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Rampur News: रामपुर में चुनाव दर चुनाव पर नहीं बढ़ सका मतदान
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रामपुर। रामपुर शायद यूपी का एकमात्र ऐसा जिला है जहां पिछले दो सालों में सबसे अधिक चुनाव हुए हैं। इन चुनावों की सबसे खास बात यह है कि प्रशासन की तमाम कोशिश के बाद भी मतदाताओं ने बूथ तक पहुंचने में अपनी रुचि नहीं दिखाई है। इस वजह से हर चुनाव या उपचुनाव में मतदान पिछले चुनाव के मुकाबले कम होता है। रामपुर लोकसभा और विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में अब तक के सबसे कम मतदान का रिकॉर्ड बन चुका है।
2019 के लोकसभा चुनाव में रामपुर में 63.26 फीसदी मतदान हुआ था। तब आजम खां एक लाख से अधिक मतों से सांसद बने थे। उनके इस्तीफे के बाद जब रामपुर संसदीय सीट पर 2022 में उपचुनाव हुआ तो मतदान 41.01 फीसदी हुआ। जो रामपुर संसदीय सीट पर आज तक हुए चुनाव का सबसे निचला स्तर है। इस उपचुनाव में भाजपा के घनश्याम लोधी ने जीत हासिल की थी। इसी तरह से आजम खां की विधायकी जाने के बाद जब रामपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुआ तो मतदान मात्र 33.94 फीसदी हुआ। इस उपचुनाव में भाजपा के आकाश सक्सेना चुनाव जीते।
अब जब अब्दुल्ला आजम की विधायकी निरस्त होने के बाद स्वार विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान हुआ तो 44.95 फीसदी वोटिंग हुई है। जबकि 2022 में इस सीट पर 64.47 फीसदी मतदान हुआ था। स्वार विधानसभा सीट पर ही 2012 में 66.38 फीसदी और 2017 में 68.33 फीसदी मतदान हुआ था। स्वार सीट पर उपचुनाव के लिए बुधवार को जो मतदान हुआ है वह 2022 के विधानसभा चुनाव के मुकाबले 19.52 फीसदी कम हुआ है।
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2019 के लोकसभा चुनाव में रामपुर में 63.26 फीसदी मतदान हुआ था। तब आजम खां एक लाख से अधिक मतों से सांसद बने थे। उनके इस्तीफे के बाद जब रामपुर संसदीय सीट पर 2022 में उपचुनाव हुआ तो मतदान 41.01 फीसदी हुआ। जो रामपुर संसदीय सीट पर आज तक हुए चुनाव का सबसे निचला स्तर है। इस उपचुनाव में भाजपा के घनश्याम लोधी ने जीत हासिल की थी। इसी तरह से आजम खां की विधायकी जाने के बाद जब रामपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुआ तो मतदान मात्र 33.94 फीसदी हुआ। इस उपचुनाव में भाजपा के आकाश सक्सेना चुनाव जीते।
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अब जब अब्दुल्ला आजम की विधायकी निरस्त होने के बाद स्वार विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान हुआ तो 44.95 फीसदी वोटिंग हुई है। जबकि 2022 में इस सीट पर 64.47 फीसदी मतदान हुआ था। स्वार विधानसभा सीट पर ही 2012 में 66.38 फीसदी और 2017 में 68.33 फीसदी मतदान हुआ था। स्वार सीट पर उपचुनाव के लिए बुधवार को जो मतदान हुआ है वह 2022 के विधानसभा चुनाव के मुकाबले 19.52 फीसदी कम हुआ है।
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