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Rampur News: छात्राओं के भविष्य को लेकर संशय बरकरार
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रामपुर। शिक्षा विभाग की जमीन पर संचालित हो रहे आजम खां के रामपुर पब्लिक स्कूल (गर्ल्स विंग) को शुक्रवार को खाली करा लिया गया। शिक्षा विभाग ने स्कूल को खाली करने के लिए सात दिन की मोहलत दी थी। अब ऐसे में इसमें पढ़ने वाली छात्राओं के भविष्य पर सवाल खड़ा हो गया है, क्योंकि प्रशासन ने स्कूल तो खाली करा लिया मगर बच्चों की पढ़ाई को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
प्रदेश सरकार ने जौहर ट्रस्ट की ओर से पुराने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के स्थान पर संचालित हो रहे रामपुर पब्लिक स्कूल को खाली करने का निर्णय लिया था। जिसके क्रम में जिला विद्यालय निरीक्षक ने दो नवंबर को स्कूल के गेट पर नोटिस चस्पा कर इसे सात दिन में खाली करने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद से इसमें पढ़ने वाली 638 छात्राओं की पढ़ाई को लेकर सवाल खड़ा हो गया। छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग छात्राओं को दूसरे स्कूल में शिफ्ट करने की तैयारी में था।
पांच नवंबर को जिला विद्यालय निरीक्षक मुन्ने अली और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजीव कुमार ने अभिभावकों संग वार्ता की थी। जिसमें अभिभावकों का कहना था कि शैक्षिक सत्र पूरा होने तक बच्चों को इसी स्कूल में पढ़ने दिया जाए। जिसके बाद से प्रशासन और शिक्षा विभाग छात्राओं के भविष्य पर कोई निर्णय नहीं ले पाया। शुक्रवार को नोटिस का समय पूरा होने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक मुन्ने अली स्कूल पहुंचे और स्कूल को खाली करा दिया। इससे पहले कुछ छात्राएं भी स्कूल पहुंचीं थी जिनको 12 बजे के करीब वापस लौटा दिया गया।
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इसके बाद स्कूल प्रशासन बेंच और अन्य समान ट्राॅलियों में यहां से भरकर ले गए। तीन बजे जिला विद्यालय निरीक्षक, उप जिलाधिकारी सदर सहित तमाम अधिकारियों की मौजूदगी में स्कूल में ताला जड़ दिया गया। छात्राओं की आगे की पढ़ाई को लेकर प्रशासन या शिक्षा विभाग अब तक कोई निर्णय नहीं ले पाया है। इस स्कूल में कक्षा एक से आठ तक की सीबीएसई बोर्ड की कक्षाएं लगती थीं। इस मसले पर अधिकारी कुछ भी कहने से बचते नजर आ रहे हैं।
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मायूस होकर लौटीं छात्राएं, अभिभावक भी दिखे परेशान
शुक्रवार को स्कूल में कुछ छात्राएं पहुंची थीं। इनको स्कूल में किताबें देने के लिए बुलाया गया था। इनकी नोट बुक भी जमा कराई गई थीं। इनके साथ में स्कूल में कुछ अभिभावक भी पहुंचे। स्कूल बंद होने का पता चलने पर मायूस होकर सभी लौट गए।
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हर कमरे पर लगा ताला, रही कड़ी सुरक्षा
जिला विद्यालय निरीक्षक की मौजूदगी में हर क्लासरूम में ताले लगाकर उसको सील किया गया। इससे पहले स्कूल प्रशासन यहां से बेंच आदि सामान ले जा चुका था। कार्रवाई के दौरान तोपखाना रोड छावनी में तब्दील रही। यहां पर पुलिस काफी संख्या में तैनात थी। बड़े वाहनों को इधर से गुजरने भी नहीं दिया गया। इसके अलावा संदिग्ध दिख रहे लोगों को रोककर पुलिस ने उनसे पूछताछ भी की।
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बोली प्रधानाचार्या
-स्कूल को खाली कर दिया गया है। सामान को जगह-जगह शिफ्ट किया गया है। बच्चें कहां पढ़ेंगे और कैसे पढ़ेंगे इसको लेकर अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। प्रशासन से इस सत्र को पूरा करने का समय मांगा था, लेकिन नहीं मिला।
अजरा नाज खां, प्रधानाचार्या, रामपुर पब्लिक स्कूल।
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छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। इसको लेकर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। इनको दूसरे किसी स्कूल में शिफ्ट किए जाने की तैयारी की जा रही है।
-- -मुन्ने अली, जिला विद्यालय निरीक्षक।
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प्रदेश सरकार ने जौहर ट्रस्ट की ओर से पुराने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के स्थान पर संचालित हो रहे रामपुर पब्लिक स्कूल को खाली करने का निर्णय लिया था। जिसके क्रम में जिला विद्यालय निरीक्षक ने दो नवंबर को स्कूल के गेट पर नोटिस चस्पा कर इसे सात दिन में खाली करने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद से इसमें पढ़ने वाली 638 छात्राओं की पढ़ाई को लेकर सवाल खड़ा हो गया। छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग छात्राओं को दूसरे स्कूल में शिफ्ट करने की तैयारी में था।
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पांच नवंबर को जिला विद्यालय निरीक्षक मुन्ने अली और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजीव कुमार ने अभिभावकों संग वार्ता की थी। जिसमें अभिभावकों का कहना था कि शैक्षिक सत्र पूरा होने तक बच्चों को इसी स्कूल में पढ़ने दिया जाए। जिसके बाद से प्रशासन और शिक्षा विभाग छात्राओं के भविष्य पर कोई निर्णय नहीं ले पाया। शुक्रवार को नोटिस का समय पूरा होने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक मुन्ने अली स्कूल पहुंचे और स्कूल को खाली करा दिया। इससे पहले कुछ छात्राएं भी स्कूल पहुंचीं थी जिनको 12 बजे के करीब वापस लौटा दिया गया।
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इसके बाद स्कूल प्रशासन बेंच और अन्य समान ट्राॅलियों में यहां से भरकर ले गए। तीन बजे जिला विद्यालय निरीक्षक, उप जिलाधिकारी सदर सहित तमाम अधिकारियों की मौजूदगी में स्कूल में ताला जड़ दिया गया। छात्राओं की आगे की पढ़ाई को लेकर प्रशासन या शिक्षा विभाग अब तक कोई निर्णय नहीं ले पाया है। इस स्कूल में कक्षा एक से आठ तक की सीबीएसई बोर्ड की कक्षाएं लगती थीं। इस मसले पर अधिकारी कुछ भी कहने से बचते नजर आ रहे हैं।
मायूस होकर लौटीं छात्राएं, अभिभावक भी दिखे परेशान
शुक्रवार को स्कूल में कुछ छात्राएं पहुंची थीं। इनको स्कूल में किताबें देने के लिए बुलाया गया था। इनकी नोट बुक भी जमा कराई गई थीं। इनके साथ में स्कूल में कुछ अभिभावक भी पहुंचे। स्कूल बंद होने का पता चलने पर मायूस होकर सभी लौट गए।
हर कमरे पर लगा ताला, रही कड़ी सुरक्षा
जिला विद्यालय निरीक्षक की मौजूदगी में हर क्लासरूम में ताले लगाकर उसको सील किया गया। इससे पहले स्कूल प्रशासन यहां से बेंच आदि सामान ले जा चुका था। कार्रवाई के दौरान तोपखाना रोड छावनी में तब्दील रही। यहां पर पुलिस काफी संख्या में तैनात थी। बड़े वाहनों को इधर से गुजरने भी नहीं दिया गया। इसके अलावा संदिग्ध दिख रहे लोगों को रोककर पुलिस ने उनसे पूछताछ भी की।
बोली प्रधानाचार्या
-स्कूल को खाली कर दिया गया है। सामान को जगह-जगह शिफ्ट किया गया है। बच्चें कहां पढ़ेंगे और कैसे पढ़ेंगे इसको लेकर अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। प्रशासन से इस सत्र को पूरा करने का समय मांगा था, लेकिन नहीं मिला।
अजरा नाज खां, प्रधानाचार्या, रामपुर पब्लिक स्कूल।
छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। इसको लेकर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। इनको दूसरे किसी स्कूल में शिफ्ट किए जाने की तैयारी की जा रही है।