{"_id":"5b104a8e4f1c1ba76e8b5866","slug":"101527794318-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"....तो भाजपाइयों को पहले से था हार का अंदेशा?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
....तो भाजपाइयों को पहले से था हार का अंदेशा?
Updated Fri, 01 Jun 2018 12:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
...तो भाजपाइयों को पहले से था हार का अंदेशा
सहारनपुर। जिस चुनाव में जीत की खातिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशवप्रसाद मौर्य और अनगिनत मंत्रियों ने दिन रात एक किए रखा। उसी चुनाव के मतों की गणना में स्थानीय भाजपा नेताओं ने कोई रुचि नहीं दिखाई। बृहस्पतिवार को हुई मतों की गणना के दौरान कोई भी नेता मतगणना स्थल पर नहीं पहुंचा। माना जा रहा है कि भाजपा नेताओं को हार का अंदेशा पहले ही हो गया था। इसी वजह से वह मतगणना स्थल पर नहीं पहुंचे। जो कार्यकर्ता पहुंचे थे, वह भी राउंड बढ़ने और हार के नजदीक आते-आते वहां से खिसकते रहे।
आरएलडी के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरी तबस्सुम हसन को महागठबंधन का समर्थन मिलने के बाद कैराना चुनाव प्रतिष्ठापूर्ण हो गया था। एक ओर जहां भाजपा अपनी इस सीट को बरकरार रखने के लिए जुटी थी, वहीं दूसरी ओर महागठबंधन इस चुनाव को वर्ष 2019 की रिहर्सल के तौर पर ले रहा था। मगर बृहस्पतिवार को जनता रोड स्थित वेयर हाउस में हुई मतों की गणना को लेकर भाजपा नेताओं में उत्साह नजर नहीं आया। मतों की गणना पर नजर रखने और जीत के बाद जश्न मनाने के लिए आरएलडी के कई स्थानीय नेता मतगणना स्थल पर पहुंचे थे, मगर सत्ताधारी दल के जिलाध्यक्ष से लेकर सांसद, कोई भी विधायक या अन्य बड़ा पदाधिकारी मतगणना स्थल पर नजर नहीं आया। आलम यह रहा कि मौके पर भाजपा के केवल एजेंट और कुछ कार्यकर्ता ही पहुंचे। जैसे-जैसे राउंड बढ़ते गए और भाजपा प्रत्याशी मृगांका की हार नजदीक आती गई। वैसे-वैसे ही भाजपा के कार्यकर्ता वहां से खिसकते चले गए। कुल 28 राउंड हुए, मगर भाजपा के कार्यकर्ता 20वें राउंड तक वहां से निकल चुके थे। चर्चा है कि भाजपा का कोई भी स्थानीय बड़ा नेता मतगणना स्थल पर इसलिए नहीं पहुंचा, क्योंकि उनको हार का अंदेशा मतदान के दिन ही हो गया था।
------------------------------------
गंगोह विधायक प्रदीप चौधरी, पूर्व विधायक राजीव गुंबर और मैं मतगणना स्थल पर पहुंचे थे। मगर हम जनता रोड तिराहे पर ही रहे, जहां एक दुकान पर बैठकर टीवी पर परिणाम देख रहे थे। हमारे पास अंदर जाने के लिए पास नहीं थे। पास कार्यकर्ताओं को जारी किए गए थे, जो अंदर थे और तमाम जानकारी हम तक पहुंचा रहे थे।
विज्ञापन
बिजेंद्र कश्यप, जिलाध्यक्ष, भाजपा।
विज्ञापन
सहारनपुर। जिस चुनाव में जीत की खातिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशवप्रसाद मौर्य और अनगिनत मंत्रियों ने दिन रात एक किए रखा। उसी चुनाव के मतों की गणना में स्थानीय भाजपा नेताओं ने कोई रुचि नहीं दिखाई। बृहस्पतिवार को हुई मतों की गणना के दौरान कोई भी नेता मतगणना स्थल पर नहीं पहुंचा। माना जा रहा है कि भाजपा नेताओं को हार का अंदेशा पहले ही हो गया था। इसी वजह से वह मतगणना स्थल पर नहीं पहुंचे। जो कार्यकर्ता पहुंचे थे, वह भी राउंड बढ़ने और हार के नजदीक आते-आते वहां से खिसकते रहे।
आरएलडी के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरी तबस्सुम हसन को महागठबंधन का समर्थन मिलने के बाद कैराना चुनाव प्रतिष्ठापूर्ण हो गया था। एक ओर जहां भाजपा अपनी इस सीट को बरकरार रखने के लिए जुटी थी, वहीं दूसरी ओर महागठबंधन इस चुनाव को वर्ष 2019 की रिहर्सल के तौर पर ले रहा था। मगर बृहस्पतिवार को जनता रोड स्थित वेयर हाउस में हुई मतों की गणना को लेकर भाजपा नेताओं में उत्साह नजर नहीं आया। मतों की गणना पर नजर रखने और जीत के बाद जश्न मनाने के लिए आरएलडी के कई स्थानीय नेता मतगणना स्थल पर पहुंचे थे, मगर सत्ताधारी दल के जिलाध्यक्ष से लेकर सांसद, कोई भी विधायक या अन्य बड़ा पदाधिकारी मतगणना स्थल पर नजर नहीं आया। आलम यह रहा कि मौके पर भाजपा के केवल एजेंट और कुछ कार्यकर्ता ही पहुंचे। जैसे-जैसे राउंड बढ़ते गए और भाजपा प्रत्याशी मृगांका की हार नजदीक आती गई। वैसे-वैसे ही भाजपा के कार्यकर्ता वहां से खिसकते चले गए। कुल 28 राउंड हुए, मगर भाजपा के कार्यकर्ता 20वें राउंड तक वहां से निकल चुके थे। चर्चा है कि भाजपा का कोई भी स्थानीय बड़ा नेता मतगणना स्थल पर इसलिए नहीं पहुंचा, क्योंकि उनको हार का अंदेशा मतदान के दिन ही हो गया था।
विज्ञापन
------------------------------------
गंगोह विधायक प्रदीप चौधरी, पूर्व विधायक राजीव गुंबर और मैं मतगणना स्थल पर पहुंचे थे। मगर हम जनता रोड तिराहे पर ही रहे, जहां एक दुकान पर बैठकर टीवी पर परिणाम देख रहे थे। हमारे पास अंदर जाने के लिए पास नहीं थे। पास कार्यकर्ताओं को जारी किए गए थे, जो अंदर थे और तमाम जानकारी हम तक पहुंचा रहे थे।
विज्ञापन
बिजेंद्र कश्यप, जिलाध्यक्ष, भाजपा।