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शाहबाद में हादसे के बाद बवाल, लाठीचार्ज, फायरिंग और पथराव
अमर उजाला ब्यूरो/ रामपुर
Updated Wed, 12 Sep 2018 12:39 AM IST
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महेंद्र का फाइल फोटो।
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हादसे में मजदूर की मौत के बाद आरोपी चालक की गिरफ्तारी करने की मांग करने वाले लोगों को पुलिस ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। विरोध में ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। पथराव में एक दरोगा समेत कई पुलिस कर्मी घायल हो गए। पुलिस ने इस बीच हंगामा और पथराव कर रहे बीस लोगों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। घटना के बाद गांव में तनाव बना हुआ है। मौके पर पुलिस अफसरों ने डेरा डाल लिया है। पुलिस ने अभी मामले की रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।
नगर के मुहल्ला भीतरगांव निवासी महेंद्र (35) और शिव नरायण (30) मंगलवार की सुबह करीब साढ़े आठ बजे एक ही साइकिल पर सवार होकर मंगोली से शाहबाद मजदूरी करने जा रहे थे। शाहबाद- बिलारी मार्ग पर मंगोली गांव से निकलते ही सैफनी की तरफ से उनके पीछे आ रही सब्जी भरी तेज रफ्तार डीसीएम ने उनकी साइकिल में टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही दोनों मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। किसी ने फोन कर कोतवाली पुलिस को घटना की जानकारी दी। जब तक पुलिस मौके पर पहुंची तब तक डीसीएम चालक गाड़ी छोड़कर फरार हो गया।
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पुलिस ने तत्काल दोनों घायल मजदूरों को शाहबाद ले जाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। दोनों की हालत गंभीर देख डाक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। रामपुर ले जाते समय महेंद्र की मौत हो गई। महेंद्र की मौत की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीण भड़क गए और शाहबाद- बिलारी मार्ग पर स्थित मंगोली गांव जा पहुंचे और उन्होंने मंगोली गांव के चौराहे पर जाम लगाते हुए डीसीएम चालक को गिरफ्तार किए जाने व मृतक के परिजनों को मुआवजा दिए जाने की मांग करनी शुरू कर दी।
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जाम लगते ही शाहबाद बिलारी मार्ग पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। जाम लगते ही पुलिस ने मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी तो कुछ ही देर में सीओ मिलक नरेंद्र पाल सिंह व उपजिलाधिकारी घनश्याम त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और उन्होंने जाम लगाए बैठे ग्रामीणों से जाम खोलने को कहा लेकिन ग्रामीण बिना डीसीएम चालक को गिरफ्तार किए तथा मृतक के परिजनों को बिना मुआवजा मिले जाम खोलने को तैयार नहीं हुए। इस दौरान एसडीएम और सीओ की कई बार जाम लगाए बैठे ग्रामीणों से तीखी नोकझोंक भी हुई। जाम खोलने को कहने पर गुस्साई मृतक की बहन ने सीओ और एसडीएम को खरी खोटी सुना डाली।
मृतक की बहन के सीओ से भिड़ते ही पुलिस कर्मी झल्ला उठे और उन्होंने एक तरफ से लाठी चार्ज करते हुए जाम लगाकर बैठे लोगों को पीटना शुरू कर दिया। पुलिस को लाठीचार्ज करते देख ग्रामीण भी भड़क गए और उन्होंने मोर्चा संभालते हुए पथराव करना शुरू कर दिया। ग्रामीणों के पथराव करते ही पुलिस के पैर उखड़ गए और पुलिस कर्मी पीछे को भाग खड़े हुए। इस दौरान दरोगा धर्मपाल भीड़ के बीच फंस गया। जिन्हें भीड़ ने पत्थर मारकर घायल कर दिया।
दरोगा धर्मपाल को भीड़ में फंसा देख सीओ ने पुलिस कर्मियों को खरी खोटी सुनाते हुए भीड़ को खदेड़ने के आदेश दिए। सीओ का आदेश मिलते ही दोबारा से पुलिस कर्मी ग्रामीणों के पीछे दौड़ पड़े और हवाई फायरिंग कर ग्रामीणों को दौड़ा लिया। इसके बाद पुलिस ने मंगोली में ग्रामीणों के घरों में घुस घुस कर ग्रामीणों को घरों से खींच खींच कर जमकर पीटा और करीब बीस ग्रामीणों को पीटते हुए पुलिस अपनी गाड़ियों में डालकर अज्ञात स्थानों पर ले गई।
सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे एडीएम प्रशासन उमेश कुमार मंगला व एएसपी सुधा सिंह ने मंगोली गांव पहुंचकर जाम हटवाने के दौरान पुलिस पर पथराव करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए।