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यूपी: पूर्व सीएम के लिए आपत्तिजनक टिप्पणी और आचार संहिता उल्लंघन में आजम खां पर तय हुए आरोप
Sat, 30 Oct 2021 06:54 PM IST
प्राची प्रियम
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Published by: प्राची प्रियम
Updated Sat, 30 Oct 2021 06:54 PM IST
सार
आजम खां के खिलाफ साल 2007 में विधानसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के लिए आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप तय हो गए हैं। उनके खिलाफ टांडा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।
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आजम खां
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
विधानसभा चुनावों के प्रचार के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी करने और आचार संहिता उल्लंघन के मामले में सपा सांसद आजम खां के खिलाफ कोर्ट में आरोप तय हो गए हैं।
मामला साल 2007 का है। विधानसभा चुनावों के प्रचार के दौरान आजम खां टांडा में जनसभा कर रहे थे। जनसभा के बाद बसपा नेता धीरज कुमार शील ने टांडा थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि आजम खां ने जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। जिससे दो वर्गों में दुश्मनी पैदा हो सकती है और शत्रुता बढ़ेगी। तहरीर के बाद पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। पुलिस ने विवेचना के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी।
अब यह मामला एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रहा है। शनिवार को कोर्ट में इस मामले में तारीख थी। शासकीय अधिवक्ता अरुण प्रकाश सक्सेना ने बताया कि कोर्ट ने इस मामले में आजम खां के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। इस मामले में अगली तारीख 11 नवंबर तय की गई है। जिसमें गवाही की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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सपा सरकार में मुकदमा वापसी का आया था आदेश
पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी करने के जिस मामले में कोर्ट ने सपा सांसद आजम खां के खिलाफ आरोप तय किए हैं। इस मामले में सपा सरकार में इस मुकदमे की वापसी की प्रक्रिया शुरू की गई थी। शासन ने राजनीतिक विद्वेष के चलते इस मुकदमे को दर्ज कराने की बात कहते हुए प्रशासन को यह मुकदमा वापस लेने का शासनादेश जारी किया था। जिसको मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में दाखिल किया गया था, लेकिन कोर्ट ने मुकदमा वापस नहीं किया था।
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मामला साल 2007 का है। विधानसभा चुनावों के प्रचार के दौरान आजम खां टांडा में जनसभा कर रहे थे। जनसभा के बाद बसपा नेता धीरज कुमार शील ने टांडा थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि आजम खां ने जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। जिससे दो वर्गों में दुश्मनी पैदा हो सकती है और शत्रुता बढ़ेगी। तहरीर के बाद पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। पुलिस ने विवेचना के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी।
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अब यह मामला एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रहा है। शनिवार को कोर्ट में इस मामले में तारीख थी। शासकीय अधिवक्ता अरुण प्रकाश सक्सेना ने बताया कि कोर्ट ने इस मामले में आजम खां के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। इस मामले में अगली तारीख 11 नवंबर तय की गई है। जिसमें गवाही की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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सपा सरकार में मुकदमा वापसी का आया था आदेश
पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी करने के जिस मामले में कोर्ट ने सपा सांसद आजम खां के खिलाफ आरोप तय किए हैं। इस मामले में सपा सरकार में इस मुकदमे की वापसी की प्रक्रिया शुरू की गई थी। शासन ने राजनीतिक विद्वेष के चलते इस मुकदमे को दर्ज कराने की बात कहते हुए प्रशासन को यह मुकदमा वापस लेने का शासनादेश जारी किया था। जिसको मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में दाखिल किया गया था, लेकिन कोर्ट ने मुकदमा वापस नहीं किया था।