{"_id":"5f99b1048ebc3e1a264445b6","slug":"rampur-s-heritage-tree-rampur-news-mbd3676712165","type":"story","status":"publish","title_hn":"350 साल पुराना बरगद का पेड़ हेरिटेज वृक्ष की सूची में होगा शामिल, सर्वे किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
350 साल पुराना बरगद का पेड़ हेरिटेज वृक्ष की सूची में होगा शामिल, सर्वे किया
विज्ञापन
शाहबाद के चैधराना में खड़ा 350 साल पुराना विशालकाय बरगद का पेड़।संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : RAMPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शाहबाद (रामपुर)। शाहबाद में 350 साल पुराने बरगद के पेड़ को हैरिटेज वृक्षों की सूची में शामिल किया जा सकता है। लखनऊ से आई एक टीम ने मौके पर बरगद के प्राचीन वृक्ष से जुड़ी जानकारियां जुटाईं।
राज्य सरकार ने 100 साल से पुराने वृक्षों को विरासत वृक्षों की सूची में सम्मिलित कर उनके रखरखाव पर गंभीरता के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार द्वारा इस संबंध में तहसील स्तर से ऐसे वृक्षों की सूची मांगी गई थी जो 100 साल से अधिक पुराने हों। साथ ही वे किसी धार्मिक मान्यता से जुड़े हों, या फिर सामुदायिक स्थान पर हों अथवा उनमें कोई औषधीय गुण हो।
तहसील प्रशासन ने शाहबाद बिलारी मार्ग पर स्थित चौधराना के बरगद के पेड़ को 350 साल से पुराना वृक्ष बताते हुए उसकी आख्या राज्य सरकार को भेजी थी। 350 साल पुराने बरगद के पेड़ की आख्या मिलने पर राज्य सरकार के निर्देश पर बुधवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग की टीम चौधराना पर पहुंची। टीम ने बरगद के पेड़ की फोटोग्राफी करते हुए वहां मिले लोगों से बरगद के पेड़ के बारे में विस्तार से जानकारी ली। टीम का नेतृत्व कर रहे प्रोजेक्ट प्रोग्राम अधिकारी डाक्टर आदेश कुमार ने बताया कि उन्होंने वृक्ष का सर्वे कर लिया है और अब लखनऊ जाकर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगे। प्रत्येक जनपद में लगभग एक ऐसे वृक्ष का चयन किया जाएगा। अगर हैरिटेज वृक्ष की सूची में इस बरगद के पेड़ को सम्मिलित कर लिया जाएगा तो वृक्ष के आसपास स्थित भूमि का जीर्णोद्धार कर आसपास सुंदरीकरण किया जाएगा। यदि सरकार ने इस वृक्ष को विशेष महत्वपूर्ण माना तो इसे पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित किया जा सकता है।
विज्ञापन
टीम में ऐश्वर्या राय प्रोजेक्ट असिस्टेंट एवं बाटनी एक्सपर्ट तथा अंकित रंजन पाठक साइंटिफिक फोटोग्राफर भी शामिल थे। इस दौरान टीम ने विभिन्न प्रकार से विशालकाय बरगद के वृक्ष के फोटो भी लिए।
विज्ञापन
राज्य सरकार ने 100 साल से पुराने वृक्षों को विरासत वृक्षों की सूची में सम्मिलित कर उनके रखरखाव पर गंभीरता के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार द्वारा इस संबंध में तहसील स्तर से ऐसे वृक्षों की सूची मांगी गई थी जो 100 साल से अधिक पुराने हों। साथ ही वे किसी धार्मिक मान्यता से जुड़े हों, या फिर सामुदायिक स्थान पर हों अथवा उनमें कोई औषधीय गुण हो।
विज्ञापन
तहसील प्रशासन ने शाहबाद बिलारी मार्ग पर स्थित चौधराना के बरगद के पेड़ को 350 साल से पुराना वृक्ष बताते हुए उसकी आख्या राज्य सरकार को भेजी थी। 350 साल पुराने बरगद के पेड़ की आख्या मिलने पर राज्य सरकार के निर्देश पर बुधवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग की टीम चौधराना पर पहुंची। टीम ने बरगद के पेड़ की फोटोग्राफी करते हुए वहां मिले लोगों से बरगद के पेड़ के बारे में विस्तार से जानकारी ली। टीम का नेतृत्व कर रहे प्रोजेक्ट प्रोग्राम अधिकारी डाक्टर आदेश कुमार ने बताया कि उन्होंने वृक्ष का सर्वे कर लिया है और अब लखनऊ जाकर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगे। प्रत्येक जनपद में लगभग एक ऐसे वृक्ष का चयन किया जाएगा। अगर हैरिटेज वृक्ष की सूची में इस बरगद के पेड़ को सम्मिलित कर लिया जाएगा तो वृक्ष के आसपास स्थित भूमि का जीर्णोद्धार कर आसपास सुंदरीकरण किया जाएगा। यदि सरकार ने इस वृक्ष को विशेष महत्वपूर्ण माना तो इसे पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित किया जा सकता है।
विज्ञापन
टीम में ऐश्वर्या राय प्रोजेक्ट असिस्टेंट एवं बाटनी एक्सपर्ट तथा अंकित रंजन पाठक साइंटिफिक फोटोग्राफर भी शामिल थे। इस दौरान टीम ने विभिन्न प्रकार से विशालकाय बरगद के वृक्ष के फोटो भी लिए।

शाहबाद के चैधराना में 350 साल पुराने बरगद के पेड़ का निरीक्षण करती लखनऊ विश्व विद्यालय के वनस्पति व- फोटो : RAMPUR