{"_id":"582caea24f1c1b55369000d7","slug":"doctors-strike-in-rampur","type":"story","status":"publish","title_hn":"आधे दिन की हड़ताल पर रहे डॉक्टर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आधे दिन की हड़ताल पर रहे डॉक्टर
अमर उजाला ब्यूरो/ रामपुर
Updated Thu, 17 Nov 2016 12:38 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर डाक्टरों के क्लीनिक आधे दिन के लिए बंद रखे गए। इस दौरान डाक्टरों ने सत्याग्रह आंदोलन के जरिए एडीएम को ज्ञापन दिया,जिसमें प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति से डाक्टरों की समस्याओं का समाधान कराने की मांग रखी। कहा कि क्लीनिकों पर होने वाली हिंसा की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानून बनाया जाया जाना चाहिए।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय आह्वान पर विभिन्न मुद्दों को लेकर जिले भर के सभी डाक्टरों के क्लीनिक बुधवार को बंद रहे। कई नर्सिंग होम में भी डाक्टर नही बैठे,जिससे मरीजों को काफी दिक्कत हुई। आईएमए से जुड़े सभी डाक्टरों की मीटिंग साहनी लायंस अस्पताल में हुई,जिसमें डाक्टरों ने अपनी समस्याएं उठाई। खासतौर से डाक्टरों ने क्लीनिकों में होनेवाली हिंसा को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग रखी। कहा कि इसको लेकर सरकार कड़ा अधिनियम बनाए। किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
विज्ञापन
डाक्टरों ने एलौपैथिक दवाइयां लिखने का का अधिकार देने की भी मांग रखी। एसोसिएशन के अध्यक्ष डा.विशेष कुमार ने सभी डाक्टरों से एक जुट होकर सत्याग्रह के आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया। इसके बाद डाक्टरों का शिष्टमंडल कलेक्ट्रेट पहुंचा,जहां एडीएम दफ्तर में ज्ञापन दिया। राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन भेजकर एनएमसी रो रोकने और आईएमसी एक्ट को संशोधित करने की मांग रखी गई। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत भरे जाने वाले हर्जाना की सीमा तय करने की मांग रखी।
विज्ञापन
इस दौरान आईएमए के सचिव डा.नितिन कुमार ने आभार व्यक्त किया। इस मौके पर डा. पीके पुरोहित, डा. मोहम्मद असलम, डा. टीएन गुप्ता, डा. विक्रम लाल, डा.एचके मित्रा, डा. आरिफ सिद्दीकी, डा. हिमांशु गुप्ता, डा.राजन माथुर, डा.राजीव अग्रवाल, डा.प्रदीप कुमार, डा. शहाबुद्दीन खां, डा.अनिल कुमार, डा.अनिल जैन, डा.प्रतिभा गुप्ता, डा.एसके जैन रहे।