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Rampur News: सावन के चारों सोमवारों पर चार लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक
Thu, 27 Aug 2026 01:09 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Thu, 27 Aug 2026 01:09 AM IST
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रामपुर। सावन माह में जिलेभर के शिवालय हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजते रहे। चारों सोमवार को चार लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने विभिन्न शिव मंदिरों में पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। अंतिम सोमवार को ही करीब 2.25 लाख श्रद्धालुओं ने शिवालयों में पहुंचकर आस्था के साथ जल चढ़ाया। वहीं, पूरे सावन में करीब पांच लाख कांवड़ियों के जिले से गुजरने का अनुमान लगाया गया है।
सावन माह में कांवड़ यात्रा का महत्वपूर्ण स्थान है। बदलते दौर में कांवड़ यात्रा को लेकर लोगों में आस्था तेजी से बढ़ी है। यही वजह है कि शिवालयों से लेकर सड़कों तक कांवड़ यात्रा की धूम मची रही। कांवड़ियों की आवाजाही और निगरानी के लिए पुलिस की ओर से तैयार किए गए कांवड़ एप पर हालांकि करीब पांच हजार कांवड़ियों का ही आंकड़ा दर्ज हो सका। इससे अनुमानित संख्या और एप पर दर्ज आंकड़ों में बड़ा अंतर सामने आया है।
अंतिम सोमवार को तड़के से ही जिले के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की कतारें लग गईं। दिन चढ़ने के साथ भीड़ बढ़ती गई। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने गंगाजल, दूध, बेलपत्र, पुष्प और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर भगवान शिव की पूजा-अर्चना की।
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सावन के चारों सोमवार को जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में स्थित शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ ही शहर से भी बड़ी संख्या में लोग जलाभिषेक के लिए मंदिरों तक पहुंचे। अंतिम सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या सबसे अधिक रही। भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की ओर से मंदिरों तथा प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के इंतजाम किए गए।
सावन के दौरान कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से भी विशेष सतर्कता बरती गई। जिले से करीब पांच लाख कांवड़ियों के गुजरने का अनुमान लगाया गया है। कांवड़ियों की संख्या और उनकी आवाजाही का डिजिटल रिकॉर्ड रखने के उद्देश्य से कांवड़ एप तैयार किया गया था। हालांकि एप पर कांवड़ लेकर आने वाले करीब पांच हजार कांवड़ियों का ही आंकड़ा दर्ज हुआ।
कांवड़ मार्गों पर पुलिस की तैनाती के साथ ही प्रमुख स्थानों पर निगरानी रखी गई। शिव मंदिरों के आसपास भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी गई। सावन के अंतिम सोमवार पर जलाभिषेक के साथ ही जिले में महीनेभर से चला आ रहा शिवभक्ति का दौर भी संपन्न हो गया। (संवाद)
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कांवड़ यात्रा को लेकर जिलेभर में सतर्कता बरती। सावन के आखिरी सोमवार पर ही जिले के शिवालयों में करीब 2.25 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। सावन के चारों सोमवार के दौरान करीब चार लाख से ज्यादा लोगों ने जिले के शिवालयों में जलाभिषेक किया। वहीं, रामपुर से होते हुए जिले की विभिन्न तहसीलों के साथ ही दूसरे जिलों में जाने वाले कांवड़ियों की संख्या एक अनुमान के आधार पर करीब पांच लाख रही है। पुलिस प्रशासन ने शांतिपूर्ण ढंग से कांवड़ यात्रा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की थीं। -अनुराग सिंह, एएसपी
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सावन माह में कांवड़ यात्रा का महत्वपूर्ण स्थान है। बदलते दौर में कांवड़ यात्रा को लेकर लोगों में आस्था तेजी से बढ़ी है। यही वजह है कि शिवालयों से लेकर सड़कों तक कांवड़ यात्रा की धूम मची रही। कांवड़ियों की आवाजाही और निगरानी के लिए पुलिस की ओर से तैयार किए गए कांवड़ एप पर हालांकि करीब पांच हजार कांवड़ियों का ही आंकड़ा दर्ज हो सका। इससे अनुमानित संख्या और एप पर दर्ज आंकड़ों में बड़ा अंतर सामने आया है।
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अंतिम सोमवार को तड़के से ही जिले के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की कतारें लग गईं। दिन चढ़ने के साथ भीड़ बढ़ती गई। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने गंगाजल, दूध, बेलपत्र, पुष्प और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर भगवान शिव की पूजा-अर्चना की।
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सावन के चारों सोमवार को जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में स्थित शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ ही शहर से भी बड़ी संख्या में लोग जलाभिषेक के लिए मंदिरों तक पहुंचे। अंतिम सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या सबसे अधिक रही। भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की ओर से मंदिरों तथा प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के इंतजाम किए गए।
सावन के दौरान कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से भी विशेष सतर्कता बरती गई। जिले से करीब पांच लाख कांवड़ियों के गुजरने का अनुमान लगाया गया है। कांवड़ियों की संख्या और उनकी आवाजाही का डिजिटल रिकॉर्ड रखने के उद्देश्य से कांवड़ एप तैयार किया गया था। हालांकि एप पर कांवड़ लेकर आने वाले करीब पांच हजार कांवड़ियों का ही आंकड़ा दर्ज हुआ।
कांवड़ मार्गों पर पुलिस की तैनाती के साथ ही प्रमुख स्थानों पर निगरानी रखी गई। शिव मंदिरों के आसपास भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी गई। सावन के अंतिम सोमवार पर जलाभिषेक के साथ ही जिले में महीनेभर से चला आ रहा शिवभक्ति का दौर भी संपन्न हो गया। (संवाद)
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कांवड़ यात्रा को लेकर जिलेभर में सतर्कता बरती। सावन के आखिरी सोमवार पर ही जिले के शिवालयों में करीब 2.25 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। सावन के चारों सोमवार के दौरान करीब चार लाख से ज्यादा लोगों ने जिले के शिवालयों में जलाभिषेक किया। वहीं, रामपुर से होते हुए जिले की विभिन्न तहसीलों के साथ ही दूसरे जिलों में जाने वाले कांवड़ियों की संख्या एक अनुमान के आधार पर करीब पांच लाख रही है। पुलिस प्रशासन ने शांतिपूर्ण ढंग से कांवड़ यात्रा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की थीं। -अनुराग सिंह, एएसपी