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जिले में औसतन हर साल सामने आ रहे सौ नए कैंसर रोगी
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रामपुर। जिले में एक अनुमान के मुताबिक हर वर्ष औसतन सौ नए कैंसर रोगी सामने आ रहे हैं। इसकी प्रमुख वजह तो धूम्रपान व तंबाकू पदार्थों का सेवन ही है लेकिन, खाद्य पदार्थों में मिलावट भी कैंसर का कारण बन रही है। हालांकि जिले में कैंसर से बचाव के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी चल रहे हैं और कोटपा अधिनियम के तहत लगातार सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करने वालों की चेकिंग कर जुर्माना वसूलने के साथ ही लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।
कैंसर बीमारी के इलाज में जितनी गंभीरता की जरूरत है उतनी जरूरी इसके बारे में जागरूकता होना भी है। कैंसर से बचाव के लिए इसके दुष्प्रभावों की जानकारी और इसके प्रति जागरूक होना बेहद जरुरी है। लेकिन, लगातार जागरूकता अभियान चलने के बाद भी कैंसर रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों को प्रशिक्षण देने वाले मास्टर ट्रेनर डॉ. कुलदीप सिंह चौहान बताते हैं कि कैंसर से बचाव के लिए जागरूकता के लिए नुक्कड़ नाटक, स्कूलों में कार्यक्रमों का आयोजन समय-समय पर कराया जाता है। आशा वर्कर के द्वारा भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। चिकित्सकों की मानें तो पुरुषों को फेफड़ों, मुहं के कैंसर का जोखिम सबसे ज्यादा रहता है। इसका मुख्य कारण धूम्रपान और तंबाकू पदार्थों का सेवन करना है। लेकिन, मौजूदा समय में खाद्य पदार्थों में मिलावट भी कैंसर का कारण बन रही है।
कैंसर का जिले में नहीं इलाज, चिकित्सकों के माध्यम से सिर्फ स्क्रीनिंग की सुविधा
रामपुर। जिले में कैंसर रोगियों के उपचार की सुविधा नहीं है। हालांकि चिकित्सक प्रारंभिक लक्षणों के आधार पर स्क्रीनिंग कर किसी भी आशंकित मरीज को कैंसर की जांच की सलाह देते हैं। लेकिन, मरीजों को जांच से उपचार तक के लिए अन्य शहरों की दौड़ लगानी पड़ती है। जिले में कैंसर स्पेशलिटी हॉस्पिटल या विशेषज्ञ चिकित्सक न होने के कारण अधिकतर मामलों में समय से मरीजों में कैंसर की पहचान भी नहीं हो पाती है।
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जिले में इस साल 155 लोगों से वसूला जुर्माना
रामपुर। जिला तंबाकू नियंत्रण की टीम ने जिले में इस साल सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान रोकने के लिए चलाए गए अभियान में 155 लोगों से करीब 16 हजार रुपये का जुर्माना वसूला है। जिला तंबाकू नियंत्रण टीम के कोर्डिनेटर डॉ. शहजाद हसन ने बताया कि इस कार्रवाई के दौरान मानकों की अनदेखी कर तंबाकू पदार्थों की बिक्री करने पर 53 दुकानदारों से करीब दस हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया है। जबकि दो लोगों के खिलाफ तो एफआईआर भी कराई गई है।
क्या कहते हैं चिकित्सक :
-साल भर में औसतन सौ के करीब मरीज कैंसर से पीड़ित सामने आते हैं। इनमें सभी प्रकार के कैंसर रोगी होते हैं। मरीज के प्रारंभिक लक्षणों के आधार पर उसे कैंसर की जांच कराने की सलाह देते हैं। -डॉ. नितिन, ईएनटी
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कैंसर बीमारी के इलाज में जितनी गंभीरता की जरूरत है उतनी जरूरी इसके बारे में जागरूकता होना भी है। कैंसर से बचाव के लिए इसके दुष्प्रभावों की जानकारी और इसके प्रति जागरूक होना बेहद जरुरी है। लेकिन, लगातार जागरूकता अभियान चलने के बाद भी कैंसर रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों को प्रशिक्षण देने वाले मास्टर ट्रेनर डॉ. कुलदीप सिंह चौहान बताते हैं कि कैंसर से बचाव के लिए जागरूकता के लिए नुक्कड़ नाटक, स्कूलों में कार्यक्रमों का आयोजन समय-समय पर कराया जाता है। आशा वर्कर के द्वारा भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। चिकित्सकों की मानें तो पुरुषों को फेफड़ों, मुहं के कैंसर का जोखिम सबसे ज्यादा रहता है। इसका मुख्य कारण धूम्रपान और तंबाकू पदार्थों का सेवन करना है। लेकिन, मौजूदा समय में खाद्य पदार्थों में मिलावट भी कैंसर का कारण बन रही है।
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कैंसर का जिले में नहीं इलाज, चिकित्सकों के माध्यम से सिर्फ स्क्रीनिंग की सुविधा
रामपुर। जिले में कैंसर रोगियों के उपचार की सुविधा नहीं है। हालांकि चिकित्सक प्रारंभिक लक्षणों के आधार पर स्क्रीनिंग कर किसी भी आशंकित मरीज को कैंसर की जांच की सलाह देते हैं। लेकिन, मरीजों को जांच से उपचार तक के लिए अन्य शहरों की दौड़ लगानी पड़ती है। जिले में कैंसर स्पेशलिटी हॉस्पिटल या विशेषज्ञ चिकित्सक न होने के कारण अधिकतर मामलों में समय से मरीजों में कैंसर की पहचान भी नहीं हो पाती है।
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जिले में इस साल 155 लोगों से वसूला जुर्माना
रामपुर। जिला तंबाकू नियंत्रण की टीम ने जिले में इस साल सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान रोकने के लिए चलाए गए अभियान में 155 लोगों से करीब 16 हजार रुपये का जुर्माना वसूला है। जिला तंबाकू नियंत्रण टीम के कोर्डिनेटर डॉ. शहजाद हसन ने बताया कि इस कार्रवाई के दौरान मानकों की अनदेखी कर तंबाकू पदार्थों की बिक्री करने पर 53 दुकानदारों से करीब दस हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया है। जबकि दो लोगों के खिलाफ तो एफआईआर भी कराई गई है।
क्या कहते हैं चिकित्सक :
-साल भर में औसतन सौ के करीब मरीज कैंसर से पीड़ित सामने आते हैं। इनमें सभी प्रकार के कैंसर रोगी होते हैं। मरीज के प्रारंभिक लक्षणों के आधार पर उसे कैंसर की जांच कराने की सलाह देते हैं। -डॉ. नितिन, ईएनटी