फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Rampur News ›   The hearing in the case involving Udhayanidhi Stalin and Priyank Kharge will be held on September 3.

Rampur News: उदयनिधि स्टालिन और प्रियांक खड़गे के मामले में तीन सितंबर को होगी सुनवाई

Wed, 26 Aug 2026 01:07 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर Updated Wed, 26 Aug 2026 01:07 AM IST
विज्ञापन
The hearing in the case involving Udhayanidhi Stalin and Priyank Kharge will be held on September 3.
रामपुर। सनातन धर्म पर विवादित बयान देने के मामले में तमिलनाडु के पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन और कर्नाटक सरकार में गृहमंत्री प्रियांक खड़गे के मुकदमे की विवेचना संबंधित राज्यों के पुलिस मुख्यालयों को स्थानांतरित करने के मामले में लोअर कोर्ट से रिकॉर्ड न आने के कारण मंगलवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले में तीन सितंबर को सुनवाई होगी।
विज्ञापन

शहर के दो वरिष्ठ अधिवक्ताओं राम सिंह लोधी और हर्ष गुप्ता ने तीन साल पहले एसपी से शिकायत की थी। दोनों अधिवक्ताओं का कहना था कि चार सितंबर 2023 को उदयनिधि स्टालिन का भाषण अंग्रेजी समाचार पत्र में प्रकाशित हुआ। इसमें उन्होंने सनातन धर्म की तुलना डेंगू, मलेरिया व कोरोना से करते हुए कहा कि जिस प्रकार इन बीमारियों का नाश किया जा रहा है, उसी प्रकार सनातन धर्म का भी नाश आवश्यक है। अगले दिन एक हिंदी राष्ट्रीय समाचार पत्र में प्रियांक खड़गे द्वारा स्टालिन के भाषण का समर्थन करते हुए समाचार प्रकाशित हुआ।
विज्ञापन

इस तरह का समाचार पढ़कर हमारी भावनाओं को अत्याधिक आघात पहुंचा है। स्टालिन द्वारा धर्म के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता व समप्रवर्तन और सौहार्द पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला कृत्य किया गया है। यह जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आशय से किया गया है। अधिवक्ताओं की शिकायत पर दोनों मंत्रियों के खिलाफ सिविल लाइंस कोतवाली में धारा 153 ए व 295 ए आईपीसी के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस मुकदमे की जांच न्यायालय की निगरानी में की जा रही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

बावजूद इसके पुलिस अधिकारियों ने विवेचना संबंधित राज्यों के मुख्यालयों को स्थानांतरित कर दी थी। इसकी जानकारी शिकायतकर्ताओं को नहीं दी गई। अब शिकायतकर्ताओं ने एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) में प्रार्थना पत्र देकर इस पर सवाल उठाए, जिसके बाद न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब तलब किया है।

अधिवक्ता हर्ष गुप्ता के अनुसार इस मामले की मंगलवार को सुनवाई थी, लेकिन एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) से रिकॉर्ड न आने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले की सुनवाई तीन सितंबर को होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed