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जिला सहकारी बैंक में भ्रष्टाचार के प्रकरणों की जांच और न्यायिक मांगों का नहीं हो रहा समाधान
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रामपुर। को-ऑपरेटिव बैंक इंप्लाइज यूनियन के सदस्यों ने बैंक कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं को रखा। जिसमें भ्रष्टाचार के प्रकरणों की जांच व न्यायिक मांगों के समाधान के लिए कोई कार्यवाही नहीं हो रही जैसे मुद्दे शामिल थे। इसको लेकर कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। जमकर नारेबाजी की। बाद में सचिव को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
को-ऑपरेटिव बैंक इंप्लाइज यूनियन के जिलाध्यक्ष लालता प्रसाद के नेतृत्व में तमाम कर्मचारी मुख्यालय में एकत्र हुए। इसके बाद हाथों में काली पट्टी बांधकर बैंक प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को लंबे समय ने आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता व जिला सहकारी बैंक के सचिव के स्तर पर लंबित रखा जा रहा है। उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। कहा कि प्रदेश में 16 जिलों में सहकारी बैंकों के कर्मचारियों को भी आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता के वेतनमान पुनरीक्षण की सुविधा नहीं दी जा रही है। जिला सहकारी बैंकों के डिजिटलाइजेशन के नाम पर प्रशासनिक एवं वित्तीय अनियमितताएं की जा रही हैं। जिसकी विस्तृत जांच होना आवश्यक है। उन्होंने बैंकों के आधुनिकीकरण के लिए प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों की कमेटी गठित करने की भी मांग की। साथ ही उन्होंने चीनी मिलों को गलत तरीके से किए गए वित्त पोषण की भी जांच कराने की मांग की है। इस मौके पर मंत्री सुनील कुमार मिश्र समेत तमाम अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
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को-ऑपरेटिव बैंक इंप्लाइज यूनियन के जिलाध्यक्ष लालता प्रसाद के नेतृत्व में तमाम कर्मचारी मुख्यालय में एकत्र हुए। इसके बाद हाथों में काली पट्टी बांधकर बैंक प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को लंबे समय ने आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता व जिला सहकारी बैंक के सचिव के स्तर पर लंबित रखा जा रहा है। उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। कहा कि प्रदेश में 16 जिलों में सहकारी बैंकों के कर्मचारियों को भी आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता के वेतनमान पुनरीक्षण की सुविधा नहीं दी जा रही है। जिला सहकारी बैंकों के डिजिटलाइजेशन के नाम पर प्रशासनिक एवं वित्तीय अनियमितताएं की जा रही हैं। जिसकी विस्तृत जांच होना आवश्यक है। उन्होंने बैंकों के आधुनिकीकरण के लिए प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों की कमेटी गठित करने की भी मांग की। साथ ही उन्होंने चीनी मिलों को गलत तरीके से किए गए वित्त पोषण की भी जांच कराने की मांग की है। इस मौके पर मंत्री सुनील कुमार मिश्र समेत तमाम अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
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