्जियां और सलाद।
-ताजे फल और साबुत छिलके वाली दालें।
-ब्राउन ब्रेड और ब्राउन राइस।
-गेहूं के आटे के साथ चना और जौ का आटा मिलाकर खाएं।
-प्याज और लहसुन।
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दिल के मरीज यह नहीं करें।
-भारी काम नहीं करें और वजन नहीं उठाएं।
-ऊंचाई मत चढ़ें, सीढ़ियां कम से कम चढ़ें।
-खाना खाने के बाद थोड़ी देर आराम करना चाहिए।
-ज्यादा गुस्सा और चिंता नहीं करनी चाहिए।
-ठंड और कोहरे से बचें, सर्दियों में टहलने न निकलें।
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गोष्ठी का शुभारंभ महानगर अध्यक्ष विवेक मनोचा, महामंत्री सुरेंद्र मोहन सिंह चावला, एसके दुआ आदि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे डॉ. संजीव मिगलानी ने कहा कि हृदय रोग दुनिया में मौत का नंबर एक कारण बन रहा है। सहारनपुर जैसे छोटे शहरों में दिल के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। शहरी लोगों के अलावा देहात के मेहनतकश लोग भी दिल की मरीज निकल रहे हैं। उन्होंने बताया कि ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों में हर चौथा मरीज दिल का बीमार है। यदि यही स्थिति रही तो 2020 तक हर तीन में से एक मरीज यानी 33 फीसदी लोग दिल के मरीज होंगे, जो सही संकेत नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी मरीज को मेजर अटैक आए तो मरीज को तुरंत डिसप्रिन की आधी गोली मुंह में लेकर चबा लेनी चाहिए और तीन घंटे के भीतर किसी अच्छे चिकित्सक से इलाज कराना चाहिए। उन्होंने दिल का खास ख्याल रखने की सलाह लोगों को दी। साथ ही कुछ टिप्स भी दिए।
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दिल का दौरा पड़ने के मुख्य कारण
-धूम्रपान और शराब का अधिक सेवन करना।
-उच्च रक्तचाप, मोटापा और डायबिटीज यानी शुगर की बीमारी।
-खून में वसायुक्त पदार्थ की मात्रा का बढ़ना।
-गुस्सा और अधिक चिंता करने वाले लोग।
- अनुवांशिक यानी पीढ़ी दर पीढ़ी बीमारी का होना।
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दिल का दौरा पड़ने के लक्षण
-छाती के बीचों बीच दर्द और दर्द का बाईं ओर से दाईं ओर जाना।
-छाती के दर्द का गले में जाना और सांस का फूलना।
-छाती के दर्द के साथ पसीने आना और उल्टी होना।
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दिल के मरीज यह खाने से बचें
-वनस्पति घी, अचार, मक्खन, मैदा, मलाई और मलाई वाला दूध।
-तली हुई चीजें जैसे समोसा, पूरी, पिज्जा, चाऊमीन, बर्गर, मोमोज आदि।
-बकरे का मीट, अंडे का पीले वाला हिस्सा आदि।
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दिल के मरीज क्या खाएं
-हरी पत्तेदार सब्जियां और सलाद।
-ताजे फल और साबुत छिलके वाली दालें।
-ब्राउन ब्रेड और ब्राउन राइस।
-गेहूं के आटे के साथ चना और जौ का आटा मिलाकर खाएं।
-प्याज और लहसुन।
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दिल के मरीज यह नहीं करें।
-भारी काम नहीं करें और वजन नहीं उठाएं।
-ऊंचाई मत चढ़ें, सीढ़ियां कम से कम चढ़ें।
-खाना खाने के बाद थोड़ी देर आराम करना चाहिए।
-ज्यादा गुस्सा और चिंता नहीं करनी चाहिए।
-ठंड और कोहरे से बचें, सर्दियों में टहलने न निकलें।