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Rampur News: पूर्व डीजीसी से धोखाधड़ी, निदेशक-प्रबंधक पर केस
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स्वार। पूर्व डीजीसी राजस्व विजय स्वरूप सक्सेना ने राजस्थान के उदयपुर स्थित अमृतांजलि आयुर्वेद कंपनी पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए उसके निदेशक शिवम पटेल और प्रबंधक डॉ. दिग्विजय सिंह के खिलाफ केस दर्ज कराया है। आरोप है कि कंपनी ने एग्रीमेंट के बावजूद काली हल्दी का बीज देकर उत्पाद न उठाने की धोखाधड़ी की है।
पूर्व डीजीसी राजस्व, स्वार कोतवाली क्षेत्र के मानपुर उत्तरी गांव के रहने वाले हैं। उनका कहना है कि अमृतांजलि आयुर्वेद प्रा. लिमिटेड कंपनी उदयपुर (राजस्थान) के साथ वर्ष 2023-24 व 2024-25 में बॉय ब्लैक नियमों के तहत काली हल्दी की खेती के लिए एग्रीमेंट किया गया था। कंपनी ने बीज उपलब्ध कराया और उपज खरीदने का वायदा किया।
उन्होंने एक एकड़ खेत में 3200 किलो बीज बोया, इससे 1290 किलो उत्पादन हुआ। कंपनी ने इसका भुगतान 200 रुपये प्रति किलो की दर से किया और 25% बीज की राशि 10,5000 एडजस्ट की। इसके बाद वर्ष 2024-25 में कंपनी ने दो एकड़ में फसल लगाने का आश्वासन दिया।
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मई 2025 में कंपनी प्रतिनिधि ने एक एकड़ का 1575 किलो उत्पाद ले लिया। फिर 1010 किलो भी उठाया। बाद में 2505 किलो काली हल्दी तैयार होने पर 12 जून 2025 को ईमेल द्वारा सूचित किया गया, परंतु कंपनी ने जानबूझकर उत्पाद नहीं उठाया।
पूर्व डीजीसी का आरोप है कि कंपनी ने अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन कर 25% बीज राशि 1,05000 सिर्फ एक एकड़ की फसल में ही एडजस्ट कर दी और शेष उत्पाद नहीं खरीदकर उन्हें लगभग 5,01000 का आर्थिक नुकसान पहुंचाया।
एसपी ने कोतवाली स्वार पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश कर दिया, जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने कंपनी के निदेशक और प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरु कर दी है। कोतवाल प्रदीप मलिक ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच के बाद जो तथ्य सामने आएंगे उसके अंतर्गत अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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पूर्व डीजीसी राजस्व, स्वार कोतवाली क्षेत्र के मानपुर उत्तरी गांव के रहने वाले हैं। उनका कहना है कि अमृतांजलि आयुर्वेद प्रा. लिमिटेड कंपनी उदयपुर (राजस्थान) के साथ वर्ष 2023-24 व 2024-25 में बॉय ब्लैक नियमों के तहत काली हल्दी की खेती के लिए एग्रीमेंट किया गया था। कंपनी ने बीज उपलब्ध कराया और उपज खरीदने का वायदा किया।
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उन्होंने एक एकड़ खेत में 3200 किलो बीज बोया, इससे 1290 किलो उत्पादन हुआ। कंपनी ने इसका भुगतान 200 रुपये प्रति किलो की दर से किया और 25% बीज की राशि 10,5000 एडजस्ट की। इसके बाद वर्ष 2024-25 में कंपनी ने दो एकड़ में फसल लगाने का आश्वासन दिया।
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मई 2025 में कंपनी प्रतिनिधि ने एक एकड़ का 1575 किलो उत्पाद ले लिया। फिर 1010 किलो भी उठाया। बाद में 2505 किलो काली हल्दी तैयार होने पर 12 जून 2025 को ईमेल द्वारा सूचित किया गया, परंतु कंपनी ने जानबूझकर उत्पाद नहीं उठाया।
पूर्व डीजीसी का आरोप है कि कंपनी ने अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन कर 25% बीज राशि 1,05000 सिर्फ एक एकड़ की फसल में ही एडजस्ट कर दी और शेष उत्पाद नहीं खरीदकर उन्हें लगभग 5,01000 का आर्थिक नुकसान पहुंचाया।
एसपी ने कोतवाली स्वार पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश कर दिया, जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने कंपनी के निदेशक और प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरु कर दी है। कोतवाल प्रदीप मलिक ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच के बाद जो तथ्य सामने आएंगे उसके अंतर्गत अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।