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वाल्मीकि प्रकटोत्सव पर भावाधस ने निकाली प्रभात फेरी
ब्यूरो/अमर उजाला रामपुर
Updated Mon, 26 Oct 2015 11:41 PM IST
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वाल्मीकि प्रकटोत्सव को लेकर भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज की ओर से सोमवार को प्रभात फेरी निकाली गई। वाल्मीकि मंदिर में सत्संग का भी आयोजन किया गया। इस दौरान मंगलवार को निकली जाने वाली शोभायात्रा को लेकर भी चर्चा की गई। प्रभात फेरी की शुरुआत तोपखाना रोड स्थित वाल्मीकि बस्ती से की गई।
यहां से प्रभात फेरी चरख वाली मस्जिद, मदरसा कोहना, पीपल वाला घरे, अस्तबल, पक्का बाग, मोहल्ला झंडा, हाथी खाना, कुंडा होते हुए कोसी मार्ग स्थित वाल्मीकि मंदिर पहुंचकर समाप्त हुई। इस दौरान कई स्थानों पर प्रभात फेरी का स्वागत किया गया। इस दौरान संजय नगर में भंडारे का भी आयोजन किया गया।
प्रभात फेरी के बाद वाल्मीकि मंदिर में सत्संग और भजनों पर गुणगान किया गया। इस दौरान भीम अनार्य ने कहा कि रामायण के रचियता महर्षि वाल्मीकि ने भाईचारे और आपस में प्यार करने का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि यदि रामायण के सार को समझकर आत्मसात किया जाए तो दुनिया सांप्रदायिकता से मुक्त हो जाएगी।
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इसके बाद उन्होंने मंगलवार को निकली जाने वाली शोभायात्रा और बुधवार को दलित विद्यार्थी सम्मान समारोह को लेकर भी चर्चा की। इस दौरान शंकर बब्लू, रामगोपाल, अर्जुन अनार्य, राकेश सिंधवासी, मुकेश चौधरी, सरन लाल, सुनील राज, आनंद वाल्मीकि, मोनू सेठ, दिनेश बाबू, लववीर, शिवा, विवेक, पवन अनार्य, गोविंद, हिमांशु चौहान, सुमित रहे।
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यहां से प्रभात फेरी चरख वाली मस्जिद, मदरसा कोहना, पीपल वाला घरे, अस्तबल, पक्का बाग, मोहल्ला झंडा, हाथी खाना, कुंडा होते हुए कोसी मार्ग स्थित वाल्मीकि मंदिर पहुंचकर समाप्त हुई। इस दौरान कई स्थानों पर प्रभात फेरी का स्वागत किया गया। इस दौरान संजय नगर में भंडारे का भी आयोजन किया गया।
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प्रभात फेरी के बाद वाल्मीकि मंदिर में सत्संग और भजनों पर गुणगान किया गया। इस दौरान भीम अनार्य ने कहा कि रामायण के रचियता महर्षि वाल्मीकि ने भाईचारे और आपस में प्यार करने का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि यदि रामायण के सार को समझकर आत्मसात किया जाए तो दुनिया सांप्रदायिकता से मुक्त हो जाएगी।
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इसके बाद उन्होंने मंगलवार को निकली जाने वाली शोभायात्रा और बुधवार को दलित विद्यार्थी सम्मान समारोह को लेकर भी चर्चा की। इस दौरान शंकर बब्लू, रामगोपाल, अर्जुन अनार्य, राकेश सिंधवासी, मुकेश चौधरी, सरन लाल, सुनील राज, आनंद वाल्मीकि, मोनू सेठ, दिनेश बाबू, लववीर, शिवा, विवेक, पवन अनार्य, गोविंद, हिमांशु चौहान, सुमित रहे।