फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Rampur News ›   demand of wkf inspector

वक्फ इंस्पेक्टर के सभी पद खाली कैसे होगी संपत्तियों की जांच

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 23 Sep 2022 12:33 AM IST
सार

इसके लिए शासन ने वर्ष 1989 के बाद वक्फ में शामिल भू संपत्तियों व जमीनों का सर्वे व परीक्षण कराकर एक माह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। जिले में सबसे बड़ा संकट यह है कि यहां वक्फ इंस्पेक्टर के छह पद स्वीकृत है, लेकिन सभी खाली पड़े हुए हैं। शासन की ओर से वक्फ संपत्तियों की जांच का आदेश तो प्राप्त हो गया है, लेकिन सबसे बड़ी दिक्कत स्टाफ की कमी को लेकर आ रही है।

विज्ञापन
demand of wkf inspector

विस्तार

रामपुर। वक्फ संपत्तियों में शामिल बंजर, भीटा, ऊसर आदि सार्वजनिक जमीन को अब वक्फ के घेरे से बाहर निकालकर जन उपयोगी कार्य में इस्तेमाल लाया जा सकेगा। इसके लिए शासन ने वर्ष 1989 के बाद वक्फ में शामिल भू संपत्तियों व जमीनों का सर्वे व परीक्षण कराकर एक माह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। जिले में सबसे बड़ा संकट यह है कि यहां वक्फ इंस्पेक्टर के छह पद स्वीकृत है, लेकिन सभी खाली पड़े हुए हैं। जिले में 3021 वक्फ संपत्तियां हैं। इन सभी का एक महीने के अंदर सर्वे के लिए लेखपालों की सहायता लेनी पड़ेगी।
विज्ञापन

सात अप्रैल 1989 को तत्कालीन सरकार ने एक आदेश जारी करके सामान्य संपत्ति बंजर, भीटा, ऊसर आदि भूमि का इस्तेमाल वक्फ में करने का आदेश जारी किया था। इसमें स्पष्ट किया गया था कि कब्रिस्तान, मस्जिद, ईदगाह आदि यदि सार्वजनिक जमीनों पर हैं तो उस जमीन को वक्फ संपत्ति के रूप में ही दर्ज किया जाएगा।
विज्ञापन

इस आदेश के बाद बंजर, भीटा, ऊसर भूमि भी वक्फ संपत्ति के बतौर दस्तावेजों में दर्ज कर ली गई थी। प्रदेश सरकार ने अब इन संपत्तियों के स्वरूप अथवा प्रबंधन में किए गए परिवर्तन से जुड़े शासनादेश को राजस्व कानून के विपरीत घोषित करके 33 साल पुराने आदेश को निरस्त करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वर्तमान समय में जिले में 3012 वक्फ संपत्तियां हैं, जिसमें से 3012 सुन्नी और 09 शिया अवकाफ है। रामपुर में पूर्व में नवाबों का शासन रहा है। रियासत के भारतीय गणराज्य में विलय के वक्त नवाब ने ढेर सारी संपत्तियों को वक्फ कर दिया था। शासन की ओर से वक्फ संपत्तियों की जांच का आदेश तो प्राप्त हो गया है, लेकिन सबसे बड़ी दिक्कत स्टाफ की कमी को लेकर आ रही है। जिले में वक्फ इंपेक्टर के सभी पद लंबे समय से खाली पड़े हुए हैं। इसको लेकर शासन से भी पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन अभी की तैनाती नहीं हुई है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी जीशान मलिक का कहना है कि तात्कालिक समय सरकार के निर्देश के बाद जिले में किस बंजर, भीटा और ऊसर भूमि को वक्फ संपत्ति घोषित किया गया था। इसकी पूरी तस्वीर जांच के बाद ही सामने आएगी। वैसे वक्फ संपत्तियों का सर्वे प्रति वर्ष होता है। वक्फ संपत्तियों की जीओ टैगिंग भी कराई जा रही है। सबसे बड़ी समस्या स्टाफ की कमी को लेकर आती है। इसको लेकर तहसील कर्मचारियों की सहायता लेनी पड़ती है। वक्फ संपत्तियों को लेकर शिकायतें भी आती रहती हैं, इनके निस्तारण के लिए लेखपालों की मदद लेनी पड़ती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed