Rampur: धार्मिक स्थल पर युवती से मुलाकात, फिर होने लगी फोन पर बात, शादी का झांसा देकर सामूहिक दुष्कर्म
रामपुर में युवक ने शादी का झांसा देकर युवती को एक स्थान पर बुलाया। इसके बाद दोस्तों के साथ मिलकर सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। दोनों की मुलाकात एक धार्मिक स्थल पर हुई थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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धार्मिक स्थल पर हुई मुलाकात के बाद युवती की युवक से नजदीकियां बढ़ गईं। शादी का झांसा देकर युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। शाहबाद कोतवाली क्षेत्र निवासी युवती ने बताया कि करीब ढाई वर्ष पूर्व वह रामपुर के एक धार्मिक स्थल पर गई थी।
वहां उसकी मुलाकात पटवाई थाना क्षेत्र के दलपुरा गांव निवासी इरशाद उर्फ शेरू से हुई थी। मुलाकात के बाद युवती की युवक के साथ नजदीकियां बढ़ने लगीं और फोन पर बात होने लगी। आरोप है कि युवक ने युवती को शादी का झांसा देकर लक्खी बाग में बुला लिया और दुष्कर्म किया।
इसके बाद उसने कई बार दुष्कर्म किया। 10 मई को आरोपी ने युवती को कोर्ट मैरिज करने का झांसा देकर रामपुर बुलाया। युवती कुछ अभिलेख लेकर रामपुर पहुंच गई। रात होने पर आरोपी युवती को अपने तीन साथियों के साथ एक अनजान जगह ले गया, जहां चार लोगों ने युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
विरोध करने पर आरोपियों ने युवती को जान से मारने का भी प्रयास किया। घटना के बाद एक आरोपी इमदाद कार से अजीतपुर बस अड्डे से कुछ दूर पहले युवती को छोड़कर भाग गया। पीड़ित युवती की तहरीर पर पुलिस ने इरशाद उर्फ शेरू, सुल्तान, इमदाद और साबिर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बरात में छेड़खानी, दो पक्षों में मारपीट
बिलासपुर कोतवाली क्षेत्र के खेमपुर गांव में शादी में बरात चढ़त के दौरान दूल्हा-दुल्हन पक्ष के बीच कहासुनी हो गई। जयमाल से पहले दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। इसमें दूल्हा समेत दोनों पक्षों के छह लोग घायल हो गए। पुलिस और ग्रामीणों ने विवाद शांत कराया।
चकफेरी निवासी एक युवक की बरात शनिवार शाम कोतवाली क्षेत्र के खेमपुर गांव गई थी। ग्रामीणों के अनुसार, रात करीब दस बजे बरात चढ़त के दौरान किसी युवक ने महिला से छेड़खानी कर दी। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। बाद में जयमाल से पहले फिर विवाद ने तूल पकड़ लिया।
मारपीट में गंभीर रूप से घायल हुए दूल्हा पक्ष के जितेन्द्र, सोनू व अंकित का सीएचसी में उपचार कराया गया। दूल्हा समेत तीन अन्य भी चोटिल हो गए। विवाद इतना बढ़ गया कि दूल्हा पक्ष ने दुल्हन ले जाने से इनकार कर दिया। पंचायत व मान-मनौव्वल के बाद दुल्हन की विदाई हो सकी।