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फनैल अग्निकांड : बुजुर्ग महिला की अस्थियां मिली
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कोटखाई (रोहडू़)। कोटखाई के फनैल गांव में हुए भीषण अग्निकांड में जिंदा जली बुजुर्ग महिला की अस्थियां वीरवार को घर के मलबे से मिल गए हैं। क्षेत्र के लोग बुधवार से महिला की अस्थियों को तलाश कर रहे थे। दोपहर बाद अस्थियां मिलने के बाद महिला का अंतिम संस्कार किया गया। मंगलवार देर रात हुए इस अग्निकांड में सात मकान जलकर राख हो गए थे। इसमें से एक घर में बुजुर्ग महिला अकेली रहती थी।
मगर देर रात लगी आग में वह नहीं निकल पाई। जब तक ग्रामीणों को आग की भनक लगी तब तक आधा घर आग में जल चुका था। इस वजह से महिला घर में लगी आग में ही जिंदा जल गई। लोगों का कहना है कि जब तक महिला की अस्थियां नहीं मिलती, उस समय तक स्थानीय डोम देवता की पूजा नहीं हो सकती थी। इस अग्निकांड में सात परिवार बेघर हो गए हैं जबकि करीब चार करोड़ की संपत्ति जलकर राख हो गई।
राख के ढेर में तब्दील हुए आशियाने देखकर गम में डूबे रहे प्रभावित
कोटखाई (रोहडू़)। फनैल गांव में हुए अग्निकांड के दूसरे दिन भी माहौल गमगीन रहा। वीरवार सुबह से ही रिश्तेदार और आसपास के ग्रामीण अग्नि पीड़ितों परिवार वालों को सांत्वना देने के लिए पहुंचते रहे। पीड़ित परिवार के लोग अपने जले हुए आशियानो को देखकर आंसू नहीं रोक पा रहे थे।
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अग्निकांड के दूसरे दिन फनैल गांव के लोगों पे पीड़ित परिवारों के सदस्यों के लिए सामूहिक भोजन बनाकर उन्हें खिलाया। आशियाने जलने के बाद पीड़ित परिवार वालों को ग्रामीणों ने घरों में आसरा दिया है। जहां फनैल गांव में तीन-तीन मंजिल भवन हुआ करते थे। वहां आज मिट्टी और राख के ढेर पड़े हैं। अपनी जिंदगी भर की कमाई से बनाए घर को राख में तब्दील होता देखकर प्रभावित परिवार गमगीन है। इस दौरान पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर मौजूद रही। प्रशासन ने पीड़ितों को राशन और अन्य फौरी राहत दी गई है।
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मगर देर रात लगी आग में वह नहीं निकल पाई। जब तक ग्रामीणों को आग की भनक लगी तब तक आधा घर आग में जल चुका था। इस वजह से महिला घर में लगी आग में ही जिंदा जल गई। लोगों का कहना है कि जब तक महिला की अस्थियां नहीं मिलती, उस समय तक स्थानीय डोम देवता की पूजा नहीं हो सकती थी। इस अग्निकांड में सात परिवार बेघर हो गए हैं जबकि करीब चार करोड़ की संपत्ति जलकर राख हो गई।
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राख के ढेर में तब्दील हुए आशियाने देखकर गम में डूबे रहे प्रभावित
कोटखाई (रोहडू़)। फनैल गांव में हुए अग्निकांड के दूसरे दिन भी माहौल गमगीन रहा। वीरवार सुबह से ही रिश्तेदार और आसपास के ग्रामीण अग्नि पीड़ितों परिवार वालों को सांत्वना देने के लिए पहुंचते रहे। पीड़ित परिवार के लोग अपने जले हुए आशियानो को देखकर आंसू नहीं रोक पा रहे थे।
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अग्निकांड के दूसरे दिन फनैल गांव के लोगों पे पीड़ित परिवारों के सदस्यों के लिए सामूहिक भोजन बनाकर उन्हें खिलाया। आशियाने जलने के बाद पीड़ित परिवार वालों को ग्रामीणों ने घरों में आसरा दिया है। जहां फनैल गांव में तीन-तीन मंजिल भवन हुआ करते थे। वहां आज मिट्टी और राख के ढेर पड़े हैं। अपनी जिंदगी भर की कमाई से बनाए घर को राख में तब्दील होता देखकर प्रभावित परिवार गमगीन है। इस दौरान पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर मौजूद रही। प्रशासन ने पीड़ितों को राशन और अन्य फौरी राहत दी गई है।