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अंतिम शासक के बेटे का नाम खतौनी से हटवाकर कब्जा ली सैकड़ों बीघा जमीन
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रामपुर। रियासत के अंतिम शासक नवाब रजा अली खां के बेटे नवाबजादा सैयद आबिद अली खां की ताशका गांव स्थित 12.8860 हेक्टेयर जमीन उनके इंतकाल के बाद खतौनी में हेरफेर कर कब्जा ली गई है। ऐसी शिकायत
पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने जिलाधिकारी से की है।
अंतिम शासक के पौत्र पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने मंगलवार को जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह को कुछ दस्तावेज सौंपे हैं, जिसमें उन्होंने कहा है कि उनके चाचा आबिद अली खां की ताशका गांव में 12.8860 हेक्टेयर जमीन है। यह उनका निजी बाग और काश्त की जमीन थी। आबिद अली खां की शादी 1964 में वेस्ट जर्मनी की राजधानी बोन में हुई थी। तब वह जर्मनी चले गए थे। मार्च 1968 में वह भारत लौटे और जुलाई 1968 में उनका रामपुर में ही इंतकाल हो गया। उनका परिवार अभी भी जर्मनी में रहता है। उनका कहना है कि मेरे वालिद नवाब जुल्फिकार अली खां उर्फ मिक्की मियां ने ठेके पर और देखभाल के लिए कुछ लोगों को दी थी। उनका आरोप है कि आबिद अली खां के नाम दर्ज जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है। नवाब काजिम अली खां ने कहा है कि 1346 फसली से ही उक्त जमीन राजस्व अभिलेखों में उनके दादा और चाचा के नाम दर्ज चली आ रही है। यह नॉन जेड ए-1 श्रेणी जमीन है। मुहाफिजखाना के रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि अवैध रूप से अपने नाम दर्ज कराकर यह सैकड़ों बीघा जमीन कब्जाई गई है और अब शहर से सटी इस पर प्लाटिंग कर बिक्री की कोशिश की जा रही है। उन्होंने जिलाधिकारी से खतौनी में अवैध रूप से दर्ज नाम राजस्व रिकॉर्ड से खारिज किए जाने की मांग की है।
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पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने जिलाधिकारी से की है।
अंतिम शासक के पौत्र पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने मंगलवार को जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह को कुछ दस्तावेज सौंपे हैं, जिसमें उन्होंने कहा है कि उनके चाचा आबिद अली खां की ताशका गांव में 12.8860 हेक्टेयर जमीन है। यह उनका निजी बाग और काश्त की जमीन थी। आबिद अली खां की शादी 1964 में वेस्ट जर्मनी की राजधानी बोन में हुई थी। तब वह जर्मनी चले गए थे। मार्च 1968 में वह भारत लौटे और जुलाई 1968 में उनका रामपुर में ही इंतकाल हो गया। उनका परिवार अभी भी जर्मनी में रहता है। उनका कहना है कि मेरे वालिद नवाब जुल्फिकार अली खां उर्फ मिक्की मियां ने ठेके पर और देखभाल के लिए कुछ लोगों को दी थी। उनका आरोप है कि आबिद अली खां के नाम दर्ज जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है। नवाब काजिम अली खां ने कहा है कि 1346 फसली से ही उक्त जमीन राजस्व अभिलेखों में उनके दादा और चाचा के नाम दर्ज चली आ रही है। यह नॉन जेड ए-1 श्रेणी जमीन है। मुहाफिजखाना के रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि अवैध रूप से अपने नाम दर्ज कराकर यह सैकड़ों बीघा जमीन कब्जाई गई है और अब शहर से सटी इस पर प्लाटिंग कर बिक्री की कोशिश की जा रही है। उन्होंने जिलाधिकारी से खतौनी में अवैध रूप से दर्ज नाम राजस्व रिकॉर्ड से खारिज किए जाने की मांग की है।
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